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सक्रिय नहीं मिले शौचालय तो बदलेगा संचालन का जिम्मा
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मैनपुरी। ग्राम पंचायतों में बनवाए गए सामुदायिक शौचालयों का संचालन अब सख्ती से कराया जाएगा। इसके लिए सीडीओ के निर्देश पर डीपीआरओ ने सभी सचिवों को आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा कि अगर सामुदायिक शौचालय सक्रिय नहीं मिले तो संचालन की जिम्मेदारी बदलने के साथ ही उन पर भी कार्रवाई की जाएगी।
जिले की 549 ग्राम पंचायतों में से लगभग साढ़े चार सौ ग्राम पंचायतों में निर्माण कार्य पूर्ण होने के बाद शौचालय स्वयं सहायता समूह को हैंडओवर कर दिए गए हैं। संचालन के लिए ग्राम पंचायत और स्वयं सहायता समूह के बीच अनुबंध भी हुआ है। इसी अनुबंध के आधार संचालन का पूरा जिम्मा संबंधित समूह का ही है। लेकिन कई ग्राम पंचायतों में शौचालय सक्रिय न होने की शिकायतें मिल रही हैं।
इस पर मुख्य विकास अधिकारी विनोद कुमार ने सख्ती कर दी है। उन्होंने ग्राम पंचायतों में हर हाल में शौचालय सक्रिय कराने के निर्देश दिए हैं। अगर कहीं लापरवाही मिलती है तो संबंधित समूह से संचालन की जिम्मेदारी हटा ली जाएगी।
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सामुदायिक शौचालय के संचालन के लिए स्वयं सहायता समूह को ग्राम पंचायत द्वारा प्रतिमाह नौ हजार रुपये की धनराशि दी जाती है। वहीं अन्य जरूरी सामान के लिए भी अलग से धनराशि दी जाती है। इसके बाद भी समूह सामुदायिक संचालन में लापरवाही कर रहे हैं।
सभी सचिवों को निर्देशित किया गया है कि हर हाल में सामुदायिक शौचालय सक्रिय रहें। अगर कहीं लापरवाही की जा रही है तो सामुदायिक शौचालय का संचालन भी बदला जाएगा।
स्वामीदीन, डीपीआरओ
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जिले की 549 ग्राम पंचायतों में से लगभग साढ़े चार सौ ग्राम पंचायतों में निर्माण कार्य पूर्ण होने के बाद शौचालय स्वयं सहायता समूह को हैंडओवर कर दिए गए हैं। संचालन के लिए ग्राम पंचायत और स्वयं सहायता समूह के बीच अनुबंध भी हुआ है। इसी अनुबंध के आधार संचालन का पूरा जिम्मा संबंधित समूह का ही है। लेकिन कई ग्राम पंचायतों में शौचालय सक्रिय न होने की शिकायतें मिल रही हैं।
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इस पर मुख्य विकास अधिकारी विनोद कुमार ने सख्ती कर दी है। उन्होंने ग्राम पंचायतों में हर हाल में शौचालय सक्रिय कराने के निर्देश दिए हैं। अगर कहीं लापरवाही मिलती है तो संबंधित समूह से संचालन की जिम्मेदारी हटा ली जाएगी।
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सामुदायिक शौचालय के संचालन के लिए स्वयं सहायता समूह को ग्राम पंचायत द्वारा प्रतिमाह नौ हजार रुपये की धनराशि दी जाती है। वहीं अन्य जरूरी सामान के लिए भी अलग से धनराशि दी जाती है। इसके बाद भी समूह सामुदायिक संचालन में लापरवाही कर रहे हैं।
सभी सचिवों को निर्देशित किया गया है कि हर हाल में सामुदायिक शौचालय सक्रिय रहें। अगर कहीं लापरवाही की जा रही है तो सामुदायिक शौचालय का संचालन भी बदला जाएगा।
स्वामीदीन, डीपीआरओ