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UP: फिरौती के लिए कारोबारी का किया था अपहरण, 13 साल बाद जेल से छूटा हिस्ट्रीशीटर; इसलिए घर पहुंची पुलिस
Fri, 12 Jun 2026 10:01 AM IST
Dhirendra Singh
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Fri, 12 Jun 2026 10:01 AM IST
सार
अपहरण और पांच करोड़ रुपये की फिरौती मांगने के मामले में सजा काटने के बाद हिस्ट्रीशीटर सुधीर सिंह भदौरिया 13 साल बाद जेल से रिहा हुआ है। उसकी रिहाई की सूचना पर शाहगंज पुलिस ने घर पहुंचकर सत्यापन किया और वर्तमान गतिविधियों की जानकारी जुटाई।
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agra police
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
आगरा के थाना शाहगंज का हिस्ट्रीशीटर सुधीर सिंह भदौरिया 13 साल बाद जेल से रिहा हो गया। इसकी जानकारी पर शाहगंज पुलिस ने उसका सत्यापन कराया। यह पता किया गया है कि वह वर्तमान में कहां रह रहा है। उसके घर में कितने लोग हैं। इस सबकी जानकारी ली गई।
सुधीर सिंह भदौरिया मूलरूप से शमसाबाद के धिमश्री का रहने वाला है। वह थाना शाहगंज क्षेत्र में रहने लगा था। उसने 24 अगस्त 2013 को मध्य प्रदेश के खंडवा से प्रॉपर्टी डीलर राकेश जैन को अगवा किया था। परिजन से पांच करोड़ की फिरौती मांगी गई थी। आरोपियों ने पुलिस की वर्दी पहनी थी। उनके पास वायरलेस सेट भी थे। जिससे रास्ते में चेकिंग का पता चल जाए।
27 अगस्त को पुलिस ने राकेश जैन को एक फ्लैट से मुक्त कराया था। इस दौरान एके-47 सहित एक हजार कारतूस, 6 पिस्टल और रिवाल्वर बरामद की थीं। मामले में सुधीर सिंह भदौरिया, मोहम्मद हाजी, रिपुदमन, प्रदीप को उम्र कैद की सजा हुई थी। सुधीर सिंह को फतेहगढ़ की सेंट्रल जेल में रखा गया था। एडीसीपी क्राइम हिमांशु गौरव ने बताया कि अपराधियों का सत्यापन कार्य किया जा रहा है। इसमें देखा जाता है कि किसी और अपराध में लिप्त तो नहीं हैं। उनके पड़ोसियों से भी जानकारी जुटाई जाती है। सुधीर सिंह का भी सत्यापन कराया गया है।
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सुधीर सिंह भदौरिया मूलरूप से शमसाबाद के धिमश्री का रहने वाला है। वह थाना शाहगंज क्षेत्र में रहने लगा था। उसने 24 अगस्त 2013 को मध्य प्रदेश के खंडवा से प्रॉपर्टी डीलर राकेश जैन को अगवा किया था। परिजन से पांच करोड़ की फिरौती मांगी गई थी। आरोपियों ने पुलिस की वर्दी पहनी थी। उनके पास वायरलेस सेट भी थे। जिससे रास्ते में चेकिंग का पता चल जाए।
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27 अगस्त को पुलिस ने राकेश जैन को एक फ्लैट से मुक्त कराया था। इस दौरान एके-47 सहित एक हजार कारतूस, 6 पिस्टल और रिवाल्वर बरामद की थीं। मामले में सुधीर सिंह भदौरिया, मोहम्मद हाजी, रिपुदमन, प्रदीप को उम्र कैद की सजा हुई थी। सुधीर सिंह को फतेहगढ़ की सेंट्रल जेल में रखा गया था। एडीसीपी क्राइम हिमांशु गौरव ने बताया कि अपराधियों का सत्यापन कार्य किया जा रहा है। इसमें देखा जाता है कि किसी और अपराध में लिप्त तो नहीं हैं। उनके पड़ोसियों से भी जानकारी जुटाई जाती है। सुधीर सिंह का भी सत्यापन कराया गया है।
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