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लोकसभा चुनाव 2019: इस सीट पर डिंपल यादव की हार ने सैफई परिवार को दिया था बड़ा झटका

Sat, 16 Mar 2019 04:34 PM IST
Vikas Kumar दीपक जैन, अमर उजाला, फिरोजाबाद
दीपक जैन, अमर उजाला, फिरोजाबाद Published by: Vikas Kumar Updated Sat, 16 Mar 2019 04:34 PM IST
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lok sabha elections 2019 dimple yadav defeated by rajbabbar from firozabad seat
डिंपल यादव (फाइल)
फिरोजाबाद सीट पर 2009 के उपचुनाव में सैफई परिवार की बहू डिंपल यादव की हार की कसक अब तक न अखिलेश यादव भूले हैं और न ही मुलायम सिंह यादव। डिंपल यादव ने सुहागनगरी की जमीन से सियासत में एंट्री की थी। 
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मुलायम और अखिलेश ने बड़ा सपना देखते हुए डिंपल को यहां से चुनावी मैदान में उतारा था, लेकिन डिंपल की हार ने सैफई परिवार को इतना बड़ा झटका दिया कि जिसे अब तक नहीं भूल पाए हैं। जब भी अखिलेश या मुलायम फिरोजाबाद आते हैं पराजय का दर्द जुबां पर आ जाता है।
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वर्ष 2009 का आम चुनाव अखिलेश यादव कन्नौज के साथ-साथ फिरोजाबाद से भी जीते थे। अखिलेश ने फिरोजाबाद से इस्तीफा दे दिया था। यहां उपचुनाव हुआ, तब मुलायम सिंह यादव सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष थे। मुलायम ने उपचुनाव में इस संसदीय सीट से अपनी पुत्रवधू डिंपल यादव को चुनावी मैदान में उतारा। 
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अमर सिंह पर फूटा था हार का ठीकरा

डिंपल यादव के चुनाव की कमान स्वयं अखिलेश यादव और तब सपा के राष्ट्रीय महासचिव रहे अमर सिंह ने संभाली थी। अखिलेश ने अपने चुनाव में इतनी मेहनत नहीं की, जितनी उन्होंने डिंपल के लिए मेहनत की। चूंकि उपचुनाव था और सैफई परिवार की साख दांव पर लगी थी। इसलिए सपा के दिग्गज नेताओं ने सुहाग नगरी में डेरा डाल दिया था।

डिंपल के लिए बड़ी चुनौती इसलिए थी क्योंकि उनके सामने फिल्म अभिनेता राजबब्बर का ग्लैमर था। अमर सिंह से रार के चलते राजबब्बर ने सपा से किनारा कर लिया था और कांग्रेस की टिकट लेकर फिरोजाबाद के चुनावी समर में कूद गए थे। 

फिल्मी दुनिया के बडे़-बडे़ सितारे राज बब्बर के लिए यहां आए तो अमर सिंह ने भी कोई कसर नहीं छोड़ी और बॉलीवुड के रिश्तों को चुनावी जमीन पर उतार दिया था। फिर भी डिंपल यादव बडे़ अंतराल से चुनाव हारीं। बाद में समीक्षा हुई तो स्थानीय नेताओं के साथ-साथ अमर सिंह पर भी हार का ठीकरा फूटा। डिंपल की हार के बाद ही सपा ने अमर सिंह से दूरी बनाना शुरू कर दिया। 
 

पूरे देश की नजर फिरोजाबाद पर थी 

सुहागनगरी की जमीन से राजनीति में कदम रखने वाली डिंपल यादव की हार-जीत सैफई परिवार के राजनीतिक कद और प्रतिष्ठा से जुड़ गई थी। मतगणना वाले दिन पूरे देश की नजर फिरोजाबाद पर थी। सांसे थामें नतीजों का इंतजार था। देश की राजनीति में यह चुनाव हार-जीत की बड़ी इबारत लिख गया था। 

किसे कितने वोट मिले थे 
कांग्रेस के राजबब्बर - 312728 
सपा की डिंपल यादव - 227781 
प्रोफेसर एसपी सिंह बघेल - 213571 
भाजपा के भानु प्रताप सिंह- 9269 

डिंपल यादव 84947 वोट से यह चुनाव हारी थीं। हालांकि वर्ष 2012 में अखिलेश यादव के मुख्यमंत्री बनने के बाद कन्नौज लोकसभा सीट पर उपचुनाव हुआ। यहां से एक बार फिर डिंपल यादव मैदान में खड़ी हुईं और निर्विरोध सांसद चुनीं गईं। 
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