UP: 'हमारी करवाचाैथ है...', स्वास्थ्य केंद्र स्टाफ ने एक घंटे में डिस्चार्ज कर दी प्रसूता, महिला की चली गई जान
करवाचौथ के नाम पर प्रसूता को जबरन डिस्चार्ज कर दिया गया। घर पहुंचने पर तबीयत बिगड़ गई। परिजन फिर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे, यहां से रेफर कर दिया गया। बाद में चिकित्सकों ने प्रसूता को मृत घोषित कर दिया।
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ग्राम नगला सूरजभान निवासी राजकुमार ने बताया कि पत्नी गीता देवी (20) को शुक्रवार को प्रसव पीड़ा हुई। शाम करीब 7 बजे सीएचसी शमसाबाद में भर्ती कराया। पत्नी ने पुत्र को जन्म दिया। यह उनकी पहली संतान है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रसव के घंटेभर बाद ही स्टाफ ने कहा कि उनका भी करवाचौथ और उपवास है, घर ले जाओ प्रसूता को कोई परेशानी नहीं है।
घर पहुंचने के दो घंटे बाद ही पत्नी को रक्तस्राव होने लगा। पत्नी को दोबारा स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे। हालत खराब देख स्टाफ ने 102 एंबुलेंस सेवा से लेडी लायल रेफर किया। आरोप है कि वहां भर्ती नहीं किया और 102 एंबुलेंस सेवा भी प्रसूता को छोड़कर चली गई। मजबूरी में निजी अस्पताल लेकर गए, वहां मृत घोषित कर दिया गया।
ससुर पप्पू का कहना है कि करवाचौथ के नाम पर पुत्रवधू को जबरन डिस्चार्ज कर दिया, लेडी लायल में भी भर्ती कर समय पर इलाज मिलता तो जान बच सकती थी। इस लापरवाही की जांच कर कार्रवाई की जानी चाहिए। सीएचसी के अधीक्षक डॉ. बीके सोनी ने बताया कि परिजन उसे घर ले गए थे।
तबीयत बिगड़ने पर दोबारा लेकर आए तो उसे ड्रिप चढ़ाकर आगरा भेजा गया। लापरवाही हुई है तो उसकी जांच कराई जाएगी। लेडी लायल की प्रमुख अधीक्षक डॉ. रचना गुप्ता का कहना है कि प्रसूता को भर्ती न करने के मामले की जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।
जांच के लिए बनाएंगे समिति
सामान्य प्रसव में 48 घंटे प्रसूता को भर्ती रखना जरूरी है। मामले की जांच कराने के लिए समिति बनाएंगे। इसमें सीएचसी शमसाबाद प्रभारी-स्टाफ, लेडी लायल और 102 एंबुलेंस सेवा की भूमिका की जांच कराई जाएगी। जांच के बाद दोषियों पर कठोर कार्रवाई होगी। - डॉ. अरुण श्रीवास्तव, सीएमओ
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