Agra: जीवों का समझा मर्म, 40 बेजुबान को बचाया, इस बार भी बकरों को खरीदकर बचाई जान
आगरा में जैन समाज ने पांच साल पहले अनूठी पहल की, जिसमें अब तक 40 बेजुबानों को बचाया गया। इस बार भी बकरीद से पहले लोगों ने पांच बकरों को खरीदकर उनकी जान बचाई।
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जीवों पर दया करो, जीयो और जीने दो...भगवान महावीर स्वामी के इन संदेशों को अमल करते हुए आगरा में जैन समाज के लोगों ने अनूठी पहल शुरू की। बकरीद पर बेजुबानों का दर्द समझते हुए 40 बकरों को खरीद कर जान बचाई। पांच साल पहले शुरू हुए प्रकल्प से कई लोग जुड़ रहे हैं।
आगरा विकास मंच के अध्यक्ष राजकुमार जैन ने बताया कि जैन धर्म में अहिंसा परमो धर्म और जीवों पर दया करने का संदेश दिया जाता है। इनके आदर्शों का मानते हुए बकरीद पर अपनी क्षमता के अनुसार बकरों को खरीदना शुरू किया। 2018 में इस प्रकल्प की शुरूआत मंच के पूर्व अध्यक्ष दिवंगत अशोक जैन सीए ने की।
अब तक 40 बकरों की बचाई जान
अब तक करीब 40 बकरों की खरीद कर चुके हैं। इस बार भी पांच बकरे खरीदे गए। इनका कैलाश स्थित रामलाल वृद्धाश्रम में बने बाड़े में पालन किया जा रहा है। इनके चारे समेत अन्य की व्यवस्था आगरा विकास मंच मंच के जरिये ही की जाती है।
गुलचमन का होगा सम्मान
आगरा विकास मंच के संयोजक सुनील जैन ने बताया कि जैन श्वेतांबर मूर्तिपूजक श्रीसंघ की ओर से रविवार को केक पर बकरे का चित्र बनवाकर प्रतीकात्मक कुर्बानी देकर ईद मनाने वाले आजमपाड़ा निवासी गुलचमन शेरवानी और उसके दोनों बच्चों गुलवतन और गुलसनम को जैन दादाबाड़ी में सम्मानित किया जाएगा।