व्हाट्स एप कॉलिंग में उलझकर रह गया इशांत अपहरण केस
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आगरा में व्यापारी अनिल जैन के पुत्र इशांत जैन के अपहरण का केस व्हाट्स एप कॉलिंग करने वाले की तलाश में उलझकर रह गया। 90 दिन बाद भी पुलिस सिर्फ हवा में तीर चला रही है। पुलिस का कहना है कि व्हाट्स एप से कॉल करने वाले का डेटा नहीं निकल पा रहा है। इस कारण जांच अटकी है।
पुरानी ईदगाह कालोनी निवासी अनिल जैन का आटा चक्की के पटे बनाने का कारोबार है। उनका छोटा बेटा इशांत जैन (28) पांच जुलाई को कार लेकर घर से निकला था। उसे ईदगाह बस स्टैंड के पास से सामान लेना था। इसके बाद वह लौटा नहीं। इस पर उसकी तलाश की, लेकिन नहीं मिला।
इस मामले में थाना रकाबगंज में गुमशुदगी दर्ज करा दी। नौ जुलाई को कारोबारी पुत्र की कार मुगल रोड पर लावारिस हालत में खड़ी मिली। पुलिस ने कार को कब्जे में ले लिया। इसी दिन अपहरण का मुकदमा भी दर्ज कर लिया। परिजनों के पास आठ जुलाई को एक कॉल आया था।
कॉलर ने कहा था कि इशांत का अपहरण कर लिया है। उसकी सलामती चाहते हो तो 50 लाख रुपये का इंतजाम कर लो। तीन दिन में पंजाब आकर रुपये देने होंगे। अगर, 50 लाख रुपये नहीं दिए तो उसकी हत्या कर दी जाएगी। पुलिस की जांच में पता चला है कि कॉल व्हाट्स एप से किया गया था। पुलिस आईपी एड्रेस का पता करने में लगी थी।
बेटे के लौटने की आस में दरवाजे पर खड़ी रहती हैं मां
परिजनों ने बताया कि इशांत का पता नहीं चलने के कारण मां सुषमा जैन का रो-रोकर बुरा हाल है। वह हर दिन बेटे की राह तकती रहती हैं। उसके लौटने की आस में दरवाजे पर खड़ी रहती हैं। वहीं पिता अनिल जैन भी तनावग्रस्त हो गए हैं।
उन्हें डर है कि बेटे के साथ अपहरणकर्ता कुछ अनहोनी न कर दें। पुलिस के पास भी जाते हैं, लेकिन कोई जवाब नहीं मिलता है।