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गजब का हाल: नियमों का डर, न कार्रवाई की चिंता...मनमानी कर रहे पंचायत सचिव; आईपी एड्रेस से खुल गई पोल

Wed, 04 Feb 2026 09:24 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा Published by: धीरेन्द्र सिंह Updated Wed, 04 Feb 2026 09:24 AM IST
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Irregular Payments Detected in 20 Gram Panchayats of Agra
सांकेतिक - फोटो : Freepic
आगरा में ग्राम पंचायत में विकास का जिम्मा संभालने वाले सचिवों की मनमानी बढ़ती जा रही है। उन्हें न नियमों की चिंता है और न ही शासन या अधिकारियों से होने वाली कार्रवाई का डर है। ग्राम पंचायत सचिवालय के गेटवे सॉफ्टवेयर से भुगतान न करके सचिव भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रहे हैं।
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जनपद की 13 ग्राम पंचायतों ने दिसंबर 2024 में 24. 63 लाख के भुगतान किए थे। इनकी संख्या 2025 में बढ़कर 20 हो गई। इन 20 पंचायत के सचिवों ने 1 से 31 दिसंबर तक 59. 38 लाख के भुगतान किए हैं। इनकी करतूत शासन ने आईपी एड्रेस ट्रेस कर पकड़ी है। जिला प्रशासन को कार्रवाई के लिए पंचायतीराज निदेशालय ने ऐसे पंचायतों की सूची भेजी गई है।
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इस खेल में 15 में से 9 ब्लॉक की पंचायत शामिल हैं। इनमें अकोला ब्लाॅक की मनिया में 4. 18 लाख, उजरई में 2. 54 लाख, खेरिया में 96 हजार, फतेहाबाद ब्लॉक की जरारी 5.32 लाख, धिमीश्री में 33 हजार, फतेहपुर सीकरी ब्लाॅक के दाऊदपुर में 3.57 लाख, भड़कौल में 1.89 लाख, सामरा में 47 हजार, जगनेर ब्लॉक के भारा में 1़ 78 लाख, जैतपुर कला ब्लॉक के सुजानपुरा में 4. 30 लाख, पहाड़पुरा में 2. 98 लाख, गढ़ी रंपरा में 2.20 लाख, अमाही में 1. 30 लाख, खंदौली ब्लॉक के नहर्रा में 11. 92 लाख, गिजौली मुस्तिकल में 3. 75 लाख, खेरागढ़ ब्लॉक के बुरहेड़ा में 8.52 लाख, सैंया ब्लॉक के शेरपुर में 1.75 लाख, नगला मोहरे में 96 हजार, मुखरई में 11 हजार और शमसाबाद की चितौरा में 50. 30 हजार रुपये के भुगतान किए हैं।
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यह है आदेश
गांव के विकास कार्यों में भ्रष्टाचार रोकने के लिए ग्राम पंचायत सचिवालय के कंप्यूटर से गेटवे साॅफ्टवेयर के माध्यम से विकास कार्यों का भुगतान करने के आदेश हैं। हालांकि, प्रधान और पंचायत सचिव ने गेटवे साॅफ्टवेयर की जगह पंचायत सचिवालय से बाहर से भुगतान कर दिया है। ग्राम पंचायत सचिवालय के कंप्यूटर से विकास कार्यों का भुगतान करने पर सचिवालय में तैनात पंचायत सहायक को भी जानकारी रहती है कि कितना पैसा किस काम में खर्च हुआ। पंचायत सहायक उसी पंचायत के निवासी होते हैं। ऐसे में सचिव व प्रधानों को भ्रष्टाचार खुलने का डर रहता है और वे साॅफ्टवेयर से भुगतान करने के लिए बचते हैं।



दोषी मिलने पर होगी कार्रवाई
जिला पंचायत राज अधिकारी मनीष कुमार ने बताया कि शासन ने पंचायत सचिवालय के गेटवे के बाहर से भुगतान करने वाली पंचायतों की सूची भेजी है। उनसे स्पष्टीकरण मांगने के लिए नोटिस भेज हैं। दोषी मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। 
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