एटा का सैनिक पड़ाव चुनावों में अब तक कई इतिहास रच चुका है। हर चुनाव में भीड़ के नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। 2019 के लोकसभा चुनाव में सैनिक पड़ाव एक और इतिहास रचने जा रहा है। आज जब नरेंद्र मोदी इस मैदान से जनसभा को संबोधित करेंगे तो वो पल ऐतिहासिक होगा। मोदी पहले प्रधानमंत्री होंगे जो एटा की धरती से प्रधानमंत्री के रूप में संबोधित करेंगे। अब तक किसी भी राजनेता ने प्रधानमंत्री रहते यहां जनसभा नहीं की है। वहीं एटा में मतदान और मोदी के रैली को लेकर अजब संयोग भी बन रहा है।
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अटल के मंच पर थे तत्कालीन सीएम कल्याण
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
वहीं प्रधानमंत्री मोदी की 2014 और 2019 की रैली के कार्यक्रम को गौर से देखें तो अजब संयोग दिखेगा। पांच वर्ष जब एटा लोकसभा क्षेत्र में मतदान था तो वो तारीख 24 अप्रैल थी, जबकि मोदी 21 को एटा आए थे। इस बार 2019 के चुनाव के लिए 23 अप्रैल को मतदान है तो पीएम मोदी 20 अप्रैल को एटा आ रहे हैं। साफ है कि जनसभा और मतदान के दिन में एक दिन कम हुआ तो मोदी की जनसभा में भी एक ही दिन घटा।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
- फोटो : ANI
यूं तो जिले में आने वाले नेताओं में पूर्व प्रधानमंत्री के रूप में 1979 में इंदिरा गांधी, 1991 में राजीव गांधी, चंद्रशेखर, विश्वनाथ प्रताप सिंह भी आए। वहीं नौ अप्रैल 1996 में अटल बिहारी वाजपेयी भी एटा आए थे। 21 अप्रैल 1914 को नरेंद्र मोदी भी यहां आ चुके हैं लेकिन उस समय वो गुजरात के मुख्यमंत्री थे।
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सैनिक पड़ाव मैदान में बना पंडाल
- फोटो : अमर उजाला
तत्कालीन भाजपा जिलाध्यक्ष सुरेंद्र गुप्ता ने बताया कि नौ अप्रैल 1996 में अटल बिहारी वाजपेयी ने यहां प्रधानमंत्री बनने से पहले चुनावी सभा को संबोधित किया था। मंच उनके साथ यूपी के तत्कालीन मुख्यमंत्री कल्याण सिंह मौजूद थे। यह पहला मौका होगा कि वर्तमान प्रधानमंत्री और वर्तमान मुख्यमंत्री एक साथ एटा के सैनिक पड़ाव पर मंच से जनसभा को संबोधित करेंगे।
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सैनिक पड़ाव मैदान में बनाया गया मोदी के लिए मंच
- फोटो : अमर उजाला
शहर के सैनिक पड़़ाव मैदान में प्रधानमंत्री मोदी की रैली होगी। इसमें रिकार्ड भीड़ जुटने का अनुमान है। पार्टी नेताओं का दावा है कि दो से ढाई लाख भीड़ मोदी को सुनने आएगी। इसके चलते शहर का सबसे बड़ा पड़ाव मैदान भी कहीं छोटा न पड़ जाए, इसकी भी चिंता है।