Agra: जामा मस्जिद की सीढ़ियों की हो खोदाई, निकाली जाएं दबी मूर्तियां, कोर्ट में याचिका हुई दाखिल
आगरा में श्रीकृष्ण जन्मभूमि संरक्षित सेवा ट्रस्ट ने सिविल जज कोर्ट में वाद दायर किया है। न्यायालय से प्रार्थना की गई है कि जामा मस्जिद की सीढ़ियों के नीचे केशवदेव का प्राचीन विग्रह दबा हुआ है। सीढ़ियों की खोदाई कर केशवदेव विग्रह को निकलवाया जाए।
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श्रीकृष्ण जन्मभूमि संरक्षित सेवा ट्रस्ट के संरक्षक एवं कथा व्यास देवकीनंदन महाराज ने आगरा के न्यायालय में वाद दायर करके मथुरा के केशव देव मंदिर की मूर्तियों को आगरा की शाही जामा मस्जिद की सीढ़ियों के नीचे दबा बताते हुए इन्हें निकलवाने की मांग की है। उनका कहना है कि सीढ़ियों की खुदाई करवाकर इन मूर्तियों को निकाला जाए। अदालत ने इस्लामियां लोकल एजेंसी, यूपी सेंट्रल वक्फ बोर्ड, लखनऊ सहित सभी पक्षों को नोटिस देकर 31 मई तक जवाब दाखिल करने के आदेश दिए हैं।
कमला नगर में सोमवार को देवकीनंदन महाराज ने बताया कि उन्होंने 11 मई को ट्रस्ट की ओर से न्यायालय सिविल जज (प्रवर खण्ड), आगरा के समक्ष वाद संख्या 518/23 दायर किया था। इसमें न्यायालय से आगरा स्थित मस्जिद (जहांआरा बेगम मस्जिद) की सीढ़ियों में दबाई गई भगवान केशवदेव के विग्रहों को वापस दिलवाने की प्रार्थना की है। इसे स्वीकार करते हुए कोर्ट ने सचिव, इंतजामिया कमेटी शाही मस्जिद आगरा फोर्ट, छोटी मस्जिद, दीवान ए खास जहांआरा बेगम मस्जिद आगरा फोर्ट, अध्यक्ष यूपी सेन्ट्रल वक्फ बोर्ड, लखनऊ एवं सचिव, श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान को नोटिस भेजे हैं। सभी को 31 मई, 2023 तक अपना पक्ष रखना है।
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सीढ़ियों के नीचे श्रीकृष्ण की मूर्ति का दावा
कथा व्यास देवकीनंदन ठाकुर का दावा है कि आगरा की जामा मस्जिद में जो सीढ़ियां बनी हैं, उनके नीचे भगवान केशवदेव मंदिर की मूर्तियां हैं। उन्होंने इतिहास की पुस्तकों का हवाला देकर बताया कि वर्ष 1670 में मुगल शासक औरंगजेब ने मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर ठाकुर केशव देव मंदिर को तोड़कर उस स्थान पर मस्जिद बनवा दी थीं। मूर्तियां आगरा स्थित जहांआरा बेगम मस्जिद (छोटी मस्जिद) की सीढ़ियों के नीचे दबा दिया। मुस्लिम लोग इन सीढ़ियों पर चढ़कर मस्जिद में जाते हैं। पवित्र मूर्तियां आज भी उनके पैरों के नीचे रौंदी जा रही हैं।