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शक ना हो इसलिए खुद बनाई व्यापारियों की शेविंग, अपने हाथ से खिलाया खाना
ब्यूरो/अमर उजाला आगरा
Updated Wed, 26 Jul 2017 11:17 PM IST
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अपहरण
- फोटो : अमर उजाला
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झांसी से अपहृत कारोबारी राजेंद्र अग्रवाल और राहुल की बदमाशों ने अपने हाथ से शेविंग बनाई। कारण यह रहा कि कोई देखे तो उन पर शक न करें। बदमाश उनके हाथ बांधकर रखते थे। उन्हें अपने हाथ से खाना खिलाते थे।
आगरा में निखिल वुडलैंड अपार्टमेंट में उनके लिए खाना पास के ढाबे से आता था। उनसे रोज पूछा जाता था कि जो पसंद हो बताओ, वही लाएंगे। मटर पनीर, शाही पनीर, मलाई कोफ्ता, राजमा चावल उन्हें खिलाए गए। कैलाश मेले वाले दिन भंडारे का प्रसाद भी दिया गया।
पुलिस ने बताया कि अपहरण की साजिश का ताना बाना जेल में बुना गया। आगरा जेल में बंद देवेंद्र जाट इसका सूत्रधार रहा। उसने प्लान विनोद जाट को दिया। विनोद ने इसे आगे बढ़ाया। इसमें पूरा गिरोह सादाबाद का शामिल रहा। इनमें सौरभ, जितेंद्र गंजा और लोकेंद्र भी शामिल हैं। एसटीएफ उनकी तलाश कर रही है।
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आगरा में निखिल वुडलैंड अपार्टमेंट में उनके लिए खाना पास के ढाबे से आता था। उनसे रोज पूछा जाता था कि जो पसंद हो बताओ, वही लाएंगे। मटर पनीर, शाही पनीर, मलाई कोफ्ता, राजमा चावल उन्हें खिलाए गए। कैलाश मेले वाले दिन भंडारे का प्रसाद भी दिया गया।
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पुलिस ने बताया कि अपहरण की साजिश का ताना बाना जेल में बुना गया। आगरा जेल में बंद देवेंद्र जाट इसका सूत्रधार रहा। उसने प्लान विनोद जाट को दिया। विनोद ने इसे आगे बढ़ाया। इसमें पूरा गिरोह सादाबाद का शामिल रहा। इनमें सौरभ, जितेंद्र गंजा और लोकेंद्र भी शामिल हैं। एसटीएफ उनकी तलाश कर रही है।
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एके-47 दिखाकर बोले, 25 करोड़ से कम नहीं लेंगे
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- फोटो : अमर उजाला
विनोद जाट गिरोह के पास एके-47 भी है। पुलिस को इसकी सूचना पहले से थी। इस अपहरण में साक्ष्य भी मिल गए। झांसी के सराफ राजेंद्र और राहुल के अपहरण में इसका इस्तेमाल किया गया। बदमाशों ने दोनों अगवा कारोबारियों की वीडियो और ऑडियो क्लिप बनाकर व्हाट्स ऐप के माध्यम से उनके रिश्तेदारों को भेजी।
इसमें बदमाशों ने एके-47 उनके सिर पर लगा दी थी। उनसे कहा कि 30 करोड़ रुपये चाहिए। बाद में 25 करोड़ पर आ गए। बोले, इससे कम नहीं लेंगे। जान प्यारी है, तो पैसे का इंतजाम कर लो। बदमाशों ने फोन पर भी 25 करोड़ रुपये मांगे। एसटीएफ ने बताया कि बदमाशों ने कारोबारियों को दहशत में रखा। उन्हें हिलने तक का मौका नहीं दिया।
उन्हें नशे के इंजेक्शन लगाए जाते थे। इनोवा में सबसे पीछे रखा गया था। एक बदमाश उन पर नजर रखता था। बदमाशों के लिए एक -एक दिन भारी हो रहा था। फिरौती की रकम मिल नहीं रही थी। आपस में चर्चा होती थी कि मांग कम कर लें, लेकिन निर्णय यही होता था कि नहीं, ऐसा नहीं करेंगे। जैसे-जैसे दिन बीत रहे हैं, परिवार वालों का डर बढ़ रहा है। इसलिए 25 करोड़ से कम नहीं हुए।
इसमें बदमाशों ने एके-47 उनके सिर पर लगा दी थी। उनसे कहा कि 30 करोड़ रुपये चाहिए। बाद में 25 करोड़ पर आ गए। बोले, इससे कम नहीं लेंगे। जान प्यारी है, तो पैसे का इंतजाम कर लो। बदमाशों ने फोन पर भी 25 करोड़ रुपये मांगे। एसटीएफ ने बताया कि बदमाशों ने कारोबारियों को दहशत में रखा। उन्हें हिलने तक का मौका नहीं दिया।
उन्हें नशे के इंजेक्शन लगाए जाते थे। इनोवा में सबसे पीछे रखा गया था। एक बदमाश उन पर नजर रखता था। बदमाशों के लिए एक -एक दिन भारी हो रहा था। फिरौती की रकम मिल नहीं रही थी। आपस में चर्चा होती थी कि मांग कम कर लें, लेकिन निर्णय यही होता था कि नहीं, ऐसा नहीं करेंगे। जैसे-जैसे दिन बीत रहे हैं, परिवार वालों का डर बढ़ रहा है। इसलिए 25 करोड़ से कम नहीं हुए।