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UP: एप से लिया लोन... कंपनी ने मां-बेटी को बनाया पोर्न साइट का एजेंट; युवती का फोटो न्यूड महिला के साथ जोड़ी
Sat, 08 Jul 2023 10:10 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
Published by: शाहरुख खान
Updated Sat, 08 Jul 2023 10:10 AM IST
सार
आगरा की एक महिला और उसकी बेटी ने एप से लोन लिया। कंपनी ने मां-बेटी को पोर्न साइट का एजेंट बना दिया। मां-बेटी 2277 रुपये के ऋण पर 3,458 की रकम दे चुकीं हैं, अब 50,000 और मांगे जा रहे हैं। ट्रांस यमुना थाने में मुकदमा किया गया है।
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डिजिटज लोन
- फोटो : istock
विस्तार
एप लोन कंपनी ने मां-बेटी को बदनाम कर दिया। कंपनी ने युवती को दिए लोन की राशि जमा करने के बाद और रकम मांगी। नहीं देने पर मोबाइल से डाटा चोरी कर मार्फ फोटो तैयार कर लीं। इसे परिचित और रिश्तेदारों के मोबाइल पर भेज दिया। उन्हें पोर्न साइट का एजेंट बता दिया।
युवती और उसकी मां के नंबर लिख दिए। अंजान लोगों के कॉल आने पर इस बारे में पता चला। मामले में थाना ट्रांस यमुना में मुकदमा दर्ज किया गया है। मां-बेटी ट्रांस यमुना थाना क्षेत्र की रहने वाली हैं। युवती को रुपयों की जरूरत थी। उसने इंटरनेट मीडिया पर ऑनलाइन लोन एप कंपनी लोन नाऊ का विज्ञापन देखा। कंपनी का एप डाउनलोड कर लिया।
इसके बाद बात की। उससे ऑनलाइन आधार कार्ड, पैन कार्ड और मोबाइल नंबर ले लिया गया। एक वीडियो संदेश भी रिकाॅर्ड कराया गया। सारी प्रक्रिया पूरी करने के बाद 22 जून को खाते में 2,277 रुपये भेज दिए गए।
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वह निर्धारित 7 दिन में लोन की रकम नहीं लौटा सकी। इस पर कंपनी से मैसेज आने लगे। ऑनलाइन और वायस काल भी किए गए। इस पर युवती ने दो बार में 3,458 रुपये जमा कर दिए। इसके बाद कंपनी की ओर से और रकम जमा करने के लिए दबाव बनाया जाने लगा।
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युवती और उसकी मां के नंबर लिख दिए। अंजान लोगों के कॉल आने पर इस बारे में पता चला। मामले में थाना ट्रांस यमुना में मुकदमा दर्ज किया गया है। मां-बेटी ट्रांस यमुना थाना क्षेत्र की रहने वाली हैं। युवती को रुपयों की जरूरत थी। उसने इंटरनेट मीडिया पर ऑनलाइन लोन एप कंपनी लोन नाऊ का विज्ञापन देखा। कंपनी का एप डाउनलोड कर लिया।
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इसके बाद बात की। उससे ऑनलाइन आधार कार्ड, पैन कार्ड और मोबाइल नंबर ले लिया गया। एक वीडियो संदेश भी रिकाॅर्ड कराया गया। सारी प्रक्रिया पूरी करने के बाद 22 जून को खाते में 2,277 रुपये भेज दिए गए।
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वह निर्धारित 7 दिन में लोन की रकम नहीं लौटा सकी। इस पर कंपनी से मैसेज आने लगे। ऑनलाइन और वायस काल भी किए गए। इस पर युवती ने दो बार में 3,458 रुपये जमा कर दिए। इसके बाद कंपनी की ओर से और रकम जमा करने के लिए दबाव बनाया जाने लगा।
