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Agra News: सांड़ ने किया किसान पर हमला, उपचार को ले जाते समय मौत, छुट्टा गोवंशों से फसल बचाने घर से खेत पर जाते समय नहर के पास किया हमला
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महेंद्र सिंह की फाइल फोटो।
- फोटो : KASGANJ
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कासगंज। इलाके के गांव नगला चिंती में गांव से खेत पर जाते समय नहर के पास किसान पर सांड़ ने हमला कर दिया। इससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। परिजन इलाज के लिए अलीगढ़ ले जाने लगे। रास्ते में मौत हो गई।
नगला चिंती निवासी महेंद्र सिंह (60) लाह की फसल को छुट्टा गोवंशों से बचाने केे लिए घर से खेत पर जा रहे थे। खेत गांव से लगभग दो किलोमीटर दूर है। खेत पर जाते समय सांड़ ने हमला कर दिया। महेंद्र की चीख पुकार सुनकर आसपास खेतों में काम कर रहे ग्रामीण लाठी-डंडे लेकर दौड़ पड़े। तब तक महेंद्र गंभीर रूप से घायल हो गए। जानकारी पर परिजन पहुंच गए। महेंद्र को अस्पताल में भर्ती कराया गया। यहां स्थिति गंभीर देखते हुए अलीगढ़ रेफर कर दिया गया। अलीगढ़ ले जाते समय देर रात मौत हो गई। परिजनों ने मामले की जानकारी पुलिस को दी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
सड़क हादसों का कारण भी बनते हैं छुट्टा गोवंश
छुट्टा गोवंश जिले में मुसीबत बने हुए हैं। यह अक्सर हादसों की वजह बन जाते हैं। चार दिन पहले पटियाली क्षेत्र से जा रही बरात की कार गोवंश से टकरा गई थी। इस हादसे में कार में सवार दो लोगों की मौत हो गई थी। सात लोग घायल हुए थे। इनके हमले से भी लोग घायल हो रहे हैं।
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समस्या से मुंह मोड़े हैं जिम्मेदार
गांव ही नहीं शहर में भी छुट्टा गोवंश आफत हैं। नगर पालिका और नगर पंचायत प्रशासन के जिम्मेदार समस्या से मुंह मोड़े हुए हैं। इन गोवंशों को गोशालाओं तक नहीं भेजा जा रहा है। वहीं गांवों में प्रधान और सचिव भी इनको लेकर गंभीर नहीं हैं। गांवों में निराश्रित गोवंश फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। किसानों को फसलों की रखवाली को दिन व रात खेतों में रहना पड़ रहा है। इनकी जान पर बनी रहती है।
आंकड़ों की नजर से
- 4500 निराश्रित गोवंश हैं गोशालाओं में
- 12 गोशालाएं हैं जनपद में
- 2 नवीन वृहद गोशाला और 1 कान्हा आश्रम हो रहा तैयार
जनपद में 12 गोशालाएं हैं। एक वृहद गोशाला सहावर में तैयार हो गई है। पटियाली में तिरंगा गोशाला और कान्हा आश्रम भी तैयार है। निराश्रित गोवंशों को ग्राम प्रधान और किसान गोशालाओं पर पहुंचाएं।- डॉ. एके सागर, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, कासगंज।
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नगला चिंती निवासी महेंद्र सिंह (60) लाह की फसल को छुट्टा गोवंशों से बचाने केे लिए घर से खेत पर जा रहे थे। खेत गांव से लगभग दो किलोमीटर दूर है। खेत पर जाते समय सांड़ ने हमला कर दिया। महेंद्र की चीख पुकार सुनकर आसपास खेतों में काम कर रहे ग्रामीण लाठी-डंडे लेकर दौड़ पड़े। तब तक महेंद्र गंभीर रूप से घायल हो गए। जानकारी पर परिजन पहुंच गए। महेंद्र को अस्पताल में भर्ती कराया गया। यहां स्थिति गंभीर देखते हुए अलीगढ़ रेफर कर दिया गया। अलीगढ़ ले जाते समय देर रात मौत हो गई। परिजनों ने मामले की जानकारी पुलिस को दी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
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सड़क हादसों का कारण भी बनते हैं छुट्टा गोवंश
छुट्टा गोवंश जिले में मुसीबत बने हुए हैं। यह अक्सर हादसों की वजह बन जाते हैं। चार दिन पहले पटियाली क्षेत्र से जा रही बरात की कार गोवंश से टकरा गई थी। इस हादसे में कार में सवार दो लोगों की मौत हो गई थी। सात लोग घायल हुए थे। इनके हमले से भी लोग घायल हो रहे हैं।
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समस्या से मुंह मोड़े हैं जिम्मेदार
गांव ही नहीं शहर में भी छुट्टा गोवंश आफत हैं। नगर पालिका और नगर पंचायत प्रशासन के जिम्मेदार समस्या से मुंह मोड़े हुए हैं। इन गोवंशों को गोशालाओं तक नहीं भेजा जा रहा है। वहीं गांवों में प्रधान और सचिव भी इनको लेकर गंभीर नहीं हैं। गांवों में निराश्रित गोवंश फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। किसानों को फसलों की रखवाली को दिन व रात खेतों में रहना पड़ रहा है। इनकी जान पर बनी रहती है।
आंकड़ों की नजर से
- 4500 निराश्रित गोवंश हैं गोशालाओं में
- 12 गोशालाएं हैं जनपद में
- 2 नवीन वृहद गोशाला और 1 कान्हा आश्रम हो रहा तैयार
जनपद में 12 गोशालाएं हैं। एक वृहद गोशाला सहावर में तैयार हो गई है। पटियाली में तिरंगा गोशाला और कान्हा आश्रम भी तैयार है। निराश्रित गोवंशों को ग्राम प्रधान और किसान गोशालाओं पर पहुंचाएं।- डॉ. एके सागर, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, कासगंज।