फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   Handicraft business reached two to five crore rupees in three years

Firozabad: तीन साल में दो से पांच करोड़ रुपये तक पहुंचा हस्तशिल्प कारोबार, इस तरह मिली सफलता 

Sat, 04 Jun 2022 03:13 PM IST
धीरेन्द्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद Published by: धीरेन्द्र सिंह Updated Sat, 04 Jun 2022 03:13 PM IST
सार

जिले में कांच के हस्तशिल्प का कारोबार तीन साल में दो से पांच करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। कांच की मूर्तियों, किचन वेयर, हस्तशिल्प के जरिए तैयार टेबल लैंप, कपूरदानी, पूजन पात्र, फ्लोवर पॉट, ढोलक के अलावा कांच निर्मित पेड़-पौधे और खेल-खिलौना व शोरूम में रखे जाने वाले फैंसी ग्लास को देश-विदेश में नई पहचान मिली है। 
 

विज्ञापन
Handicraft business reached two to five crore rupees in three years
विदेशों में निर्यात होने वाले कांच के उत्पाद - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

फिरोजाबाद में हस्तशिल्प से जुड़े कांच उत्पाद कांच आयटमों के बाजार में लगातार धाक जमा रहे हैं। तीन साल पहले तक हस्तशिल्प कांच उत्पाद का कारोबार मात्र दो करोड़ रुपये का था अब सात करोड़ रुपये वार्षिक तक पहुंच गया है। ओडीओपी (एक जिला एक उत्पाद) योजना का लाभ भी हस्तशिल्पियों को मिला है। कांच से मूर्तियां, फ्लोवर पॉट, कलात्मक डिजाइन वाली टेबल लैंप और फैंसी लाइटों से हस्तशिल्प को अलग पहचान मिली है। 

विज्ञापन


कांच की मूर्तियों, किचन वेयर, हस्तशिल्प के जरिए तैयार टेबल लैंप, कपूरदानी, पूजन पात्र, फ्लोवर पॉट, ढोलक के अलावा कांच निर्मित पेड़-पौधे और खेल-खिलौना व शोरूम में रखे जाने वाले फैंसी ग्लास को देश-विदेश में नई पहचान मिली है। हस्तशिल्पियों का कहना है कि प्रदेश सरकार की हस्तशिल्प प्रोत्साहन एवं प्रशिक्षण योजना कारगर सिद्ध हो रही है। वर्ष 2016-17 के बीच धरातल पर आई इस योजना के तहत प्रशिक्षण के जरिए अभी तक 300 से ज्यादा हस्तशिल्पी और कांच कामगारों के हुनर को तराशा जा चुका है।

विज्ञापन


इस तरह बढ़ा कारोबार

 वर्ष 2019-20 में सालाना करीब दो करोड़ रुपये वाला हस्तशिल्प आयटम कारोबार तीन वर्ष के अंतराल में सात करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। हस्तशिल्प विपणन एवं प्रोत्साहन योजना भी हस्त शिल्पियों के लिए मददगार बनी है। उद्योग विभाग के अनुसार योजनांतर्गत हर साल करीब 60 हस्तशिल्पियों को आधुनिक टूलकिट के अलावा हस्तशिल्प आयटम तैयार कराने को जरूरी सामान नि:शुल्क उपलब्ध कराए गए हैं। 

विज्ञापन
विज्ञापन

इन मेलों में सुहाग नगरी के हस्तशिल्पियों की धाक 

लखनऊ महोत्सव, ओडीओपी मेला, गोरखपुर महोत्सव, एक्सपो मार्ट नोएडा, दिल्ली हाट आदि में फिरोजाबाद के हस्तशिल्पियों को हर साल विशेष रूप से प्रतिभाग के लिए न्योता मिलता है। इन मेलों में यहां के कांच उत्पादों की धाक है। 

हस्तशिल्पी बोले- मिल रही अंतरराष्ट्रीय पहचान 

कांच सप्लायर व हस्तशिल्पी कैलाश शर्मा ने बताया कि 'हम कांच आयटम पर अपनी कलात्मक क्षमता को उकेरने का प्रयास करते हें। अच्छी बात है कि हमारे आयटम को अब देश-विदेश में पहचान मिल रही है। आयटम की गुणवत्ता ठीकठाक है। तो फिर मनमाने मेहनताना भी आसानी से मिल जाता है।'  वहीं दौकेली के मनोज कुमार का कहना है कि कांच हस्तशिल्प का काम अब कारोबार का रूप ले चुका है। फिरोजाबाद के हस्तशिल्पियों को अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलने लगी है। कई यूरोपियन व अफ्रीकी देश के कारोबारी हमने से जानकारी साझा करने फिरोजाबाद आते हैं। 

मार्केटिंग पर दिया जा रहा जोर

उपायुक्त उद्योग अमरेश पांडेय ने बताया कि हम हस्तशिल्पियों को प्रशिक्षण देने के साथ ही उनके कांच आयटम की ब्रॉडिंग, मार्केटिंग पर जोर दे रहे  हैं। परिणाम सामने आ रहे हैं। शहर का हस्तशिल्प अब कारोबारी आकार में बदल रहा है। ओडीओपी योजना शहर के हस्तशिल्पियों के वरदान है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed