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आगरा में अभी टला नहीं खतरा, तीसरे टिड्डी दल ने लिया यू टर्न, ऐसे करें फसलों का बचाव
Wed, 27 May 2020 12:24 AM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Wed, 27 May 2020 12:24 AM IST
सार
- तीसरे टिड्डी दल ने किया आगरा की ओर रुख,
- जगनेर, किरावली और फतेहपुर सीकरी से होकर कर सकता है जिले में प्रवेश
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टिड्डी दल
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
आगरा जिले में टिड्डी दल का खतरा अभी टला नहीं है। दो टिड्डी दल मध्यप्रदेश और राजस्थान में ही रुक गए हैं, एक और टिड्डी दल आगरा की ओर बढ़ रहा है। यह दल हिंडोन तक आ पहुंचा है। कृषि विभाग का कहना है कि यह टिड्डी दल जगनेर, किरावली और फतेहपुर सीकरी से होकर आगरा में प्रवेश कर सकता है।
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मंगलवार को बड़े टिड्डी दल ने अपना रुख धौलपुर-आगरा की ओर कर लिया, जबकि एक छोटा दल मध्य प्रदेश के शिवपुरी के इर्द-गिर्द आसमान में देखा गया है। बड़े दल से निपटने के लिए आगरा में कृषि विभाग ने 205 ट्रैक्टर तैयार कर लिए हैं।
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जिला कृषि अधिकारी डॉ. रामप्रवेश वर्मा ने बताया कि यह ढाई इंच लंबे कीट हैं, हरी पत्तियों वाली फसल को चंद घंटे में खाकर नष्ट कर देते हैं। यह करोड़ों की संख्या में होते हैं, जब यह खेत में बैठते हैं तो दो किमी की लंबाई और चार किमी की चौड़ाई जमीन घेर लेते हैं।
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झांसी में मचा चुका है तबाही
पिछले सप्ताह शुक्रवार को मध्य प्रदेश से होता हुआ पहला टिड्डी दल झांसी पहुंचा था। रात में ओरछा के पास आजादपुरा में रुक गया था। शनिवार की सुबह कीटों का ये समूह बरुआसागर पहुंच गया। यहां आधा दर्जन से अधिक गांवों में सब्जियों के खेतों में इन कीटों ने भारी तबाही मचाई थी।
दूसरा दल रविवार को यहां आया था। बबीना होते हुए इन कीटों ने डेरा डाल लिया था। रात में इन पर रसायन का छिड़काव किया गया गया था, जिससे लगभग चालीस लाख कीट मारे गए थे। बचे हुए मध्य प्रदेश के छतरपुर की ओर उड़ गए थे।
किसान धुआं करें, टिन-ड्रम बजाएं
कृषि विशेषज्ञों ने किसानों से कहा है कि वे अपने खेतों में धुआं करें, टिन-ड्रम बजाएं। तेज आवाज सुनकर यह आगे बढ़ जाते हैं। झांसी में इन्हें भगाने के लिए तेज आवाज में डीजे बजाए जाते रहे, ताकि टिड्डी दल शोर से भाग जाएं। मंगलवार को देहात में कीटों पर रसायन के छिड़काव के लिए फायर ब्रिगेड की गाड़ियां भी तैनात रहीं।
दूसरा दल रविवार को यहां आया था। बबीना होते हुए इन कीटों ने डेरा डाल लिया था। रात में इन पर रसायन का छिड़काव किया गया गया था, जिससे लगभग चालीस लाख कीट मारे गए थे। बचे हुए मध्य प्रदेश के छतरपुर की ओर उड़ गए थे।
किसान धुआं करें, टिन-ड्रम बजाएं
कृषि विशेषज्ञों ने किसानों से कहा है कि वे अपने खेतों में धुआं करें, टिन-ड्रम बजाएं। तेज आवाज सुनकर यह आगे बढ़ जाते हैं। झांसी में इन्हें भगाने के लिए तेज आवाज में डीजे बजाए जाते रहे, ताकि टिड्डी दल शोर से भाग जाएं। मंगलवार को देहात में कीटों पर रसायन के छिड़काव के लिए फायर ब्रिगेड की गाड़ियां भी तैनात रहीं।