महामारी में मनमानी: अस्पताल ने 35 हजार रुपये प्रतिदिन वसूला बेड चार्ज, शिकायत पर लौटाए तीन लाख रुपये
अपर नगर मजिस्ट्रेट प्रथम जेपी पांडेय ने बताया कि शांति वेद हॉस्पिटल ने तीन लाख रुपये वापस किए हैं। साक्ष्य बतौर चेक की प्रति जमा कराई है।
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इलाज खर्च के नाम पर अधिक बिल वसूलने में फंसे अस्पतालों ने अब कार्रवाई के डर से पैसा वापस करना शुरू कर दिया है। गुरुवार को शांतिवेद हॉस्पिटल ने नुनिहाई निवासी सुनीता जैन को तीन लाख रुपये वापस किए। बिल में एक दिन का बेड चार्ज 35 हजार रुपये जोड़ने और इलाज के नाम पर आठ लाख वसूलने की शिकायत सुनीता ने महामारी समिति में दर्ज कराई थी।
अपर नगर मजिस्ट्रेट प्रथम जेपी पांडेय ने बताया कि शांति वेद हॉस्पिटल ने तीन लाख रुपये वापस किए हैं। साक्ष्य बतौर चेक की प्रति जमा कराई है। सुनीता जैन ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उनके पति करीब 14 दिन यहां भर्ती रहे थे। इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई।
आठ लाख रुपये बिल वसूला गया। जिसमें 35 हजार रुपये प्रतिदिन बेड चार्ज लिया गया। इस संबंध में शांति वेद हॉस्पिटल ने अपना पक्ष रखते हुए समिति से कहा, वह गरीब व जरूरतमंद लोगों की हमेशा मदद करता रहा है। बिल में जो गलती हुई उसे सुधार किया है।
गुरुवार को सिनर्जी हॉस्पिटल और यशवंत हॉस्पिटल की दो नई शिकायतें भी दर्ज हुई हैं। दोनों शिकायत में मरीजों के परिजन ने अधिक बिल वसूलने के आरोप लगाए हैं। इसके अलावा बुधवार को जिन चार अस्पतालों को नोटिस जारी किए थे उनमें तीन अस्पतालों ने नोटिस का जवाब प्रस्तुत किया है।
महामारी लोक शिकायत समिति सदस्य एवं एडीएम सिटी डॉ. प्रभाकांत अवस्थी ने बताया कि रवि हॉस्पिटल और ओम मेडिकल कॉम्पलेक्स ने जवाब में अपने साक्ष्य प्रस्तुत किए हैं। कमलेश टंडन हॉस्पिटल के शिकायतकर्ता ने दो दिन का समय मांगा है। यशवंत हॉस्पिटल ने जवाब दाखिल करने को एक दिन का समय मांगा है।
न्यायिक मजिस्ट्रेट करेंगे निर्णय
महामारी लोक शिकायत समिति सदस्य एवं मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अनिल कुमार शिकायतों पर निर्णय करेंगे। अस्पतालों और शिकायतकर्ताओं के साक्ष्यों की जांच के बाद कार्रवाई तय होगी।
अपर नगर मजिस्ट्रेट जेपी पांडेय ने बताया कि समिति के समक्ष अब तक 15 शिकायतें दर्ज हो चुकी हैं। जिनमें चार शिकायतों का निस्तारण किया गया है। बाकी शिकायतों की जांच चल रही है।
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