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अब तो सेहत का फ्यूज उड़ाने लगी कटौती
ब्यूरो अमर उजाला, आगरा
Updated Fri, 11 Sep 2015 01:42 AM IST
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रात 12:10 से 2:10
सुबह 5:05 से 7:15
सुबह 10:50 से 1:30
ताजमहल के जिस शहर में सर्वोच्च अदालत ने 24 घंटे बिजली देने का आदेश 18 साल पहले दिया था, उसी शहर में अब बिजली न आना खबर बन गया है। 10 घंटे ही आपूर्ति हो रही है। 14 घंटों की अंधाधुंध कटौती ने लोगों का दिन का चैन और रात का सुकून छीन लिया है। आलम ये है कि रात में पांच घंटों की कटौती से भीषण गर्मी में लोग सो नहीं पा रहे। इसका असर ये है कि हर कोई उनींदा और चिड़चिड़ा हो रहा है। दिनचर्या के साथ व्यवहार को भी बुरी तरह से प्रभावित किया है।
प्रदेश के छह बिजलीघरों में उत्पादन ठप हो जाने से गहराया बिजली संकट लोगों को बेहाल कर रहा है। रात में 12 बजे से सुबह सात बजे तक दो बार लखनऊ कंट्रोल रूम से कटौती हो रही है। पांच दिनों से रात में कटौती से लोगों की नींद पूरी नहीं हो पा रही। पारा 39 डिग्री के पार पहुंचने से गर्मी है तो वहीं पेयजल संकट भी गहरा गया है। सात घंटों की लखनवी कटौती के बाद स्थानीय स्तर पर टोरंट ने सब स्टेशन वार 6 से 7 घंटों की कटौती से हालात और बिगाड़ दिए।
100 एमवीए ट्रांसफार्मर लगाना स्थगित
400 केवी पीलीपोखर सब स्टेशन पर यूपी पावर ट्रांसमिशन कारपोरेशन गुरुवार सुबह सात बजे से 100 एमवीए का ट्रांसफार्मर लगाने वाला था, लेकिन रात में लखनऊ कंट्रोल रूम से पांच घंटों की कटौती के बाद अधिकारियों ने कदम पीछे खींच लिए। सुबह सात से दोपहर एक बजे तक शटडाउन के दौरान 132 केवी के चार सब स्टेशन भीमनगरी, दयालबाग, एत्मादपुर और फाउंड्री नगर की आपूर्ति ठप होनी थी। लोगों में आक्रोश देखते हुए ट्रांसमिशन अधिकारियों ने इस फैसले टाल दिया। अब इसे आपूर्ति सामान्य होने पर या फिर अक्तूबर में ही लगाया जाएगा।
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टोरंट का कॉल सेंटर बढ़ा रहा ब्लड प्रेशर
पांच दिनों से शहर में बिजली संकट गहराया है। बिजली जाते ही कॉल सेंटर पर फोन करने पर घंटों बिजी टोन मिल रही है। लोगों का ब्लड प्रेशर तो टोरंट का यही कॉल सेंटर बढ़ा रहा है। टोल फ्री नंबर 18001803124 पर फोन रिसीव होना सपने की तरह है तो 2424554 पर जानकारी के लिए एक घंटे तक डायल करने के बाद ही फोन रिसीव हो रहे हैं। लखनऊ कटौती के मैसेज तो रजिस्टर्ड उपभोक्ताओं पर एसएमएस के रूप में पहुंच रहे हैं लेकिन 33 केवी सब स्टेशन से होने वाली कटौती का ब्योरा किसी उपभोक्ता तक नहीं पहुंच रहा।
भरतपुर की सप्लाई हटाने की मांग
आगरा। पीलीपोखर 400 केवी सब स्टेशन से आगरा के साथ मथुरा, हाथरस, भरतपुर को बिजली की आपूर्ति की जाती है। यूपी पावर ट्रांसमिशन ने लोड डिस्पैच सेंटर से मांग की है कि बिजली संकट के दौरान भरतपुर की सप्लाई किसी अन्य सब स्टेशन से कर दी जाए। इससे आगरा में ओवरलोडिंग की वजह से कटौती नहीं करनी होगी। ग्रिड की फ्रीक्वेंसी पर भी बुरा असर नहीं पड़ेगा।
