{"_id":"6c8cee742391f485fd496a955ef567cd","slug":"got-marksheet-hunger-strike-ended-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मार्कशीट पाने के बाद ही खत्म की भूख हड़ताल ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मार्कशीट पाने के बाद ही खत्म की भूख हड़ताल
ब्यूरो, अमर उजाला
Updated Fri, 19 Dec 2014 01:48 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आगरा। डा. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय में अनुसूचित जाति के छात्र-छात्राओं ने गुरुवार शाम को भूख हड़ताल समाप्त कर दी। दो छात्राओं को विश्वविद्यालय प्रशासन ने मार्कशीट सौंप दी। तीन छात्राओं को इसका आश्वासन दिया गया।
दर्जनभर छात्र-छात्राएं बीएड मार्क शीट की मांग को लेकर तीन दिन से धरने पर थे। बुधवार से वह भूख हड़ताल पर चले गए। कई छात्राएं तो अपने बच्चों के साथ सर्द मौसम में धरने पर जमी रहीं। इनका कहना था कि शुल्क प्रतिपूर्ति न होने से कालेज पूरी फीस मांग रहे हैं। मार्कशीट दबाए बैठे हैं। मांग थी कि विश्वविद्यालय प्रशासन अपने स्तर से मार्कशीट दिलाए। गुरुवार दोपहर को दो छात्रों की हालत बिगड़ गई। लेकिन कोई अधिकारी नहीं पहुंचा। हालांकि शाम को डिप्टी रजिस्ट्रार केएन सिंह व संबंधित कालेजों के प्रबंधक धरनास्थल पर पहुंचे और मार्कशीट दिलाने का भरोसा दिलाया।
धरने का नेतृत्व कर रहे रामजीलाल सुमन विद्यार्थी ने बताया कि तीन छात्राओं की मार्कशीट मिलना बाकी है। उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति के तमाम छात्र-छात्राओं ने कालेजों के दबाव में आकर हजारों रुपये की फीस भरी है, इसकी जांच होनी चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन
दर्जनभर छात्र-छात्राएं बीएड मार्क शीट की मांग को लेकर तीन दिन से धरने पर थे। बुधवार से वह भूख हड़ताल पर चले गए। कई छात्राएं तो अपने बच्चों के साथ सर्द मौसम में धरने पर जमी रहीं। इनका कहना था कि शुल्क प्रतिपूर्ति न होने से कालेज पूरी फीस मांग रहे हैं। मार्कशीट दबाए बैठे हैं। मांग थी कि विश्वविद्यालय प्रशासन अपने स्तर से मार्कशीट दिलाए। गुरुवार दोपहर को दो छात्रों की हालत बिगड़ गई। लेकिन कोई अधिकारी नहीं पहुंचा। हालांकि शाम को डिप्टी रजिस्ट्रार केएन सिंह व संबंधित कालेजों के प्रबंधक धरनास्थल पर पहुंचे और मार्कशीट दिलाने का भरोसा दिलाया।
विज्ञापन
धरने का नेतृत्व कर रहे रामजीलाल सुमन विद्यार्थी ने बताया कि तीन छात्राओं की मार्कशीट मिलना बाकी है। उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति के तमाम छात्र-छात्राओं ने कालेजों के दबाव में आकर हजारों रुपये की फीस भरी है, इसकी जांच होनी चाहिए।
विज्ञापन