आने लगे अंजान लोगों के कॉल
कंपनी के लोगों ने रकम जमा करने पर लोन खाता बंद करने का वादा किया था। लेकिन, ऐसा नहीं किया। कुछ दिन बाद करीब 3799 रुपये और जमा कराने का दबाव डालने लगे। फोन और मैसेज करते। रकम देने से मना करने पर फिर से कॉल करने लगे। व्हाट्सएप से युवती की फोटो काॅपी कर ली। इसे न्यूड महिला की फोटो के साथ जोड़ दिया। फोटो पर युवती और उसकी मां का नंबर लिख दिया। काॅन्टेक्ट लिस्ट से रिश्तेदार और परिचितों के नंबर निकालकर वायरल कर दिए। लोग कॉल करके मां-बेटी को परेशान करने लगे।
कंपनी के लोगों ने रकम जमा करने पर लोन खाता बंद करने का वादा किया था। लेकिन, ऐसा नहीं किया। कुछ दिन बाद करीब 3799 रुपये और जमा कराने का दबाव डालने लगे। फोन और मैसेज करते। रकम देने से मना करने पर फिर से कॉल करने लगे। व्हाट्सएप से युवती की फोटो काॅपी कर ली। इसे न्यूड महिला की फोटो के साथ जोड़ दिया। फोटो पर युवती और उसकी मां का नंबर लिख दिया। काॅन्टेक्ट लिस्ट से रिश्तेदार और परिचितों के नंबर निकालकर वायरल कर दिए। लोग कॉल करके मां-बेटी को परेशान करने लगे।
50 हजार मांगे, अवसाद में मां-बेटी
पीड़ित मां-बेटी ने पुलिस को बताया कि एप कंपनी के एजेंट की वजह से वह मानसिक पीड़ा में हैं। आरोपियों ने उनसे 50 हजार रुपये की मांग की। रकम नहीं देने पर फोटो अलग-अलग वेबसाइट पर डालकर बदनाम करने की धमकी देने लगे। व्हाट्सएप पर आरोपी रोजाना धमका रहे थे। इसकी चैट भी उनके पास हैं। इससे दोनों अवसाद में आ गईं।
पीड़ित मां-बेटी ने पुलिस को बताया कि एप कंपनी के एजेंट की वजह से वह मानसिक पीड़ा में हैं। आरोपियों ने उनसे 50 हजार रुपये की मांग की। रकम नहीं देने पर फोटो अलग-अलग वेबसाइट पर डालकर बदनाम करने की धमकी देने लगे। व्हाट्सएप पर आरोपी रोजाना धमका रहे थे। इसकी चैट भी उनके पास हैं। इससे दोनों अवसाद में आ गईं।
ऑनलाइन एप से बदनाम करने के कई मामले
जोन साइबर सेल के प्रभारी अजय कौशल ने बताया कि एप लोन से बचना चाहिए। कंपनी पहले एप डाउनलोड कराती हैं। इसके बाद गैलरी, काॅन्टेक्ट लिस्ट की अनुमति प्राप्त कर लेते हैं। इससे डाटा चोरी कर लिया जाता है। एक बार लोन के लिए ओके करने पर खाते में रकम भेज दी जाती है।
जोन साइबर सेल के प्रभारी अजय कौशल ने बताया कि एप लोन से बचना चाहिए। कंपनी पहले एप डाउनलोड कराती हैं। इसके बाद गैलरी, काॅन्टेक्ट लिस्ट की अनुमति प्राप्त कर लेते हैं। इससे डाटा चोरी कर लिया जाता है। एक बार लोन के लिए ओके करने पर खाते में रकम भेज दी जाती है।
निर्धारित अवधि में रकम नहीं जमा करने पर बदनाम किया जाता है। अधिक रकम की मांग करते हैं। इस तरह के कई मामले में आ चुके हैं। इसलिए इस तरह के लोन के झांसे में नहीं आएं। कंपनी का सर्वर देश से बाहर होने की वजह से आरोपियों को पकड़ना आसान नहीं होता है।