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Agra News: झोपड़ी और कच्चे मकान कटे, पक्का मकान भी कटान की चपेट में

Tue, 08 Aug 2023 11:18 PM IST
आगरा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा Updated Tue, 08 Aug 2023 11:18 PM IST
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Huts and kutcha houses cut, pucca houses also in the grip of erosion
कासगंज। पटियाली तहसील क्षेत्र के गांव बरौना में गंगा की तीव्र धारा लगातार कटान का कहर बरपा रही है। कटान से गांव के लोगों को मुक्ति नहीं मिल पा रही। सिंचाई विभाग के द्वारा किए गए कार्य कारगर साबित नहीं हो पा रहे। मंगलवार को कटान की चपेट में झोपड़ियां और दो कच्चे मकान आए। एक पक्का मकान भी कटान की चपेट में आ गया। जिसे बचाने की कोशिश में सिंचाई विभाग जुटा हुआ है। गांव के पूर्व हिस्से में आगे की ओर कटान की तीव्रता बनी हुई है। जिसको लेकर ग्रामीणों में खलबली है और वह अपने आशियाने व सामान को हटाने में जुटे हैं।
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बरौना में गंगा कटान का सिलसिला कई दिनों से बना हुआ है। पिछले 3 दिनों में सिंचाई विभाग के द्वारा किए गए कटान रोधी कार्यों से कटान की गति धीमी हुई थी। लेकिन सोमवार की रात्रि से कटान की गति काफी तेज हो गई है। गंगा के जलस्तर में वृद्धि होने के कारण पानी की लहरों के दबाव में कटान रोधी कार्य तहस-नहस होने लगे। कटान रोकने के लिए लगाए गए इसी बैग गंगा में धस गई। गंगा की तीव्र धारा ने लालाराम के कच्चे मकान को कटान की चपेट में ले लिया और देखते ही देखते पूरा कच्चा मकान गंगा में समा गया। इसी के साथ ही गांव की प्रेम सिंह का पक्का मकान भी कटान के निशाने पर आ गया मकान के आसपास की भूमि और मिट्टी गंगा में कटने लगी। अब मकान की दीवार पर गंगा की लहरों का जोर है। दीवार के आसपास की भूमि दरकने लगी । इसके अलावा प्रेम राज, पोखपाल, रामफूल के कच्चे व पक्के मकान में कटान शुरू हो गया। इन ग्रामीणों ने खुद ही अपने निर्माण को तोड़ना शुरू कर दिया ।घर का सामान तो उन्होंने पहले ही हटा दिया। लेकिन मंगलवार को ट्रैक्टर ट्रॉलियों से घरों की ईट,मलवा सुरक्षित स्थानों की ओर ले गए। पूरे दिन गांव में ग्रामीणों के बीच हाहाकार का माहौल बना रहा। लालाराम की पत्नी तो आंसुओं से रोती नजर आई और बार-बार अपने काटे कच्चें मकान को निहार रही थी। यही हाल प्रेम सिंह के परिवार का था प्रेम सिंह का पूरा परिवार अपने कट रहे पक्के मकान के पास से एक झोपड़ी में चिंतित मुद्रा में बैठा हुआ नजर आया । प्रेमराज ने कहा कि वह पिछले 7 दिनों से लगातार अपने मकान को बचाने के लिए सिंचाई विभाग से गुहार कर रहा था लेकिन सिंचाई विभाग दूसरी जगह काम करता रहा उसके मकान के पास काम नहीं किया ऐसी स्थिति में अब गंगा की धारा उसके मकान को काट रही है। मकान के आसपास का हिस्सा गंगा में कट के समा चुका है। प्रेम सिंह की ने बताया कि उसने जमीन बेचकर पक्का मकान बनाया था। अब उसका मकान कट जाएगा तो वह कहां जाएगा।
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