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लोकतंत्र सेनानी का हुआ निधन
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लोकतंत्र सेनानी जागन सिंह का फाइल फोटो
- फोटो : MAINPURI
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भोगांव। क्षेत्र के गांव टुड़ारी निवासी लोकतंत्र सेनानी का निधन हो गया। मंगलवार को राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। थाना क्षेत्र के गांव टुड़ारी निवासी 98 वर्षीय लोकतंत्र सेनानी जागन सिंह राजपूत का सोमवार की देर शाम निधन हो गया। मंगलवार को उनका राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया।
परिषद के जिलाध्यक्ष सतीश अवस्थी ने बताया कि जागन सिंह सन 1975 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गाधी द्वारा लगाए गए डीआईआर, मीसा के तहत आठ दिसंबर 1975 को भोगांव में आंदोलन करके जेल गए थे। एसडीएम सुधीर कुमार, प्रभारी निरीक्षक पहुप सिंह ने, राजस्व विभाग की ओर से कानूनगो राम स्वरूप यादव, लेखपाल अब्दुल नगीन खां ने लोकतंत्र सेनानी को पुष्प अर्पित करके श्रद्धांजलि दी।
प्रशासन की ओर से पहुंची गारद टीम ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया। मुखाग्नि उनके बड़े पुत्र हेमसिंह ने दी। संगठन के जिलाध्यक्ष सतीश अवस्थी, मथुरा प्रसाद, हाकिम सिंह, नेतराम, रामप्रकाश, राजेंद्र सिंह, अनिल गुप्ता, राजेश कुमार मौजूद रहे।
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सम्मान देना भूले अधिकारी
लोकतंत्र सेनानी के शव को राष्ट्रीय ध्वज ओढ़ाकर सम्मानित नहीं किया जा सका। लोकतंत्र सेनानियों सहित उनके परिवार के सदस्यों में रोष नजर आया। एसडीएम सुधीर कुमार ने बताया लोकतंत्र सेनानी के निधन की सूचना रात आठ बजे मिली। सुबह नौ बजे तक दुकानें बंद रहने से तिरंगा झंडा नहीं आ सका।
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परिषद के जिलाध्यक्ष सतीश अवस्थी ने बताया कि जागन सिंह सन 1975 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गाधी द्वारा लगाए गए डीआईआर, मीसा के तहत आठ दिसंबर 1975 को भोगांव में आंदोलन करके जेल गए थे। एसडीएम सुधीर कुमार, प्रभारी निरीक्षक पहुप सिंह ने, राजस्व विभाग की ओर से कानूनगो राम स्वरूप यादव, लेखपाल अब्दुल नगीन खां ने लोकतंत्र सेनानी को पुष्प अर्पित करके श्रद्धांजलि दी।
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प्रशासन की ओर से पहुंची गारद टीम ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया। मुखाग्नि उनके बड़े पुत्र हेमसिंह ने दी। संगठन के जिलाध्यक्ष सतीश अवस्थी, मथुरा प्रसाद, हाकिम सिंह, नेतराम, रामप्रकाश, राजेंद्र सिंह, अनिल गुप्ता, राजेश कुमार मौजूद रहे।
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सम्मान देना भूले अधिकारी
लोकतंत्र सेनानी के शव को राष्ट्रीय ध्वज ओढ़ाकर सम्मानित नहीं किया जा सका। लोकतंत्र सेनानियों सहित उनके परिवार के सदस्यों में रोष नजर आया। एसडीएम सुधीर कुमार ने बताया लोकतंत्र सेनानी के निधन की सूचना रात आठ बजे मिली। सुबह नौ बजे तक दुकानें बंद रहने से तिरंगा झंडा नहीं आ सका।