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UP: विदेश में नौकरी...कंबोडिया में ऐसे जाल में फंस गए दो युवक, घर वापसी के लिए देने पड़े तीन-तीन लाख रुपये
Fri, 19 Sep 2025 08:47 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Fri, 19 Sep 2025 08:47 AM IST
सार
नाैकरी का झांसा देकर दो युवकों को कंबोडिया भेजा गया। यहां इन युवकों को बंधक बना लिया गया। इसके बाद साइबर ठगी की ट्रेनिंग दी गई। मुक्त होने के लिए युवकों को तीन-तीन लाख रुपये देने पड़े। घर वापस आने पर युवकों ने केस दर्ज कराया है।
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साइबर अपराध (सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : फ्री-पिक
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विस्तार
विदेश में नाैकरी लगवाने का झांसा देकर युवाओं से साइबर ठगी कराने का मामला सामने आया है। आरोपियों ने दो युवकों को नाैकरी के नाम पर कंबोडिया भेज दिया। वहां बंधक बनाकर उनसे साइबर ठगी कराई। तीन-तीन लाख रुपये देने पर आरोपियों ने युवकों को मुक्त किया। साइबर ठगी कराने वाले भी भारत के हैं। घर लाैटे आगरा के दो युवकों ने पुलिस से शिकायत की। साइबर थाने में केस दर्ज कर गिरोह की तलाश शुरू कर दी गई है।
मूलरूप से मई, हाथरस निवासी साैरभ ने केस दर्ज कराया है। उन्होंने पुलिस को बताया कि वह काफी समय से मलपुरा के नगला कारे निवासी अपने नाना के घर रह रहे हैं। उसने और परिचित अभिज्ञान ने वर्ष 2024 में अजय शुक्ला से विदेश में नाैकरी के लिए बात की थी। उसने एक कंपनी में नाैकरी का अच्छा पैकेज बताया। कहा कि इसके लिए कंबोडिया जाना होगा। कंपनी में कई लोगों की जरूरत है। इसके लिए दोनों से 3.5-3.5 लाख रुपये लिए गए। 16 जून को दोनों को बैंकाक के रास्ते कंबोडिया भेजा गया।
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मूलरूप से मई, हाथरस निवासी साैरभ ने केस दर्ज कराया है। उन्होंने पुलिस को बताया कि वह काफी समय से मलपुरा के नगला कारे निवासी अपने नाना के घर रह रहे हैं। उसने और परिचित अभिज्ञान ने वर्ष 2024 में अजय शुक्ला से विदेश में नाैकरी के लिए बात की थी। उसने एक कंपनी में नाैकरी का अच्छा पैकेज बताया। कहा कि इसके लिए कंबोडिया जाना होगा। कंपनी में कई लोगों की जरूरत है। इसके लिए दोनों से 3.5-3.5 लाख रुपये लिए गए। 16 जून को दोनों को बैंकाक के रास्ते कंबोडिया भेजा गया।
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वहां पहुंचने पर उन्हें साइबर क्राइम के जाल में फंसा दिया गया। उनसे डिजिटल अरेस्ट, ओटीपी भेजकर, लाॅटरी के नाम पर लोगों से ठगी करवाई जाती थी। जिस स्थान पर उन्हें रखा गया, वहां पर कई और युवा काम कर रहे थे। उनसे भी जबरन धोखाधड़ी करवाई जा रही थी। उन्होंने काम करने से मना कर दिया। इस पर बंधक बनाकर रखा गया। उनसे 3-3 लाख रुपये लिए गए तब भारत आने दिया गया। अजय शुक्ला और उसके साथियों ने कई और युवाओं को भेजा है। वे सभी फंस गए हैं। साइबर ठगी कराने में कई भारतीय भी शामिल हैं।
करनी पड़ती है काॅलिंग, जमा कराते हैं रकम
