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जिलेभर में लॉकडाउन के चलते कफ्र्यू जैसे हालात
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कासगंज का सूनसान बाजार, जहां भीड़ के चलते निकलना भी होता था दूभर।
- फोटो : KASGANJ
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कासगंज। जिले में लॉकडाउन के बीच प्रशासन की सख्ती देखने को मिली। सख्ती के चलते हालात कर्फ्यू जैसे थे। बाजारों में भीड़ लगने का अंदेशा होते ही प्रशासन ने परचून और सब्जी की दुकानें नहीं खुलने दीं। जो दुकानें खुली नजर आईं उन्हें बंद करा दिया गया। केवल दवा की दुकानें खुली नजर आईं, लेकिन दुकानों के बाहर भीड़ इकट्ठी नहीं होने दी। ग्राहकों के लिए फासले से गोला बनाकर खड़ा किया गया।
21 दिन के लॉकडाउन का यह दूसरा दिन था। पहले दिन फिर भी लोगों की आवाजाही देखने को मिली, लेकिन दूसरे दिन प्रशासन ने इस आवाजाही को रोकने के लिए जबरदस्ती सख्ती की। कोतवाली के कंट्रोल रूम से पूरे शहर में लगे लाउडस्पीकरों पर इस बात की उद्घोषणा बार-बार की जा रही थी कि लोग घरों में रहें बाहर न निकलें। नगर के सभी बाजारों में घोर सन्नाटा देखने को मिला। सभी बाजार जहां सन्नाटे में डूबे थे वहीं गली कूचों में भी वीरानी छाई हुई थी।
दोपहर के समय तो सन्नाटे के जबरदस्त हालात थे। सुबह और शाम के समय जरूर कुछ चहलकदमी नजर आई, लेकिन गश्त कर रही पुलिस की टीमें लगातार लोगों को घरों में रहने की हिदायत दे रही थी। पुलिस टीमों ने किसी को घूमने नहीं दिया। लोगों से अपील की गई कि यदि उन्हें खाद्यान्न आदि की जरूरत है तो लोग निर्धारित स्थानों पर फोन करके अपने घरों में होम डिलिवरी मंगवाएं। वहीं कई बस्तियों में प्रशासन ने सब्जी के ठेले घूमाने वालों को सब्जी बेचने की अनुमति दी। बाजारों में ज्यादातर स्थानों पर पुलिसकर्मी, नगरपालिका कर्मी और प्रशासनिक अधिकारियों की टीमें ही नजर आ रहीं थीं।
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21 दिन के लॉकडाउन का यह दूसरा दिन था। पहले दिन फिर भी लोगों की आवाजाही देखने को मिली, लेकिन दूसरे दिन प्रशासन ने इस आवाजाही को रोकने के लिए जबरदस्ती सख्ती की। कोतवाली के कंट्रोल रूम से पूरे शहर में लगे लाउडस्पीकरों पर इस बात की उद्घोषणा बार-बार की जा रही थी कि लोग घरों में रहें बाहर न निकलें। नगर के सभी बाजारों में घोर सन्नाटा देखने को मिला। सभी बाजार जहां सन्नाटे में डूबे थे वहीं गली कूचों में भी वीरानी छाई हुई थी।
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दोपहर के समय तो सन्नाटे के जबरदस्त हालात थे। सुबह और शाम के समय जरूर कुछ चहलकदमी नजर आई, लेकिन गश्त कर रही पुलिस की टीमें लगातार लोगों को घरों में रहने की हिदायत दे रही थी। पुलिस टीमों ने किसी को घूमने नहीं दिया। लोगों से अपील की गई कि यदि उन्हें खाद्यान्न आदि की जरूरत है तो लोग निर्धारित स्थानों पर फोन करके अपने घरों में होम डिलिवरी मंगवाएं। वहीं कई बस्तियों में प्रशासन ने सब्जी के ठेले घूमाने वालों को सब्जी बेचने की अनुमति दी। बाजारों में ज्यादातर स्थानों पर पुलिसकर्मी, नगरपालिका कर्मी और प्रशासनिक अधिकारियों की टीमें ही नजर आ रहीं थीं।
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