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UP: आखिर क्यों GIVA ज्वैलरी शोरूम ही था इस गैंग के निशाने पर? करोड़ों के गहने उड़ाए; पुलिस ने किया बड़ा खुलासा
Tue, 21 Jul 2026 11:34 AM IST
Dhirendra Singh
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Tue, 21 Jul 2026 11:34 AM IST
सार
फतेहाबाद रोड स्थित जीवा ज्वैलरी स्टोर में चोरी करने से पहले आरोपी दिल्ली के दो शोरूम से करीब दो करोड़ रुपये के जेवर चुरा चुके थे। पुलिस के अनुसार गैंग ने शोरूम की सुरक्षा व्यवस्था की खामियों का फायदा उठाया।
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पुलिस ने किया बड़ा खुलासा
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
आगरा के फतेहाबाद रोड स्थित जीवा डायमंड ज्वैलरी स्टोर में चोरी की वारदात को अंजाम देने से पहले आरोपी दिल्ली के नार्थ रोहिणी थाना क्षेत्र में जीवा के स्टोर से 41 लाख के जेवर और प्रीत विहार क्षेत्र स्थित स्टोर से डेढ़ करोड़ रुपये से ज्यादा कीमत के जेवर चोरी कर चुके थे। उन्हें पता था कि जीवा कंपनी की सिक्योरिटी सिस्टम में खामी है।
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डीसीपी सिटी सय्यद अली अब्बास ने बताया कि चोरों को पता था कि शोरूम पर कोई सुरक्षाकर्मी नहीं है। अन्य बड़ी कंपनियों की तरह शोरूम बंद करने से पहले कीमती जेवर लॉकर में नहीं रखे जाते। सारा माल शो-केस में लगा रहता है। गैंग के सदस्य कई जिलों में मजदूरी समेत अन्य काम करते हैं। वह रेकी कर सरगना उमेश शाह को बताते थे। इसके बाद वह खुद आकर रेकी करता था। आसपास के दुकानदारों और ठेल-ढकेल वालों से बात करके शोरूम का पूरा सिस्टम समझता था। इसके बाद गैंग के अन्य सदस्य आते थे। फुलप्रूफ प्लान तैयार किया जाता था। वारदात से पहले गैंग ट्रेन से आता था। दूसरा शोरूम के कांच के गेट के बाहर सफेद चादर का पर्दा बनाकर खड़ा था।
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पुलिस से बचने को बदले कई बार रूट
डीसीपी सिटी ने बताया कि आराेपी शातिर हैं। वारदात के बाद वह बस से पहले कानपुर गए। इसके बाद लखनऊ फिर गोरखपुर गए। गोरखपुर में ऑटो से एयरपोर्ट गए और वहां से कैब लेकर वापस बस अड्डे पहुंचे। इसके बाद बिहार तक गए। इस दौरान उन्होंने पांच बसें बदलीं। सीसीटीवी से बचने के लिए एक बार भी बस अड्डे से बस में नहीं बैठे। आगे जाकर रास्ते में बस रुकवाकर बैठते थे। पुलिस ने उनकी लोकेशन के आधार पर पीछा किया।
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डीसीपी सिटी ने बताया कि आराेपी शातिर हैं। वारदात के बाद वह बस से पहले कानपुर गए। इसके बाद लखनऊ फिर गोरखपुर गए। गोरखपुर में ऑटो से एयरपोर्ट गए और वहां से कैब लेकर वापस बस अड्डे पहुंचे। इसके बाद बिहार तक गए। इस दौरान उन्होंने पांच बसें बदलीं। सीसीटीवी से बचने के लिए एक बार भी बस अड्डे से बस में नहीं बैठे। आगे जाकर रास्ते में बस रुकवाकर बैठते थे। पुलिस ने उनकी लोकेशन के आधार पर पीछा किया।
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सोना गलाकर नेपाल में बेचता था सुनार
आरोपियों ने बताया कि उनका साथी डब्ल्यू सुनारी का काम करता है। चोरी किए जेवर लेकर वह डब्ल्यू के पास आते थे। वह जेवर गलाता था और सोने की सिल्ली बनाकर नेपाल ले जाकर बेचता था। बरामद रुपये गले जेवरों को बेचकर मिले थे। डब्ल्यू के पास बाकी का जेवर लेने लायक रकम नहीं थी। इसलिए वह आगरा में सोना बेचने आए थे।
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आरोपियों ने बताया कि उनका साथी डब्ल्यू सुनारी का काम करता है। चोरी किए जेवर लेकर वह डब्ल्यू के पास आते थे। वह जेवर गलाता था और सोने की सिल्ली बनाकर नेपाल ले जाकर बेचता था। बरामद रुपये गले जेवरों को बेचकर मिले थे। डब्ल्यू के पास बाकी का जेवर लेने लायक रकम नहीं थी। इसलिए वह आगरा में सोना बेचने आए थे।
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