बिजली कटौती में यूपी सबसे आगे
आगरा। नेशनल लोड डिस्पैच सेंटर और पावर सिस्टम आपरेशन कारपोरेशन के आंकड़ों में पूरे देश में इन दिनों सबसे ज्यादा बिजली कटौती उत्तर प्रदेश में की जा रही है। उत्तर प्रदेश में 4890 मेगावाट बिजली की कमी है, जबकि डिमांड 12004 मेगावाट तक है। कटौती के मामले में यूपी का नंबर पहला है। उसके बाद कर्नाटक में 1800 मेगावाट की कमी है। देश में केवल 10 राज्यों में ही बिजली की किल्लत है। पिछड़े माने जाने वाले राज्यों बिहार, उड़ीसा, झारखंड तक में कटौती न के बराबर हो रही है। पड़ोसी राजस्थान और हरियाणा में बिजली की कमी बिल्कुल नहीं है।
आज दक्षिणांचल घेरेंगे चौ. बाबूलाल
आगरा। बिजली की अंधाधुंध कटौती ने प्रदेश में विरोधी दलों को बैठे बिठाए बड़ा मुद्दा दे दिया है। बसपा विधायक डा. धर्मपाल सिंह सोमवार को दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम कार्यालय के घेराव का एलान कर चुके हैं तो अब फतेहपुर सीकरी के सांसद चौ. बाबूलाल कटौती के खिलाफ शुक्रवार को एमडी आफिस का घेराव करेंगे। शुक्रवार सुबह 10:30 बजे वह अपने समर्थकों और किसानों के साथ दक्षिणांचल एमडी आफिस का घेराव करेंगे। इसके बाद 11:30 बजे कलेक्ट्रेट में डीएम कार्यालय पर प्रदर्शन कर बिजली कटौती समेत पांच मुद्दों को उठाएंगे।
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सुबह 5:05 से 7:15
सुबह 10:50 से 1:30
ताजमहल के जिस शहर में सर्वोच्च अदालत ने 24 घंटे बिजली देने का आदेश 18 साल पहले दिया था, उसी शहर में अब बिजली न आना खबर बन गया है। 10 घंटे ही आपूर्ति हो रही है। 14 घंटों की अंधाधुंध कटौती ने लोगों का दिन का चैन और रात का सुकून छीन लिया है। आलम ये है कि रात में पांच घंटों की कटौती से भीषण गर्मी में लोग सो नहीं पा रहे। इसका असर ये है कि हर कोई उनींदा और चिड़चिड़ा हो रहा है। दिनचर्या के साथ व्यवहार को भी बुरी तरह से प्रभावित किया है।
प्रदेश के छह बिजलीघरों में उत्पादन ठप हो जाने से गहराया बिजली संकट लोगों को बेहाल कर रहा है। रात में 12 बजे से सुबह सात बजे तक दो बार लखनऊ कंट्रोल रूम से कटौती हो रही है। पांच दिनों से रात में कटौती से लोगों की नींद पूरी नहीं हो पा रही। पारा 39 डिग्री के पार पहुंचने से गर्मी है तो वहीं पेयजल संकट भी गहरा गया है। सात घंटों की लखनवी कटौती के बाद स्थानीय स्तर पर टोरंट ने सब स्टेशन वार 6 से 7 घंटों की कटौती से हालात और बिगाड़ दिए।
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100 एमवीए ट्रांसफार्मर लगाना स्थगित
