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शर्मनाक: तीन दिन इलाज को भटका घायल, चिकित्सकों के इंतजार में एसएन इमरजेंसी में तोड़ा दम
Sun, 17 May 2020 09:32 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Sun, 17 May 2020 09:32 AM IST
सार
- एसएन इमरजेंसी गए तो भी भर्ती नहीं किया
- ट्रायज एरिया में तोड़ दिया दम
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विस्तार
आगरा में अछनेरा, ताजपुर निवासी उपेंद्र सिंह तीन दिन उपचार के लिए भटकते रहे। स्वास्थ्य केंद्र से पहले जिला अस्पताल फिर एसएन इमरजेंसी भेज दिया गया। किसी तरह वहां पहुंचे लेकिन उपचार नहीं मिला। न जांच हो सकी न भर्ती किया गया। शनिवार दोपहर एसएन इमरजेंसी के ट्रायज एरिया में उनकी मौत हो गई।
उपेंद्र सिंह (35) पुत्र कानाराम किसान थे। 12 मई को खेत पर भाइयों से विवाद में फौजदारी हो गई। आरोप है कि भाई ने खेत पर ही पीछे से ट्रैक्टर से टक्कर मारी। उपेंद्र के सिर, कंधे, पीठ और कूल्हे में चोट आई। पहले से पैर में सरिया पड़ी थी। 14 मई को अधिक दर्द की शिकायत पर उनकी पत्नी हरदेवी मायके हसेला के पास स्थित गांव गोबरा से भाई रनधीर को लेकर आईं।
रनधीर ने बताया कि वह 14 मई को उपेंद्र को लेकर अछनेरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गए। वहां से जिला अस्पताल इमरजेंसी रेफर कर दिया। लॉकडाउन में कोई वाहन नहीं मिला। 15 मई को पहले अछनेरा थाने में तहरीर दी और फिर बड़ी मुश्किलों से जिला अस्पताल पहुंचे।
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आरोप है कि यहां चिकित्सकों ने गंभीरता नहीं दिखाई। पर्चा ही गलत नाम से बना दिया। एक्स-रे कराया, तो उसकी रिपोर्ट नहीं दी। दो-तीन गोलियां देकर घर वापस भेज दिया। उन दवाओं से रात में हालत बिगड़ गई। कमर, पैर और चेहरे पर सूजन आ गई। वह खड़े नहीं हो पा रहे थे।
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उपेंद्र सिंह (35) पुत्र कानाराम किसान थे। 12 मई को खेत पर भाइयों से विवाद में फौजदारी हो गई। आरोप है कि भाई ने खेत पर ही पीछे से ट्रैक्टर से टक्कर मारी। उपेंद्र के सिर, कंधे, पीठ और कूल्हे में चोट आई। पहले से पैर में सरिया पड़ी थी। 14 मई को अधिक दर्द की शिकायत पर उनकी पत्नी हरदेवी मायके हसेला के पास स्थित गांव गोबरा से भाई रनधीर को लेकर आईं।
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रनधीर ने बताया कि वह 14 मई को उपेंद्र को लेकर अछनेरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गए। वहां से जिला अस्पताल इमरजेंसी रेफर कर दिया। लॉकडाउन में कोई वाहन नहीं मिला। 15 मई को पहले अछनेरा थाने में तहरीर दी और फिर बड़ी मुश्किलों से जिला अस्पताल पहुंचे।
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आरोप है कि यहां चिकित्सकों ने गंभीरता नहीं दिखाई। पर्चा ही गलत नाम से बना दिया। एक्स-रे कराया, तो उसकी रिपोर्ट नहीं दी। दो-तीन गोलियां देकर घर वापस भेज दिया। उन दवाओं से रात में हालत बिगड़ गई। कमर, पैर और चेहरे पर सूजन आ गई। वह खड़े नहीं हो पा रहे थे।
रनधीर शनिवार सुबह दोबारा उपेंद्र को लेकर अछनेरा स्वास्थ्य केंद्र गए तो यहां से एसएन इमरजेंसी रेफर कर दिया गया। शनिवार सुबह 11 बजे लाठी के सहारे घिसटते हुए इमरजेंसी पहुंचे। 11:30 बजे पर्चा बना।
रनधीर के अनुसार वार्ड ब्वॉय ने उपेंद्र को ट्रायज एरिया में ही लिटा दिया। न एक्स-रे कराया, न भर्ती की फाइल बनाई। हड्डी यूनिट के चिकित्सक भी देर से आए। जीजा दर्द से तड़पते रहे। उन्हें सिर्फ ड्रिप चढ़ाई गई। दोपहर एक बजे उनकी मौत हो गई। मौत के बाद उनके पर्चे भी चिकित्सकों ने अपने पास रख लिए।
तीन पर्चे, तीनों में अलग नाम
उपेन्द्र सिंह इलाज के लिए तीन जगह गए। तीनों जगह अलग-अलग नाम से तीन पर्चे बने। अछनेरा स्वास्थ्य केंद्र पर उपेंद्र सिंह के नाम से पर्चा बना। जिला अस्पताल में ओपन सिंह के नाम से जबकि इमरजेंसी में टोपन सिंह नाम से। गलत नाम से पर्चे बनने से मरीज की पहचान बदल जाती है। फिर उसी नाम से फाइल बनती है। ऐसे में उसके प्रमाणपत्र बनवाने में दिक्कत होती है।
रनधीर के अनुसार वार्ड ब्वॉय ने उपेंद्र को ट्रायज एरिया में ही लिटा दिया। न एक्स-रे कराया, न भर्ती की फाइल बनाई। हड्डी यूनिट के चिकित्सक भी देर से आए। जीजा दर्द से तड़पते रहे। उन्हें सिर्फ ड्रिप चढ़ाई गई। दोपहर एक बजे उनकी मौत हो गई। मौत के बाद उनके पर्चे भी चिकित्सकों ने अपने पास रख लिए।
तीन पर्चे, तीनों में अलग नाम
उपेन्द्र सिंह इलाज के लिए तीन जगह गए। तीनों जगह अलग-अलग नाम से तीन पर्चे बने। अछनेरा स्वास्थ्य केंद्र पर उपेंद्र सिंह के नाम से पर्चा बना। जिला अस्पताल में ओपन सिंह के नाम से जबकि इमरजेंसी में टोपन सिंह नाम से। गलत नाम से पर्चे बनने से मरीज की पहचान बदल जाती है। फिर उसी नाम से फाइल बनती है। ऐसे में उसके प्रमाणपत्र बनवाने में दिक्कत होती है।
मामले में जांच बैठाई जाएगी
कोविड की वजह से मरीज को ट्रायज एरिया में स्क्रीन करना पड़ता है। सीसीटीवी फुटेज चेक की जाएगी। लापरवाह चिकित्सक के खिलाफ जांच बिठाई जाएगी। -डॉ. संजय काला, प्राचार्य, एसएन मेडिकल कॉलेज
चिकित्सक पर कार्रवाई करूंगा
मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। इमरजेंसी में लापरवाही हुई है, तो चिकित्सक के खिलाफ कार्रवाई करूंगा। -डॉ. सतीश वर्मा, प्रमुख अधीक्षक, जिला अस्पताल
कोविड की वजह से मरीज को ट्रायज एरिया में स्क्रीन करना पड़ता है। सीसीटीवी फुटेज चेक की जाएगी। लापरवाह चिकित्सक के खिलाफ जांच बिठाई जाएगी। -डॉ. संजय काला, प्राचार्य, एसएन मेडिकल कॉलेज
चिकित्सक पर कार्रवाई करूंगा
मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। इमरजेंसी में लापरवाही हुई है, तो चिकित्सक के खिलाफ कार्रवाई करूंगा। -डॉ. सतीश वर्मा, प्रमुख अधीक्षक, जिला अस्पताल