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Agra News: एक ही दिन में सात गुना बढ़ गई किडनी की पथरी
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आगरा। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग (प्रथम) ने सोनोग्राफी की दो रिपोर्ट में पथरी के आकार में भारी अंतर को चिकित्सकीय लापरवाही माना है। आयोग के अध्यक्ष सर्वेश कुमार और सदस्य राजीव कुमार ने रेडियोलॉजिस्ट की गलत रिपोर्ट को सेवा में कमी बताया। इससे डॉक्टर की बीमा कंपनी को 1,58,039 रुपये क्षतिपूर्ति देने का आदेश दिया गया।
यह आदेश युनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस बीमा कंपनी को दिया गया है। इसमें इलाज के 98,039 रुपये, मानसिक पीड़ा के 50 हजार रुपये और वाद व्यय के 10 हजार रुपये शामिल हैं। मामला थाना न्यू आगरा क्षेत्र के दयालबाग निवासी गरिमा गोस्वामी से जुड़ा है। गरिमा 24 जुलाई, 2020 को पेट दर्द की शिकायत पर सनराइज डायग्नोस्टिक सेंटर गई थीं।
रेडियोलॉजिस्ट अनुराग टंडन ने सोनोग्राफी की रिपोर्ट में दोनों किडनियों में 2.7-2.7 मिलीमीटर की पथरी बताई। उन्हें बताया गया कि पथरी पेशाब के रास्ते निकल जाएगी। अगले ही दिन गरिमा को फिर तेज दर्द हुआ। उनके पति अभिनव गोस्वामी उन्हें दूसरे अस्पताल ले गए। वहां डॉक्टर ने पहली रिपोर्ट पर संदेह जताते हुए दोबारा सोनोग्राफी कराने की सलाह दी।
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रिपोर्ट में बड़ा अंतर
25 जुलाई, 2020 को एमवीजेन्स इमेजिंग एंड पैथोलॉजी की रिपोर्ट बिल्कुल अलग थी। इस रिपोर्ट में दाहिनी किडनी में 16.8 मिलीमीटर और बाईं किडनी में 21.4 मिलीमीटर की पथरी मिली। यह एक दिन पहले बताई गई 2.7 मिलीमीटर की पथरी की तुलना में कई गुना अधिक आकार की थी। गरिमा ने 30 जुलाई, 2020 को ऑपरेशन कराया, जिसमें उनके 98 हजार रुपये खर्च हुए।
टाइपिंग की गलती का तर्क खारिज
डॉक्टर की ओर से आयोग में कहा गया कि 2.7 मिलीमीटर लिखना टाइपिंग की गलती थी। उनका दावा था कि वास्तव में 2.7 सेंटीमीटर लिखा जाना था और सही रिपोर्ट बाद में दे दी गई थी। आयोग ने इस तर्क को खारिज कर दिया। आयोग ने पाया कि अगली रिपोर्ट में पथरी का आकार 2.7 मिलीमीटर नहीं था, बल्कि 16.8 और 21.4 मिलीमीटर था। इसलिए टाइपिंग की गलती वाली सफाई दूसरी रिपोर्ट से मेल नहीं खाती।
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यह आदेश युनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस बीमा कंपनी को दिया गया है। इसमें इलाज के 98,039 रुपये, मानसिक पीड़ा के 50 हजार रुपये और वाद व्यय के 10 हजार रुपये शामिल हैं। मामला थाना न्यू आगरा क्षेत्र के दयालबाग निवासी गरिमा गोस्वामी से जुड़ा है। गरिमा 24 जुलाई, 2020 को पेट दर्द की शिकायत पर सनराइज डायग्नोस्टिक सेंटर गई थीं।
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रेडियोलॉजिस्ट अनुराग टंडन ने सोनोग्राफी की रिपोर्ट में दोनों किडनियों में 2.7-2.7 मिलीमीटर की पथरी बताई। उन्हें बताया गया कि पथरी पेशाब के रास्ते निकल जाएगी। अगले ही दिन गरिमा को फिर तेज दर्द हुआ। उनके पति अभिनव गोस्वामी उन्हें दूसरे अस्पताल ले गए। वहां डॉक्टर ने पहली रिपोर्ट पर संदेह जताते हुए दोबारा सोनोग्राफी कराने की सलाह दी।
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रिपोर्ट में बड़ा अंतर
25 जुलाई, 2020 को एमवीजेन्स इमेजिंग एंड पैथोलॉजी की रिपोर्ट बिल्कुल अलग थी। इस रिपोर्ट में दाहिनी किडनी में 16.8 मिलीमीटर और बाईं किडनी में 21.4 मिलीमीटर की पथरी मिली। यह एक दिन पहले बताई गई 2.7 मिलीमीटर की पथरी की तुलना में कई गुना अधिक आकार की थी। गरिमा ने 30 जुलाई, 2020 को ऑपरेशन कराया, जिसमें उनके 98 हजार रुपये खर्च हुए।
टाइपिंग की गलती का तर्क खारिज
डॉक्टर की ओर से आयोग में कहा गया कि 2.7 मिलीमीटर लिखना टाइपिंग की गलती थी। उनका दावा था कि वास्तव में 2.7 सेंटीमीटर लिखा जाना था और सही रिपोर्ट बाद में दे दी गई थी। आयोग ने इस तर्क को खारिज कर दिया। आयोग ने पाया कि अगली रिपोर्ट में पथरी का आकार 2.7 मिलीमीटर नहीं था, बल्कि 16.8 और 21.4 मिलीमीटर था। इसलिए टाइपिंग की गलती वाली सफाई दूसरी रिपोर्ट से मेल नहीं खाती।