400 केवी पीलीपोखर सब स्टेशन पर यूपी पावर ट्रांसमिशन कारपोरेशन गुरुवार सुबह सात बजे से 100 एमवीए का ट्रांसफार्मर लगाने वाला था, लेकिन रात में लखनऊ कंट्रोल रूम से पांच घंटों की कटौती के बाद अधिकारियों ने कदम पीछे खींच लिए। सुबह सात से दोपहर एक बजे तक शटडाउन के दौरान 132 केवी के चार सब स्टेशन भीमनगरी, दयालबाग, एत्मादपुर और फाउंड्री नगर की आपूर्ति ठप होनी थी। लोगों में आक्रोश देखते हुए ट्रांसमिशन अधिकारियों ने इस फैसले टाल दिया। अब इसे आपूर्ति सामान्य होने पर या फिर अक्तूबर में ही लगाया जाएगा।
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टोरंट का कॉल सेंटर बढ़ा रहा ब्लड प्रेशर
पांच दिनों से शहर में बिजली संकट गहराया है। बिजली जाते ही कॉल सेंटर पर फोन करने पर घंटों बिजी टोन मिल रही है। लोगों का ब्लड प्रेशर तो टोरंट का यही कॉल सेंटर बढ़ा रहा है। टोल फ्री नंबर 18001803124 पर फोन रिसीव होना सपने की तरह है तो 2424554 पर जानकारी के लिए एक घंटे तक डायल करने के बाद ही फोन रिसीव हो रहे हैं। लखनऊ कटौती के मैसेज तो रजिस्टर्ड उपभोक्ताओं पर एसएमएस के रूप में पहुंच रहे हैं लेकिन 33 केवी सब स्टेशन से होने वाली कटौती का ब्योरा किसी उपभोक्ता तक नहीं पहुंच रहा।
भरतपुर की सप्लाई हटाने की मांग
आगरा। पीलीपोखर 400 केवी सब स्टेशन से आगरा के साथ मथुरा, हाथरस, भरतपुर को बिजली की आपूर्ति की जाती है। यूपी पावर ट्रांसमिशन ने लोड डिस्पैच सेंटर से मांग की है कि बिजली संकट के दौरान भरतपुर की सप्लाई किसी अन्य सब स्टेशन से कर दी जाए। इससे आगरा में ओवरलोडिंग की वजह से कटौती नहीं करनी होगी। ग्रिड की फ्रीक्वेंसी पर भी बुरा असर नहीं पड़ेगा।
बिजली कटौती में यूपी सबसे आगे
आगरा। नेशनल लोड डिस्पैच सेंटर और पावर सिस्टम आपरेशन कारपोरेशन के आंकड़ों में पूरे देश में इन दिनों सबसे ज्यादा बिजली कटौती उत्तर प्रदेश में की जा रही है। उत्तर प्रदेश में 4890 मेगावाट बिजली की कमी है, जबकि डिमांड 12004 मेगावाट तक है। कटौती के मामले में यूपी का नंबर पहला है। उसके बाद कर्नाटक में 1800 मेगावाट की कमी है। देश में केवल 10 राज्यों में ही बिजली की किल्लत है। पिछड़े माने जाने वाले राज्यों बिहार, उड़ीसा, झारखंड तक में कटौती न के बराबर हो रही है। पड़ोसी राजस्थान और हरियाणा में बिजली की कमी बिल्कुल नहीं है।
आज दक्षिणांचल घेरेंगे चौ. बाबूलाल
आगरा। बिजली की अंधाधुंध कटौती ने प्रदेश में विरोधी दलों को बैठे बिठाए बड़ा मुद्दा दे दिया है। बसपा विधायक डा. धर्मपाल सिंह सोमवार को दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम कार्यालय के घेराव का एलान कर चुके हैं तो अब फतेहपुर सीकरी के सांसद चौ. बाबूलाल कटौती के खिलाफ शुक्रवार को एमडी आफिस का घेराव करेंगे। शुक्रवार सुबह 10:30 बजे वह अपने समर्थकों और किसानों के साथ दक्षिणांचल एमडी आफिस का घेराव करेंगे। इसके बाद 11:30 बजे कलेक्ट्रेट में डीएम कार्यालय पर प्रदर्शन कर बिजली कटौती समेत पांच मुद्दों को उठाएंगे।