पुलिस की पूछताछ में पता चला है कि कंबोडिया में साइबर स्लेवरी में फंसे युवाओं से व्हाट्सएप पर काॅल कराई जाती थी। लोगों को झांसे में लिया जाता है। इसके बाद फर्जी खातों में रकम जमा करा दी जाती है। यह रकम अलग-अलग जगह से एजेंट के माध्यम से निकाली जाती है। जो युवा फंसे हैं, उनके दस्तावेज जमा करा लिए जाते हैं। पुलिस अब यह पता कर रही है कि इस गिरोह में कितने लोग शामिल हैं। अजय शुक्ला के पकड़े जाने के बाद ही अन्य लोगों का पता चलेगा।
पुलिस की पूछताछ में पता चला है कि कंबोडिया में साइबर स्लेवरी में फंसे युवाओं से व्हाट्सएप पर काॅल कराई जाती थी। लोगों को झांसे में लिया जाता है। इसके बाद फर्जी खातों में रकम जमा करा दी जाती है। यह रकम अलग-अलग जगह से एजेंट के माध्यम से निकाली जाती है। जो युवा फंसे हैं, उनके दस्तावेज जमा करा लिए जाते हैं। पुलिस अब यह पता कर रही है कि इस गिरोह में कितने लोग शामिल हैं। अजय शुक्ला के पकड़े जाने के बाद ही अन्य लोगों का पता चलेगा।
पुलिस ने पकड़े थे ठगी करने वाले
पुलिस ने हाल ही में एक गिरोह का खुलासा किया था। आरोपी अलग-अलग शहर में जाकर कार्यालय खोलते थे। विदेश में नाैकरी का झांसा देकर रकम लेते थे। फर्जी वीजा तक तैयार करा देते थे। जब लोग दूतावास पहुंचते थे तब उन्हें ठगी का पता चलता था। तब तक आरोपी कार्यालय बंद करके फरार हो जाते थे।
पुलिस ने हाल ही में एक गिरोह का खुलासा किया था। आरोपी अलग-अलग शहर में जाकर कार्यालय खोलते थे। विदेश में नाैकरी का झांसा देकर रकम लेते थे। फर्जी वीजा तक तैयार करा देते थे। जब लोग दूतावास पहुंचते थे तब उन्हें ठगी का पता चलता था। तब तक आरोपी कार्यालय बंद करके फरार हो जाते थे।
गृह मंत्रालय को भेजी जाएगी रिपोर्ट
डीसीपी सिटी सोनम कुमार ने बताया कि कंबोडिया भेजकर युवकों से साइबर ठगी कराई गई है। उन्होंने वापस आने पर शिकायत की। इस पर केस दर्ज किया गया है। साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। एजेंटों के बारे में पता किया जा रहा है। लोगों से अपील है कि वह इस तरह विदेश में नाैकरी के नाम परे झांसे में नहीं आएं। पहले इस बात की जानकारी कर लें कि उनके साथ धोखाधड़ी तो नहीं की जा रही है। कंबोडिया में और भारतीयों के फंसे होने की आशंका जताई गई है। इस पर गृह मंत्रालय और पुलिस मुख्यालय को रिपोर्ट भेजी जाएगी ताकि अन्य लोगों के बारे में जानकारी की जा सके।
डीसीपी सिटी सोनम कुमार ने बताया कि कंबोडिया भेजकर युवकों से साइबर ठगी कराई गई है। उन्होंने वापस आने पर शिकायत की। इस पर केस दर्ज किया गया है। साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। एजेंटों के बारे में पता किया जा रहा है। लोगों से अपील है कि वह इस तरह विदेश में नाैकरी के नाम परे झांसे में नहीं आएं। पहले इस बात की जानकारी कर लें कि उनके साथ धोखाधड़ी तो नहीं की जा रही है। कंबोडिया में और भारतीयों के फंसे होने की आशंका जताई गई है। इस पर गृह मंत्रालय और पुलिस मुख्यालय को रिपोर्ट भेजी जाएगी ताकि अन्य लोगों के बारे में जानकारी की जा सके।