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UP News: जेडी प्रकरण की जांच के लिए बनी उच्चस्तरीय समिति, रिश्वत के आरोप में फंसे हैं अधिकारी
Sun, 01 Sep 2024 09:03 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Sun, 01 Sep 2024 09:03 AM IST
सार
संयुक्त शिक्षा निदेशक (जेडी) आरपी शर्मा पर रिश्वत लेने का आरोप है। इस मामले में यूपी एजुकेशनल ऑफिसर्स एसोसिएशन की मांग पर उच्चस्तरीय समिति का गठन किया गया है।
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आगरा के संयुक्त शिक्षा निदेशक आरपी शर्मा
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
आगरा के संयुक्त शिक्षा निदेशक (जेडी) आरपी शर्मा के प्रकरण की जांच के लिए शासन ने दो सदस्यों की उच्चस्तरीय जांच समिति बनाई है। यूपी एजुकेशनल ऑफिसर्स एसोसिएशन ने साजिश करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों की जांच कराने की मांग की थी।
विजिलेंस ने 3 लाख रुपये रिश्वत लेने के आरोप में जेडी को गिरफ्तार किया था। शिक्षा विभाग के अधिकारियों, प्रधानाचार्यों, शिक्षकों और कर्मचारियों की ओर से विजिलेंस की कार्रवाई पर सवाल उठाए गए हैं। विरोध भी किया जा रहा है। विजिलेंस की कार्रवाई को एक साजिश बताया गया है।
यूपी एजुकेशन ऑफिसर्स एसोसिएशन ने प्रकरण की जांच के लिए शासन को ज्ञापन दिया था। अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार ने जांच समिति बना दी है। इसमें सतर्कता विभाग के सचिव राजेश कुमार और गृह विभाग के विशेष सचिव वीके सिंह हैं। यह समिति एसोसिएशन के बिंदुओं पर भी जांच करेगी।
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शिक्षक नेता अजय शर्मा ने बताया कि जेडी प्रकरण में एक बड़ी जीत हुई है। विजिलेंस कार्रवाई की साजिश किन लोगों ने रची, उसका खुलासा होगा।
फर्जी नियुक्ति करने वाले निशाने पर
माध्यमिक शिक्षा विभाग में 41 फर्जी नियुक्ति करने वाले जांच समिति के निशाने पर होंगे। संयुक्त शिक्षा निदेशक के खिलाफ विजिलेंस कार्रवाई के पीछे इन लोगों की साजिश की चर्चा है। शासन की जांच के कारण नियुक्ति वाले लोगों के वेतन रोक दिए गए थे। नियुक्तियां पूर्व डीआईओएस दिनेश कुमार (दिवंगत) के कार्यकाल में हुई थी। आरोप है कि साजिशकर्ताओं ने नियुक्तियों की पत्रावलियां कार्यालय से गायब कर दी हैं। अब उच्चस्तरीय समिति की जांच से विभाग में हलचल मच गई है। कहा जा रहा है कि इस मामले में कई अधिकारी और कर्मचारी फंस सकते हैं।
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विजिलेंस ने 3 लाख रुपये रिश्वत लेने के आरोप में जेडी को गिरफ्तार किया था। शिक्षा विभाग के अधिकारियों, प्रधानाचार्यों, शिक्षकों और कर्मचारियों की ओर से विजिलेंस की कार्रवाई पर सवाल उठाए गए हैं। विरोध भी किया जा रहा है। विजिलेंस की कार्रवाई को एक साजिश बताया गया है।
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यूपी एजुकेशन ऑफिसर्स एसोसिएशन ने प्रकरण की जांच के लिए शासन को ज्ञापन दिया था। अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार ने जांच समिति बना दी है। इसमें सतर्कता विभाग के सचिव राजेश कुमार और गृह विभाग के विशेष सचिव वीके सिंह हैं। यह समिति एसोसिएशन के बिंदुओं पर भी जांच करेगी।
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शिक्षक नेता अजय शर्मा ने बताया कि जेडी प्रकरण में एक बड़ी जीत हुई है। विजिलेंस कार्रवाई की साजिश किन लोगों ने रची, उसका खुलासा होगा।
फर्जी नियुक्ति करने वाले निशाने पर
माध्यमिक शिक्षा विभाग में 41 फर्जी नियुक्ति करने वाले जांच समिति के निशाने पर होंगे। संयुक्त शिक्षा निदेशक के खिलाफ विजिलेंस कार्रवाई के पीछे इन लोगों की साजिश की चर्चा है। शासन की जांच के कारण नियुक्ति वाले लोगों के वेतन रोक दिए गए थे। नियुक्तियां पूर्व डीआईओएस दिनेश कुमार (दिवंगत) के कार्यकाल में हुई थी। आरोप है कि साजिशकर्ताओं ने नियुक्तियों की पत्रावलियां कार्यालय से गायब कर दी हैं। अब उच्चस्तरीय समिति की जांच से विभाग में हलचल मच गई है। कहा जा रहा है कि इस मामले में कई अधिकारी और कर्मचारी फंस सकते हैं।