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Agra News: कूड़े में तब्दील हो रहे कूड़ा निस्तारण केंद्र
Thu, 08 Aug 2024 03:28 AM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Updated Thu, 08 Aug 2024 03:28 AM IST
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कासगंज। जिले के निकाय क्षेत्र में स्वच्छ भारत मिशन के तहत 3.03 करोड़ रुपये की लागत से नौ एमआरएफ (मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी) सेंटर बन चुके है। इसके बाद भी सड़क किनारे जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हुए देखने को मिलते है। सहावर को छोड़कर अन्य एमआरएफ सेंटर विद्युत कनेक्शन नहीं होने से संचालित नहीं हो पा रहे हैं और मशीनें धूल फांक रही है। कहा जा रहा है कि जल्द ही इन पर ध्यान नहीं दिया गया तो कूड़े के निस्तारण के लिए बनाए गए ये केंद्र खुद कूड़ा घर में तब्दील हो जाएंगे।जिले में दस निकाय क्षेत्र हैं। इनमें तीन नगर पालिका और सात नगर पंचायत हैं। निकाय क्षेत्रों में प्रतिमाह 1691 मीट्रिक टन कूड़ा निकलता है। इसका सही प्रबंधन करने के लिए स्वच्छ भारत मिशन के तहत लगभग डेढ़ साल में नौ एमआरएफ सेंटरों को निर्माण हो चुका है। वहीं नगर पंचायत बिलराम में इसके निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी है। नौ एमआरएफ सेंटर निर्मित होने के बाद भी निकायों में जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हुए हैं। इसका कारण यह है कि एमआरएफ सेंटर अभी तक शुरू नहीं हो सके हैं। इसके चलते निकायों से निकलने वाले कूड़ा-कचरा को कर्मियों द्वारा सड़क किनारे फेंका जा रहा है। कासगंज में बिलराम गेट हजारा नहर के समीप कूड़े के ढेर लगे है ,वहीं अहरौली में अमरपुर काली नदी सड़क किनारे कूड़ा फेंक दिया जाता है। सोरोंजी में सलेमपुर बीबी मार्ग पर गंदगी के ढेर लगे हुए है। बिलराम कस्बा से निकलने वाले कूड़ा को छर्रा मार्ग पर फेंका जाता है। गंदगी के ढेर से उठती दुर्गंध से वहां से गुजरने वाले लोगों को दिक्कतें होती है। निकायों ने विद्युत कनेक्शन के लिए आवेदन किए थे लेकिन कनेक्शन नहीं होने से एमआरएफ के लिए आई मशीनें धूल फांक रही है। निकायों से निकालने वाले कूड़े का निस्तारण नहीं हो पा रहा है।
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