फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   importance significance of Vat Savitri Vrat 2019 puja vidhi

सोमवार को सुहागिन महिलाएं करेंगी वट सावित्री की पूजा, जानिए क्या है मान्यता

Sun, 02 Jun 2019 04:56 PM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कासगंज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कासगंज Published by: मुकेश कुमार Updated Sun, 02 Jun 2019 04:56 PM IST
विज्ञापन
importance significance of Vat Savitri Vrat 2019 puja vidhi
वट सावित्री का महत्व
पति की दीर्घायु के लिए सोमवार को महिलाएं वट सावित्री का व्रत रखेंगी। इसके लिए सुहागिन महिलाओं ने एक दिन पहले पूरी तैयारियां कर लीं। वहीं कासगंज के मंदिरों में वट पूजा के लिए व्यवस्थाएं की गई हैं। 
विज्ञापन


ज्येष्ठ अमावस्या को मनाए जाने वाले वट सावत्री व्रत को लेकर सुहागिन महिलाओं में उत्साह नजर आ रहा है। सुहागिन महिलाओं ने पूर्व संध्या पर उपवास की तैयारी की। पूजा से संबंधित सामान की बाजार से खरीदारी की गई। 
विज्ञापन


शहरी क्षेत्रों मे सबसे अधिक समस्या वट वृक्ष की रहती है। इसलिए आसपास के क्षेत्रों से वट की टहनी को मंगवाई गईं। कुछ मंदिरों में वट पूजा को लेकर पुजारी भी व्यवस्थाओं में जुटे रहे ताकि सुहागिन महिलाएं मंदिरों में पूजा कर सकें। 
विज्ञापन
विज्ञापन

यह है मान्यता 

सावित्री ने ज्येष्ठ अमावस्या के दिन वट वृक्ष के नीचे अपने पति सत्यवान की यमराज से सुरक्षा की थी। तभी से सुहागिन महिलाएं इस दिन व्रत रखा जाता है। सुहागिन महिलाएं वट वृक्ष की पूजा करती हैं। सत्यवान एवं सावित्री एवं यमराज की भी पूजा कर अपने पति की दीर्घायु, स्वास्थ्य आदि की कामना की जाती है। 

यह है पूजा विधि

टोकरी में रेत भरकर ब्रह्मा की मूर्ति स्थापित करें तथा वाम पार्श्व में सवित्री की मूर्ति स्थापित करें। दूसरी टोकरी में सत्यवान सावित्री की मूत स्थापित करें। दोनों टोकरियों को वट वृक्ष के नीचे रखें। सबसे पहले ब्रह्मा सावित्री की पूजा करें फिर सत्यवान सावित्री की पूजा करें। 

इसके बाद वट वृक्ष को पानी दें। जल, फूल, मोली, रोली, कच्चा सूत, भिगोया चना, गुड तथा धूप दीप से पूजा करें। जल चढ़ाकर वृक्ष के चारों ओर कच्चा धागा लपेट कर तीन वार परिक्रमा करें। वट के पत्तों की माला पहन कर कथा का श्रवण करें। 

भीगे हुए चने का वायना निकाल कर उस पर धन रखकर अपनी सास को देकर उनका आशीर्वाद प्राप्त करें। पूजा समाप्त होने पर वस्त्र तथा फल बांस के पत्ते में रखकर दान करें। यदि आस पास वृक्ष नहीं है तो दीवार पर वट वृक्ष का चित्र बनाकर पूजा करें। 

शहर स्थित गोवर्धननाथ मंदिर के पुजारी ओमप्रकाश शर्मा ने बताया कि वट सावित्री का व्रत सुहागिन महिलाएं अपने पति की दीर्घायु के लिए करती हैं। इस व्रत में वट वृक्ष की पूजा की जाती है। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed