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UP: ई-रिक्शा चलाकर जासूसी करती थी मीरा, पति भी कर चुका है किनारा; कमजोर तबके के लोगों को बना रहे निशाना
Mon, 23 Mar 2026 02:44 PM IST
Sharukh Khan
अमर उजाला नेटवर्क, मथुरा
अमर उजाला नेटवर्क, मथुरा
Published by: Sharukh Khan
Updated Mon, 23 Mar 2026 02:44 PM IST
सार
ई-रिक्शा चलाकर मीरा उर्फ हरिया जासूसी करती थी। पड़ोसी महिला उर्मिला ने बताया कि उनके बेटे रवि और मीरा को वर्ष 2025 में महाराष्ट्र से दिल्ली पुलिस ने असलहा तस्करी के मामले में गिरफ्तार करके जेल भेजा था।
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Ghaziabad Spying Case
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
कौशांबी पुलिस ने जासूसी के शक में पकड़ी मीरा ठाकुर उर्फ हरिया मथुरा के औरंगाबाद इलाके की महादेव नगर कॉलोनी में रहकर ई-रिक्शा चलाती थी। इलाके के लोग उसे हरिया के नाम से बखूबी जानते हैं। मीरा की हरकतों के वजह से पति उससे अलग रहता है। माना जा रहा है कि वह ई-रिक्शा चलाने की आड़ में मथुरा के विभिन्न स्थानों पर जाकर रेकी करती थी।
कौशांबी पुलिस ने 13 मार्च को देश की जासूसी करने के आरोप में औरंगाबाद की मीरा ठाकुर को गिरफ्तार किया है। तीन साल पहले मीरा ने कॉलोनी में प्लॉट लेकर मकान बनवाया था।
कॉलोनी के लोगों ने बताया कि दस दिन पहले कार सवार 4-5 लोग उसे उठाकर ले गए थे। तब से उसके घर में ताला लगा हुआ है और हरिया की दो बेटियां सात व दस साल की हैं, जोकि अपनी नानी के घर पर हैं।
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मीरा का करीब आठ माह पहले अपने पति से अलगाव हो गया था। पति से दूर होने के बाद उसने ई-रिक्शा खरीदा और नगर निगम से रूट भी आवंटित कराया था। वह रिफाइनरी से टैंक चौराहे तक ऑटो चलाती थी। टैंक चौराहा संवेदनशील छावनी इलाके में आता है।
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कौशांबी पुलिस ने 13 मार्च को देश की जासूसी करने के आरोप में औरंगाबाद की मीरा ठाकुर को गिरफ्तार किया है। तीन साल पहले मीरा ने कॉलोनी में प्लॉट लेकर मकान बनवाया था।
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कॉलोनी के लोगों ने बताया कि दस दिन पहले कार सवार 4-5 लोग उसे उठाकर ले गए थे। तब से उसके घर में ताला लगा हुआ है और हरिया की दो बेटियां सात व दस साल की हैं, जोकि अपनी नानी के घर पर हैं।
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मीरा का करीब आठ माह पहले अपने पति से अलगाव हो गया था। पति से दूर होने के बाद उसने ई-रिक्शा खरीदा और नगर निगम से रूट भी आवंटित कराया था। वह रिफाइनरी से टैंक चौराहे तक ऑटो चलाती थी। टैंक चौराहा संवेदनशील छावनी इलाके में आता है।
मीरा के मोबाइल में मथुरा के कई संवेदनशील इलाकों के फोटो मिले हैं। मीरा के पड़ोसियों ने बताया कि उसका व्यवहार कॉलोनी के लोगों के साथ अच्छा था। वह लोगों को बताती थी कि बेटियों का पालन करने के लिए उसे ई-रिक्शा चलाना पड़ रहा है। जब उसकी गिरफ्तारी जासूसी के मामले में किए जाने की जानकारी हुई तो वह हैरत में पड़ गए।
पड़ोसियों ने बताया कि इलाके के लोग उसे हरिया के नाम से ही पहचानते थे। पड़ोसियों का कहना है कि मीरा की गतिविधियां संदिग्ध रही हैं, वह पहले भी कई मामलों में जेल जा चुकी है। उसका पति मुकेश औरंगाबाद की गणेश नगर कॉलोनी में किराए के मकान में रहता है।
असलहा तस्करी में जेल में बंद है मीरा का साथी ऑटो चालक
पड़ोसी महिला उर्मिला ने बताया कि उनके बेटे रवि और मीरा को वर्ष 2025 में महाराष्ट्र से दिल्ली पुलिस ने असलहा तस्करी के मामले में गिरफ्तार करके जेल भेजा था। इस मामले में मीरा के मुंबई वाले बॉस ने उसकी जमानत करवा दी, लेकिन रवि अभी तक जेल में निरुद्ध है। रवि ऑटो चलाता था, मीरा का उसके यहां आना जाना था। तभी रवि उसकी बातों में फंस गया था।
पड़ोसी महिला उर्मिला ने बताया कि उनके बेटे रवि और मीरा को वर्ष 2025 में महाराष्ट्र से दिल्ली पुलिस ने असलहा तस्करी के मामले में गिरफ्तार करके जेल भेजा था। इस मामले में मीरा के मुंबई वाले बॉस ने उसकी जमानत करवा दी, लेकिन रवि अभी तक जेल में निरुद्ध है। रवि ऑटो चलाता था, मीरा का उसके यहां आना जाना था। तभी रवि उसकी बातों में फंस गया था।
कमजोर तबके के लोगों को बना रहे निशाना
लोगों का कहना है कि मीरा अकसर कम उम्र के कमजोर तबके के युवाओं को अपने जाल में फंसाती थी। वह खुद को मुंबई के बड़े लोगों के संपर्क में बताया करती थी। माना जा रहा है कि मीरा के संपर्क में मथुरा के कई अन्य ई-रिक्शा व ऑटो चालक भी रहे हैं, जोकि उसकी मदद करते थे।
लोगों का कहना है कि मीरा अकसर कम उम्र के कमजोर तबके के युवाओं को अपने जाल में फंसाती थी। वह खुद को मुंबई के बड़े लोगों के संपर्क में बताया करती थी। माना जा रहा है कि मीरा के संपर्क में मथुरा के कई अन्य ई-रिक्शा व ऑटो चालक भी रहे हैं, जोकि उसकी मदद करते थे।