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UP: वृंदावन लाया गया इस्कॉन के अध्यक्ष गोपाल कृष्ण गोस्वामी महाराज का पार्थिव शरीर,अंतिम दर्शन के लिए लगी भीड़

Mon, 06 May 2024 03:39 PM IST
धीरेन्द्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा Published by: धीरेन्द्र सिंह Updated Mon, 06 May 2024 03:39 PM IST
सार

इस्कॉन आईजीसी के अध्यक्ष गोपाल कृष्ण गोस्वामी महाराज का निधन होने के बाद वृंदावन में उनका पार्थिव शरीर लाया गया।  इस्कॉन मंदिर में अंतिम दर्शन के बाद गोशाला के पास समाधि दी जाएगी।
 

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ISKCON IGC President Gopal Krishna Goswami Maharaj passes away Crowd gathered for last darshan
आईजीसी के अध्यक्ष गोपाल कृष्ण गोस्वामी महाराज - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

इस्कॉन के सबसे वरिष्ठ संन्यासियों में से एक और इस्कॉन इंडिया की गवर्निंग काउंसिल (आईजीसी) के अध्यक्ष गोपाल कृष्ण गोस्वामी महाराज का रविवार सुबह देहरादून में निधन हो गया है। यह खबर सुनकर भक्तों व संस्था के वृंदावन सहित विश्व के मंदिरों में शोक की लहर दौड़ गई। सोमवार को गोपाल कृष्ण गोस्वामी महाराज का पार्थिव शरीर वृंदावन लाया गया। यहां इस्कॉन मंदिर में प्रभुपाद की समाधि के पास ही अंतिम दर्शन के लिए सुबह 8.30 बजे से रखा गया। इसके बाद मंदिर की गोशाला के पास समाधि दी जाएगी।
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इस्कॉन मंदिर, वृंदावन के पदाधिकारी बृजधाम दास की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, विश्व भर में उनके लाखों भक्त हैं। वे भक्त अंतिम दर्शन के लिए वृंदावन के इस्कॉन मंदिर में आए हुए हैं। भक्तों में उनके निधन से शोक की लहर है। बता दें कि गोपाल कृष्ण गोस्वामी महाराज दो मई को दूधली स्थित मंदिर के शिलान्यास कार्यक्रम में पहुंचे थे। यहां वह अचानक फिसलकर गिर गए थे। इससे उनके फेफड़ों में पंक्चर हो गया था। तीन दिनों से उनका इलाज सिनर्जी अस्पताल में चल रहा था। रविवार सुबह उन्होंने अंतिम सांस ली।
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दिल्ली में हुआ था जन्म
सन् 1944 में नई दिल्ली में जन्मे गोपाल कृष्ण गोस्वामी महाराज एक मेधावी छात्र थे। उन्हें सोरबोन विश्वविद्यालय (फ्रांस) और मैकगिल विश्वविद्यालय (कनाडा) में अध्ययन करने के लिए दो छात्रवृत्तियां प्रदान की गईं थीं। उन्होंने 1968 में कनाडा में अपने गुरु और इस्कॉन के संस्थापक आचार्य श्रील प्रभुपाद से मुलाकात की और तब से उन्होंने सभी की शांति और कल्याण के लिए भगवान कृष्ण और सनातन धर्म की शिक्षाओं को दुनिया के साथ साझा करने के लिए खुद को समर्पित कर दिया।
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