{"_id":"5f9c5c61d8d79f726a7607df","slug":"jobs-in-railways-police-arrests-fraud-crime-news","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"रेलवे में नौकरी का झांसा देकर ठगे 25 लाख, फर्जी नियुक्ति पत्र भी दिया, गैंग का सरगना गिरफ्तार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रेलवे में नौकरी का झांसा देकर ठगे 25 लाख, फर्जी नियुक्ति पत्र भी दिया, गैंग का सरगना गिरफ्तार
Sat, 31 Oct 2020 12:03 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Sat, 31 Oct 2020 12:03 AM IST
सार
आठ महीने पहले जगदीशपुरा के अवधपुरी निवासी दीपक सिकरवार और उसके साथी ताजगंज निवासी शकील अहमद ने विजय के बेटे की नौकरी रेलवे में टेक्निकल असिस्टेंट के पद पर लगवाने का झांसा दिया। इस पर विजय ने अपने बेटे और दो रिश्तेदारों के बेटों की नौकरी लगवाने के लिए 25 लाख रुपये दे दिए।
विज्ञापन
आरोपी दीपक
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
अलीगढ़ के तीन युवकों को रेलवे में टेक्निकल असिस्टेंट की नौकरी लगवाने के नाम पर ठग ने 25 लाख रुपये ले लिए। इसके बाद फर्जी नियुक्ति पत्र भी दे दिया। पीड़ित नियुक्ति पाने के लिए गए तब धोखाधड़ी का पता चला। एसएसपी से शिकायत के बाद मुकदमा दर्ज किया गया। साइबर सेल और थाना सदर पुलिस ने गुरुवार को गैंग के सरगना दीपक सिकरवार को गिरफ्तार कर लिया। उसे जेल भेजा गया है। एक आरोपी अभी फरार है।
अलीगढ़ के थाना अकराबाद क्षेत्र के गांव खेड़िया निवासी विजय सिंह किसान हैं। आठ महीने पहले जगदीशपुरा के अवधपुरी निवासी दीपक सिकरवार और उसके साथी ताजगंज निवासी शकील अहमद ने विजय के बेटे की नौकरी रेलवे में टेक्निकल असिस्टेंट के पद पर लगवाने का झांसा दिया।
इस पर विजय ने अपने बेटे और दो रिश्तेदारों के बेटों की नौकरी लगवाने के लिए 25 लाख रुपये दे दिए। दीपक और शकील ने उनसे शैक्षिक प्रमाणपत्र ले लिए, लेकिन नौकरी नहीं लग सकी। इसके बाद फर्जी नियुक्ति पत्र दे दिया। इसे लेकर जब नौकरी करने गए तो फर्जी होने का पता चला।
विज्ञापन
विज्ञापन
अलीगढ़ के थाना अकराबाद क्षेत्र के गांव खेड़िया निवासी विजय सिंह किसान हैं। आठ महीने पहले जगदीशपुरा के अवधपुरी निवासी दीपक सिकरवार और उसके साथी ताजगंज निवासी शकील अहमद ने विजय के बेटे की नौकरी रेलवे में टेक्निकल असिस्टेंट के पद पर लगवाने का झांसा दिया।
विज्ञापन
इस पर विजय ने अपने बेटे और दो रिश्तेदारों के बेटों की नौकरी लगवाने के लिए 25 लाख रुपये दे दिए। दीपक और शकील ने उनसे शैक्षिक प्रमाणपत्र ले लिए, लेकिन नौकरी नहीं लग सकी। इसके बाद फर्जी नियुक्ति पत्र दे दिया। इसे लेकर जब नौकरी करने गए तो फर्जी होने का पता चला।
विज्ञापन
रकम भी नहीं लौटाई और धमकाने लगे तो पीड़ितों ने आगरा एसएसपी से शिकायत की। थाना सदर में मुकदमा दर्ज कर लिया गया। थाना प्रभारी निरीक्षक जितेंद्र कुमार के मुताबिक, आरोपी दीपक सौ फुटा से गिरफ्तार कर लिया गया। दीपक ने पूछताछ में बताया कि वह ठगी कर चुका है। उसका साथी शकील है। उसकी तलाश की जा रही है।
इनको किया था नामजद
मुकदमे में दीपक सिकरवार के अलावा उसका भाई सुरेश सिकरवार, ताजगंज की साईं विहार कॉलोनी निवासी शकील, शहीद नगर निवासी रविंद्र सिंह फौजी और सुरेंद्र सिंह को नामजद किया है। पुलिस अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास में लगी है। आरोपी रेलवे के अलावा अन्य सरकारी विभाग में भी नौकरी लगवाने का झांसा देते हैं।
बैंक खाते में 6.45 लाख फ्रीज
गिरफ्तार आरोपी के बैंक खाते में 6.45 लाख रुपये फ्रीज किए गए हैं। इसके अलावा एक मोबाइल, दो सिम और 12 एटीएम कार्ड बरामद किए गए हैं। आरोपी को गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम में थाना सदर के प्रभारी निरीक्षक जितेंद्र कुमार के अलावा, साइबर सेल के एसआई सुल्तान सिंह, सिपाही विजय तोमर, बबलू कुमार, इंतजार, जितेंद्र आदि रहे।
पहले भी गैंग कर चुके हैं ठगी
शहर में नौकरी के नाम पर ठगी करने वाला गैंग पहले भी पकड़ा जा चुका है। ताजगंज के सरगना ने कई जिलों के युवकों से ठगी की थी। वह सेना में नौकरी लगवाने का झांसा देता था। इसके अलावा भी कई पकड़े जा चुके हैं।
इनको किया था नामजद
मुकदमे में दीपक सिकरवार के अलावा उसका भाई सुरेश सिकरवार, ताजगंज की साईं विहार कॉलोनी निवासी शकील, शहीद नगर निवासी रविंद्र सिंह फौजी और सुरेंद्र सिंह को नामजद किया है। पुलिस अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास में लगी है। आरोपी रेलवे के अलावा अन्य सरकारी विभाग में भी नौकरी लगवाने का झांसा देते हैं।
बैंक खाते में 6.45 लाख फ्रीज
गिरफ्तार आरोपी के बैंक खाते में 6.45 लाख रुपये फ्रीज किए गए हैं। इसके अलावा एक मोबाइल, दो सिम और 12 एटीएम कार्ड बरामद किए गए हैं। आरोपी को गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम में थाना सदर के प्रभारी निरीक्षक जितेंद्र कुमार के अलावा, साइबर सेल के एसआई सुल्तान सिंह, सिपाही विजय तोमर, बबलू कुमार, इंतजार, जितेंद्र आदि रहे।
पहले भी गैंग कर चुके हैं ठगी
शहर में नौकरी के नाम पर ठगी करने वाला गैंग पहले भी पकड़ा जा चुका है। ताजगंज के सरगना ने कई जिलों के युवकों से ठगी की थी। वह सेना में नौकरी लगवाने का झांसा देता था। इसके अलावा भी कई पकड़े जा चुके हैं।