फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   HC notice to Principal Secretary Higher Education Divisional Commissioner, Acting Principal of Agra College

Agra: प्रमुख सचिव उच्च शिक्षा, मंडलायुक्त, कार्यवाहक प्राचार्य को हाईकोर्ट का नोटिस, आदेश अवहेलना का मामला

Wed, 17 Apr 2024 02:04 PM IST
भूपेन्द्र सिंह अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा Published by: भूपेन्द्र सिंह Updated Wed, 17 Apr 2024 02:04 PM IST
सार

प्रमुख सचिव उच्च शिक्षा के साथ आगरा की मंडलायुक्त और आगरा कॉलेज के कार्यवाहक प्राचार्य को हाईकोर्ट ने नोटिस दिया है। आदेश के बाद भी प्रो. अनुराग शुक्ल को आगरा कॉलेज में प्राचार्य पद पर कार्यभार न ग्रहण कराने का मामला है। 

विज्ञापन
HC notice to Principal Secretary Higher Education Divisional Commissioner, Acting Principal of Agra College
इलाहाबाद हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

उत्तर प्रदेश के आगरा में आदेश के बाद भी आगरा कॉलेज के निलंबित प्राचार्य प्रो. अनुराग शुक्ल को कार्यभार न ग्रहण कराने पर हाईकोर्ट ने संबंधित लोगों को नोटिस जारी किया है। इसमें प्रमुख सचिव उच्च शिक्षा एमपी अग्रवाल, मंडलायुक्त व आगरा कॉलेज प्रबंध समिति की अध्यक्ष रितु माहेश्वरी व कार्यवाहक प्राचार्य डॉ. सीके गौतम शामिल हैं। इनसे एक माह के अंदर जवाब मांगा है। 

विज्ञापन


प्रो. अनुराग शुक्ल को विभिन्न आरोपों की कड़ी में 10 फरवरी 2024 को शासन से जारी आदेश की कड़ी में मंडलायुक्त रितु माहेश्वरी ने निलंबित किया था। इसके खिलाफ प्रो. अनुराग शुक्ल हाईकोर्ट चले गए। एक मार्च को हाईकोर्ट ने निलंबन के आदेश पर रोक लगा दी। उनके कार्यभार ग्रहण कराने के आदेश दिए। उन्हें कार्यभार ग्रहण नहीं कराया गया। मंडलायुक्त शासन स्तर से कोई निर्देश जारी होने के इंतजार में हैं। वहीं के आदेश पर निलंबित किया गया था।

विज्ञापन

फर्जी दस्तावेजों से नौकरी पाने का आरोप

आगरा कॉलेज के बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज के सदस्य सुभाष ढल ने आगरा कॉलेज के निलंबित प्राचार्य प्रो. अनुराग शुक्ल पर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नौकरी पाने का आरोप लगाया। पत्रकार वार्ता में उन्होंने कहा कि प्रो. अनुराग शुक्ल ने आगरा कॉलेज में कार्यभार ग्रहण करने के बाद अपनी सेवा पुस्तिका खुद तैयार की। 

विज्ञापन
विज्ञापन


इसमें स्नातक स्तर पर शिक्षण का अनुभव शून्य व परास्नातक स्तर 19 वर्ष से अधिक दिखाया। खुद सत्यापित कर दिया। जबकि पीजी स्तर पर एक घंटे भी नहीं पढ़ाया। वह पहले जिस मदनमोहन मालवीय कॉलेज में तैनात थे, उसमें संस्कृत स्नातक स्तर का विभाग है। 

मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन है

यह भी आरोप लगाया कि प्रो. शुल्क ने अपने सारे दस्तावेज प्रबंध समिति के समक्ष प्रस्तुत नहीं किए। उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किए जाने की मांग की गई है। जबकि प्रो. अनुराग शुक्ल का कहना है कि सुभाष ढल ने तथ्यहीन आरोप लगाए हैं। यह भी कहा कि हाईकोर्ट के नोटिस से बौखलाकर कार्यवाहक प्राचार्य ने सुभाष ढल से पत्रकार वार्ता कराई है। मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed