{"_id":"66d75ee8d4400f38bb0295d6","slug":"if-you-want-ultrasound-then-come-after-15-days-kasganj-news-c-175-1-sagr1032-120405-2024-09-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"Agra News: अल्ट्रासाउंड है कराना तो 15 दिन बाद आना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Agra News: अल्ट्रासाउंड है कराना तो 15 दिन बाद आना
Wed, 04 Sep 2024 12:39 AM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Updated Wed, 04 Sep 2024 12:39 AM IST
विज्ञापन
कासगंज। यदि आप जिला अस्पताल पर अल्ट्रासाउंड कराने के लिए जा रहे हैं तो यह उम्मीद कतई न करें, आपका उसी दिन अल्ट्रासाउंड हो जाएगा। जिला अस्पताल में सिर्फ गर्भवती महिलाओं का ही प्राथमिकता से अल्ट्रासाउंड हो रहा है। अन्य मरीजों को 15 दिन से अधिक तक की तारीखें मिल रही हैं।
जिला अस्पताल में गर्भवती महिलाओं के अलावा पेट दर्द, पथरी सहित अन्य समस्याओं को लेकर मरीज आ रहे हैं। शासन से गर्भवती महिलाओं को अल्ट्रासाउंड प्राथमिकता से कराने के निर्देश हैं। चिकित्सक गर्भवती महिलाओं को अल्ट्रासाउंड लिखते हैं तो रेडियाेलाॅजिस्ट विभाग में अधिकांशत: महिलाओं का उसी दिन अल्ट्रासाउंड हो जाता है। यदि गर्भवती महिलाओं की संख्या अधिक होती है तो उन्हें अगले दिन की तारीख मिल जाती है। इनके अलावा अन्य जो मरीज आते हैं, उनको उसी दिन अल्ट्रासाउंड की सुविधा नहीं मिल पाती। पहले तो चिकित्सक ही उनके लिए अल्ट्रासाउंड आसानी से नहीं लिखते। यदि चिकित्सक लिख भी दें तो 15 दिन से अधिक समय तक की तारीख दे दी जाती है। ऐसे में मरीजों को काफी दिक्कत हो जाती है। उन्हें जिला अस्पताल के चक्कर लगाने होते हैं या फिर निजी सेंटर पर जाना पड़ता है।
विज्ञापन
जिला अस्पताल में गर्भवती महिलाओं के अलावा पेट दर्द, पथरी सहित अन्य समस्याओं को लेकर मरीज आ रहे हैं। शासन से गर्भवती महिलाओं को अल्ट्रासाउंड प्राथमिकता से कराने के निर्देश हैं। चिकित्सक गर्भवती महिलाओं को अल्ट्रासाउंड लिखते हैं तो रेडियाेलाॅजिस्ट विभाग में अधिकांशत: महिलाओं का उसी दिन अल्ट्रासाउंड हो जाता है। यदि गर्भवती महिलाओं की संख्या अधिक होती है तो उन्हें अगले दिन की तारीख मिल जाती है। इनके अलावा अन्य जो मरीज आते हैं, उनको उसी दिन अल्ट्रासाउंड की सुविधा नहीं मिल पाती। पहले तो चिकित्सक ही उनके लिए अल्ट्रासाउंड आसानी से नहीं लिखते। यदि चिकित्सक लिख भी दें तो 15 दिन से अधिक समय तक की तारीख दे दी जाती है। ऐसे में मरीजों को काफी दिक्कत हो जाती है। उन्हें जिला अस्पताल के चक्कर लगाने होते हैं या फिर निजी सेंटर पर जाना पड़ता है।
विज्ञापन