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Indian Air Force: पैराशूट से पहुंचेगा सात टन का सामान, तैयार हुआ स्वदेशी पी-7 ड्रॉप सिस्टम, जानें इसकी विशेषता

Sun, 20 Aug 2023 09:40 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा Published by: धीरेन्द्र सिंह Updated Sun, 20 Aug 2023 09:40 AM IST
सार

वायुसेना ने हैवी ड्रॉप सिस्टम का सफल परीक्षण किया। आगरा एडीआरडीई ने पी-7 हैवी ड्राॅप सिस्टम पैराशूट को डिजाइन किया है।
 

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Indian Air Force P-7 Heavy Drop System Ready For Equipment Parachute In War
स्वदेशी पी-7 हैवी ड्रॉप सिस्टम - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

भारतीय वायु सेना आगरा में डिजाइन किए गए पैराशूट सिस्टम की मदद से हवाई जहाज से कहीं पर भी 7 टन वजन तक के हथियार, सैन्य उपकरण और सामान पहुंचा सकेगी। वायुसेना ने हाल में ही आईएल-76 विमान से हैवी ड्राॅप सिस्टम पी-7 का सफल परीक्षण किया। पूरी तरह से स्वदेशी पी-7 हैवी ड्रॉप सिस्टम के जरिए जंग के मैदान में या दुर्गम स्थलों तक सात टन वजनी सामान पहुंचाया जा सकेगा। सैन्य अधिकारियों ने इसे मेक इन इंडिया में बड़ी सफलता करार दिया।
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डीआरडीओ के आगरा स्थित एरियल डिलीवरी रिसर्च एंड डेवलपमेंट एस्टेब्लिशमेंट (एडीआरडीई) ने साल 2020 में डिजाइन बनाने के बाद सात टन वजन के पी-7 हैवी ड्रॉप सिस्टम का परीक्षण शुरू किया था। उससे पहले सेना केवल 3 टन वजन के उपकरण और साजो सामान ही पैराशूट के जरिए उतार सकती थी। मलपुरा स्थित ड्रॉपिंग जोन में एडीआरडीई ने कई परीक्षण किए। सेना में सात टन वजन वाले पैराशूट सिस्टम के बाद आगरा के एडीआरडीई वैज्ञानिक 15 टन वजन के पैराशूट सिस्टम को विकसित करने पर काम कर रहे हैं। इसके भी परीक्षण जारी हैं। हैवी ड्रॉप सिस्टम के कारण दुर्गम स्थानों पर सैन्य उपकरण जल्द पहुंचाने की भारतीय सेना की क्षमताओं में इजाफा हो जाएगा।
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मल्टी स्टेज पैराशूट सिस्टम है पी-7

हैवी ड्रॉप सिस्टम आईएल-76 विमान के लिए एक प्लेटफॉर्म और विशेष पैराशूट सिस्टम है। यह पैराशूट सिस्टम एक मल्टी-स्टेज पैराशूट सिस्टम है, जिसमें पांच मुख्य कैनोपी, पांच ब्रेक शूट, दो सहायक शूट, एक एक्सट्रैक्टर पैराशूट शामिल हैं। इस सिस्टम का प्लेटफॉर्म एल्यूमीनियम और स्टील के मिश्रण से बनी एक धातु संरचना है। इसकी खासियत यह है कि इसे सौ फीसदी स्वदेशी संसाधनों के साथ तैयार किया गया है।
 
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तेल और पानी का पैराशूट पर कोई असर नहीं

आगरा स्थित एडीआरडीई के वैज्ञानिकों की टीम ने इस पैराशूट सिस्टम में खास तरह के धागों का इस्तेमाल किया है, जिस पर तेल और पानी का कोई असर नहीं पड़ता। पानी के कारण यह भारी नहीं होता और इसका इस्तेमाल लंबे समय तक किया जा सकता है। कई परीक्षणों के बाद अब पी-7 हैवी ड्रॉप सिस्टम को सेना में शामिल कर लिया गया है। इसका निर्माण एलएंडटी कंपनी कर रही है जबकि इसके लिए पैराशूट का निर्माण ऑर्डनेंस फैक्टरी कर रही है।
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