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चंबल में खुशखबरी: 400 से ज्यादा नन्हे घड़ियालों का जन्म, संरक्षण अभियान को बड़ी सफलता; देखें यह खास रिपोर्ट
Sat, 13 Jun 2026 11:42 AM IST
Dhirendra Singh
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Sat, 13 Jun 2026 11:42 AM IST
सार
राष्ट्रीय चंबल अभयारण्य में इस वर्ष 1752 घड़ियालों के बच्चों का जन्म हुआ है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 440 अधिक है। संरक्षण अभियान की सफलता के तहत 516 अंडों को वैज्ञानिक ऊष्मायन के लिए लखनऊ के कुकरैल घड़ियाल पुनर्वास केंद्र भेजा गया है।
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घड़ियाल शावक
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
राष्ट्रीय चंबल अभयारण्य में घड़ियाल संरक्षण अभियान को इस वर्ष उल्लेखनीय सफलता मिली है। वर्ष 2026-27 में चंबल नदी के विभिन्न नेस्टिंग स्थलों पर 1752 घड़ियालों के बच्चे अंडों से निकले हैं, जो पिछले वर्ष की तुलना में 440 अधिक हैं। वर्ष 2025-26 में यह संख्या 1312 थी।
वाइल्ड लाइफ डीएफओ चांदनी सिंह ने बताया कि घड़ियालों के प्राकृतिक प्रजनन स्थलों की सुरक्षा, अंडों की निगरानी और संरक्षण उपायों के चलते शावकों की संख्या में वृद्धि दर्ज की गई है। चंबल नदी देश में घड़ियालों का सबसे महत्वपूर्ण प्राकृतिक आवास मानी जाती है और यहां लगातार बढ़ रही संख्या संरक्षण प्रयासों की सफलता का संकेत है।
इस वर्ष संरक्षण कार्यक्रम के तहत 516 घड़ियाल अंडों को कुकरैल घड़ियाल पुनर्वास केंद्र, लखनऊ भेजा गया है। वहां वैज्ञानिक पद्धति से अंडों का ऊष्मायन कर शावकों को तैयार किया जाएगा, जिससे भविष्य में घड़ियालों की आबादी को और मजबूती मिलेगी। घड़ियालों की संख्या में बढ़ोतरी चंबल नदी के बेहतर पारिस्थितिक स्वास्थ्य को भी दर्शाती है। राष्ट्रीय चंबल अभयारण्य घड़ियालों के साथ-साथ गंगा डॉल्फिन, कछुओं और कई दुर्लभ पक्षी प्रजातियों के संरक्षण का भी प्रमुख केंद्र है।
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प्रमुख बिंदु
वर्ष 2026-27 में निकले घड़ियाल शावक : 1752
वर्ष 2025-26 में निकले घड़ियाल शावक : 1312
एक वर्ष में वृद्धि : 440 शावक
कुकरैल, लखनऊ भेजे गए अंडे : 516
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वाइल्ड लाइफ डीएफओ चांदनी सिंह ने बताया कि घड़ियालों के प्राकृतिक प्रजनन स्थलों की सुरक्षा, अंडों की निगरानी और संरक्षण उपायों के चलते शावकों की संख्या में वृद्धि दर्ज की गई है। चंबल नदी देश में घड़ियालों का सबसे महत्वपूर्ण प्राकृतिक आवास मानी जाती है और यहां लगातार बढ़ रही संख्या संरक्षण प्रयासों की सफलता का संकेत है।
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इस वर्ष संरक्षण कार्यक्रम के तहत 516 घड़ियाल अंडों को कुकरैल घड़ियाल पुनर्वास केंद्र, लखनऊ भेजा गया है। वहां वैज्ञानिक पद्धति से अंडों का ऊष्मायन कर शावकों को तैयार किया जाएगा, जिससे भविष्य में घड़ियालों की आबादी को और मजबूती मिलेगी। घड़ियालों की संख्या में बढ़ोतरी चंबल नदी के बेहतर पारिस्थितिक स्वास्थ्य को भी दर्शाती है। राष्ट्रीय चंबल अभयारण्य घड़ियालों के साथ-साथ गंगा डॉल्फिन, कछुओं और कई दुर्लभ पक्षी प्रजातियों के संरक्षण का भी प्रमुख केंद्र है।
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प्रमुख बिंदु
वर्ष 2026-27 में निकले घड़ियाल शावक : 1752
वर्ष 2025-26 में निकले घड़ियाल शावक : 1312
एक वर्ष में वृद्धि : 440 शावक
कुकरैल, लखनऊ भेजे गए अंडे : 516