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तारकशी ने गिराई मुफलिसी की दीवार

Wed, 16 Oct 2019 11:21 PM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Wed, 16 Oct 2019 11:21 PM IST
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hand croft in mainpuri
शहर के मोहल्ला देवपुरा में तारकशी करते कारीगर - फोटो : MAINPURI
मैनपुरी। हस्तशिल्प कला के माध्यम से हुनरमंद हाथ मुफलिसी की दीवार गिरा रहे हैं। जिले में अब तारकशी कला के कामगारों को तेजी से रोजगार मिलने लगा है। मौजूदा समय में जिले में तारकशी से करीब सात सौ लोगों के परिवारों का भरण पोषण हो रहा है। वहीं, इस हस्तशिल्प कला के लिए सरकार भी उनकी मदद कर रही है।
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जिले की हस्तशिल्प कला तारकशी अपनी पहचान को मोहताज नहीं है। प्रदेश सरकार की ओर से ‘एक जनपद एक उत्पाद’ के तहत तारकशी का चयन किया गया है। पहले जहां जिले में चंद लोग इससे जुड़े थे, वहीं अब सात सौ लोग तारकशी से जुड़कर रोजगार कर रहे हैं। शहर के देवपुरा में संचालित तारकशी प्रशिक्षण केंद्र के संचालक नेमीचंद्र शाक्या बताते हैं कि तारकशी अब हुनरमंद हाथों को रोजगार दिलाने का काम कर रही है।
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पहले प्रचार प्रसार न होने से परेशानी होती थी, लेकिन अब इसके उत्पादों की बिक्री भी होने लगी है। जिला उद्योग केंद्र भी तारकशी को प्रोत्साहित करने के लिए प्रयास कर रहा है। बीते वर्ष जहां तारकशी का काम शुरू करने के लिए 39 लोगों को ऋण दिया गया तो वहीं इस बार भी 53 फाइलें बैंकों को भेजी गई हैं। इससे तारकशी को बढ़ावा मिल रहा है।
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ऐसे होती है तारकशी
तारकशी एक अत्यंत प्राचीन कला है। इसमें पीतल के तारों से शीशम की लकड़ी पर कारीगरी की जाती है। इस कला से जब कोई प्रतिमा बनकर तैयारी होती है तो लोग बस देखते ही रह जाते हैं। ये कला मैनपुरी के अलावा कहीं और देखने को नहीं मिलती है।
1.20 लाख में बिकी कलाकृति
‘एक जनपद एक उत्पाद’ में चयन होने के बाद तारकशी के उत्पादों की बिक्री भी अच्छी होने लगी है। सूरजकुंड मेले में तारकशी की एक कलाकृति 1.20 लाख रुपये में बिकी थी। वहीं, लखनऊ के शिल्पग्राम में भी तारकशी कृतियों की अच्छी बिक्री हो रही है।
दो सौ को मिलेगा नि:शुल्क प्रशिक्षण
तारकशी को बढ़ावा देने के लिए जल्द ही जिला उद्योग केंद्र प्रशिक्षण देगा। कुल 200 लोगों को दस दिवसीय निशुल्क प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।

तारकशी से जुड़े कारीगरों को हर संभव मदद दी जा रही है। वहीं, तारकशी को बढ़ावा देने के लिए युवाओं को भी जोड़ा जा रहा है। कोई भी व्यक्ति तारकशी से जुड़ने के लिए जिला उद्योग केंद्र में संपर्क कर सकता है। रोजगार मिलने से जिले में मुफलिसी कम होगी। साथ ही बेरोजगारों को रोजगार भी मिलेगा।
-सुधीर कुमार, उपायुक्त जिला उद्योग केंद्र।
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