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कासगंज: शुक्र अस्त का रोड़ा, देवोत्थान से नहीं शुरू हो सकेगा सहालग का सीजन
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कासगंज में शादी के लिए सजाया गया मैरिज होम ।
- फोटो : KASGANJ
कासगंज। चतुर्मास के चलते बंद चल रहे सहालगी सीजन के देवोत्थान एकादशी से शुरू होने का इंतजार करने वाले लोगों को अभी प्रतीक्षा करनी होगी। इस बार सहालगी सीजन देवोत्थान एकादशी से शुरू नहीं हो सकेगा। इस दिन महज अनबुझ शादी ही हो सकेंगी। ऐसे लोग पूर्व संध्या पर तैयारियां में जुटे रहे। वर्ष के आखिरी सीजन में आठ ही शुभ विवाह मुहूर्त रह गए हैं।
देवोत्थान एकादशी से देव जागने के बाद शुभ विवाह के आयोजन शुरू हो जाते हैं। इसके चलते शुक्रवार को जिले में काफी संख्या में विवाह के आयोजन होंगे। 100 शादी समारोह होने का अनुमान है। इन आयोजनों के चलते मैरिज होम, धर्मशालाओं आदि में सजावट का कार्य शुरू हो गया। आयोजक तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटे रहे। आयोजकों ने विवाह आयोजन के लिए सभी आवश्यक वस्तुओं को जुटाकर कार्यक्रम स्थलों पर पहुंचाना शुरू कर दिया। इसके साथ ही घरों में मांगलिक आयोजन चलते रहे। एक दिन की इस धूमधाम के बाद विवाह के आयोजनों पर ब्रेक लग जाएगा। इस समय शुक्र अस्त चल रहे हैं। यह 22 नवंबर तक रहेंगे। इसके बाद ही विवाह के आयोजन शुरू हो सकेंगे। 24 नवंबर से 14 दिसंबर के बीच ही आयोजन होंगे। इस अवधि में आठ मुहूर्त पड़ रहे हैं। इससे इस अवधि में बड़ी संख्या में विवाह आयोजन होने की संभावना जताई जा रही है।
वर्ष के आखिरी शुभ मुहूर्त
नवंबर: 24,25,27 तारीख
दिसंबर: 2,7,8,9,14 तारीख
इस समय शुक्र अस्त चल रहे हैं। 22 अक्तूबर तक अस्त रहेंगे। इससे देवोत्थान से सहालग का सीजन शुरू नहीं हो सकेगा। देेवोत्थान के दिन होने वाले शादी समारोह बिना किसी मुहूर्त के हो सकते हैं। इससे इस दिन होने वाले विवाह आयोजन में शुक्र अस्त से कोई बाधा नहीं आएगी। -डॉ. राधा कृष्ण दीक्षित, ज्योतिषाचार्य
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देवोत्थान एकादशी से देव जागने के बाद शुभ विवाह के आयोजन शुरू हो जाते हैं। इसके चलते शुक्रवार को जिले में काफी संख्या में विवाह के आयोजन होंगे। 100 शादी समारोह होने का अनुमान है। इन आयोजनों के चलते मैरिज होम, धर्मशालाओं आदि में सजावट का कार्य शुरू हो गया। आयोजक तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटे रहे। आयोजकों ने विवाह आयोजन के लिए सभी आवश्यक वस्तुओं को जुटाकर कार्यक्रम स्थलों पर पहुंचाना शुरू कर दिया। इसके साथ ही घरों में मांगलिक आयोजन चलते रहे। एक दिन की इस धूमधाम के बाद विवाह के आयोजनों पर ब्रेक लग जाएगा। इस समय शुक्र अस्त चल रहे हैं। यह 22 नवंबर तक रहेंगे। इसके बाद ही विवाह के आयोजन शुरू हो सकेंगे। 24 नवंबर से 14 दिसंबर के बीच ही आयोजन होंगे। इस अवधि में आठ मुहूर्त पड़ रहे हैं। इससे इस अवधि में बड़ी संख्या में विवाह आयोजन होने की संभावना जताई जा रही है।
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वर्ष के आखिरी शुभ मुहूर्त
नवंबर: 24,25,27 तारीख
दिसंबर: 2,7,8,9,14 तारीख
इस समय शुक्र अस्त चल रहे हैं। 22 अक्तूबर तक अस्त रहेंगे। इससे देवोत्थान से सहालग का सीजन शुरू नहीं हो सकेगा। देेवोत्थान के दिन होने वाले शादी समारोह बिना किसी मुहूर्त के हो सकते हैं। इससे इस दिन होने वाले विवाह आयोजन में शुक्र अस्त से कोई बाधा नहीं आएगी। -डॉ. राधा कृष्ण दीक्षित, ज्योतिषाचार्य
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