{"_id":"3bdded4aae5e9ae71d4c90b700858b90","slug":"kthasthl-glimpse-of-the-chef-making-the-govardhana-puja-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"कथास्थल पर गोवर्धन महाराज की झांकी बनाकर पूजन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कथास्थल पर गोवर्धन महाराज की झांकी बनाकर पूजन
ब्यूरो, अमर उजाला
Updated Thu, 11 Jun 2015 02:16 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आवास विकास कालोनी, सेक्टर तीन में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में बुधवार को प्रियाशरण महाराज ने श्रीकृष्ण जन्म का प्रसंग सुनाया। शुरुआत में श्रोताओं ने भजनों का आनंद उठाया। इसके बाद श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का प्रसंग सुना।
प्रियाशरण महाराज ने गो चारण, माखन चोरी, गोपियों के वस्त्र हरण, कालिया नाग मर्दन, गोवर्धन धारण के प्रसंग का सुंदर वर्णन किया। श्रद्धालुओं ने कथा स्थल परिसर में गोवर्धन महाराज की झांकी बनाकर पूजा की। कथा व्यास ने बताया कि श्रीकृष्ण को यशोदा मैया दिन के आठ पहर में आठ बार विभिन्न प्रकार का भोजन करवाती थीं। भगवान सात दिनों तक बिना कुछ खाए-पीए गोवर्धन को तर्जनी उंगली पर उठाए रहे थे। इस कारण मैया यशोदा और ग्वालों ने सातवें दिन आठ पहर के हिसाब से सात दिन का यानी 56 प्रकार के भोजनों का भोग लगाया। तभी से छप्पन भोग की परंपरा है।
कथा स्थल पर छप्पन भोग सजाया गया और क्षेत्रवासियों ने अन्नकूट का प्रसाद ग्रहण किया। कथा के दौरान श्रीधाम वृंदावन के लवदास महाराज, बांकेबिहारी मंदिर वृंदावन के गोस्वामी पधारे। आरती में डा. केएम बंसल, डा. अतुल बंसल, डा. आरुषि बंसल, अनिल कुमार तिवारी, संयोजक मुकेश शर्मा आदि शामिल रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
प्रियाशरण महाराज ने गो चारण, माखन चोरी, गोपियों के वस्त्र हरण, कालिया नाग मर्दन, गोवर्धन धारण के प्रसंग का सुंदर वर्णन किया। श्रद्धालुओं ने कथा स्थल परिसर में गोवर्धन महाराज की झांकी बनाकर पूजा की। कथा व्यास ने बताया कि श्रीकृष्ण को यशोदा मैया दिन के आठ पहर में आठ बार विभिन्न प्रकार का भोजन करवाती थीं। भगवान सात दिनों तक बिना कुछ खाए-पीए गोवर्धन को तर्जनी उंगली पर उठाए रहे थे। इस कारण मैया यशोदा और ग्वालों ने सातवें दिन आठ पहर के हिसाब से सात दिन का यानी 56 प्रकार के भोजनों का भोग लगाया। तभी से छप्पन भोग की परंपरा है।
विज्ञापन
कथा स्थल पर छप्पन भोग सजाया गया और क्षेत्रवासियों ने अन्नकूट का प्रसाद ग्रहण किया। कथा के दौरान श्रीधाम वृंदावन के लवदास महाराज, बांकेबिहारी मंदिर वृंदावन के गोस्वामी पधारे। आरती में डा. केएम बंसल, डा. अतुल बंसल, डा. आरुषि बंसल, अनिल कुमार तिवारी, संयोजक मुकेश शर्मा आदि शामिल रहे।
विज्ञापन