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गर्भपात का खेल: गर्भस्थ शिशु कोई भी हो, बताते थे सिर्फ बेटी; कोख के कातिलों की काली करतूत का खुलासा

Sat, 15 Jul 2023 10:24 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला, आगरा
अमर उजाला, आगरा Published by: धीरेन्द्र सिंह Updated Sat, 15 Jul 2023 10:24 AM IST
सार

गर्भस्थ शिशु की धड़कन सुनने वाली मशीन से जांच का दिखावा कर बता देते कोख में है बेटी। इसके बाद कुछ रुपयों के लालच में गर्भपात कर दिया जाता था। फिर चाहे गर्भ में पलने वाला शिशु बेटा ही क्यों न हो। 
 

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Fraud in fetal sex test too used to tell only daughter Disclosure of shameful act of murderers of womb
भ्रूण लिंग जांच - फोटो : Demo

विस्तार

आगरा के फतेहपुर सीकरी में पकड़े गए झोलाछाप दंपती भ्रूण लिंग जांच में भी फर्जीवाड़ा कर रहे थे। ये गर्भस्थ शिशु की धड़कन मापने वाली फीटल डॉप्लर मशीन से भ्रूण लिंग जांच का दिखावा करते। कोख में बेटी बताकर गर्भपात कर देते थे। गर्भपात करने के इनको अतिरिक्त 8 हजार रुपये मिलते थे। पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की जांच में ये जानकारी सामने आई है।

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सीएमओ डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि स्टिंग कर फतेहपुर सीकरी के गांव मंडी गुड के निकट मां वैष्णवी हॉस्पिटल में भ्रूण लिंग जांच का खेल पकड़ा है। आरोपी नीलम और सोनू गर्भपात कराते थे। पुलिस की पूछताछ में पता चला है कि ये दंपती भ्रूण लिंग जांच के लिए 12 हजार रुपये और गर्भपात के लिए अलग से करीब आठ हजार रुपये लेते थे।

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उन्होंने बताया कि ये लोग फीटल डॉप्लर मशीन से भ्रूण लिंग जांच का दिखावा करते और गर्भ में बेटी पलने की जानकारी दे देते थे। फीटल डाॅप्लर मशीन गर्भस्थ शिशु की धड़कन सुनने के लिए उपयोग में लाई जाती है। बिना जांच के बेटी इसलिए बताते थे, जिससे गर्भवती के परिजन उसका गर्भपात करा दें और उनको अतिरिक्त पैसे मिलें। फीटल डॉप्लर मशीन और लैपटॉप जब्त किया गया है।

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झोलाछाप के जरिये एजेंट तक पहुंचते मरीज

भ्रूण लिंग जांच के केस जुटाने में झोलाछाप भी सहयोगी हैं। झोलाछाप परिवार को चिह्नित करते थे। भ्रूण लिंग जांच कराने के लिए वह एजेंट का नंबर उपलब्ध कराते थे। इसमें झोलाछाप का कमीशन तय था। एजेंट ऐदल सिंह मरीज को दो-तीन बार गलत पते पर बुलाता था, जब उसे लगता कि मरीज सही है, इसके बाद ही सही ठिकाने पर लेकर जाता था।

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भ्रूण लिंग जांच करते हुए डाॅक्टर भी पकड़े गए

आगरा में भ्रूण लिंग जांच के अभी तक आठ मामले पकड़े जा चुके हैं। ये राजस्थान और हरियाणा की टीम ने पकड़े हैं। आईएमए की पूर्व अध्यक्ष भी भ्रूण लिंग जांच में पकड़ी जा चुकी हैं। यमुनापार में तीन, सदर में एक, संजय प्लेस व रुनकता में एक-एक और फतेहाबाद में भी एक मामला पकड़ा गया था।

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