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दिल्ली की रियल एस्टेट कंपनी के 11 निदेशकों पर धोखाधड़ी का मुकदमा
Fri, 29 Mar 2019 12:54 AM IST
शाहरुख खान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: शाहरुख खान
Updated Fri, 29 Mar 2019 12:54 AM IST
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सांकेतिक तस्वीर
दिल्ली की सुपरटेक लिमिटेड कंपनी के 11 निदेशकों के खिलाफ थाना हरीपर्वत में धोखाधड़ी, अमानत में खयानत, जान से मारने की धमकी देने का मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस जांच कर रही है।
अतुल हाउस, नेहरू नगर निवासी संजीव मित्तल ने कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज कराया है। इसमें आरके आनंद, नरेंद्र माइरपदी, रामकिशोर अरोरा, संगीता अरोरा, विकास कंसल, मोहित अरोरा, शैलेंद्र कुमार पालीवाल, प्रदीप कुमार गोयल, अनिल कुमार जैन, गुलशन लाल खेरा और नीरज कुमार मिश्रा को नामजद किया है।
सभी सुपरटेक लिमिटेड, हेमकुंड चैंबर्स, नई दिल्ली के निदेशक हैंऔर सभी कार्यों के लिए उत्तरदायी हैं। आरोप है कि जनवरी 2010 में कंपनी के निदेशक आरके आनंद संजीव के घर आए।
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उन्होंने नोएडा में एक्सप्रेस वे पर बनी सुपरटेक एमरॉल्ड फोर्ट आवासीय योजना की जानकारी दी। इस पर संजीव ने अपार्टमेंट की 21वीं मंजिल पर एक फ्लैट के लिए 27.26 लाख रुपये में बुकिंग करा ली।
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अतुल हाउस, नेहरू नगर निवासी संजीव मित्तल ने कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज कराया है। इसमें आरके आनंद, नरेंद्र माइरपदी, रामकिशोर अरोरा, संगीता अरोरा, विकास कंसल, मोहित अरोरा, शैलेंद्र कुमार पालीवाल, प्रदीप कुमार गोयल, अनिल कुमार जैन, गुलशन लाल खेरा और नीरज कुमार मिश्रा को नामजद किया है।
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सभी सुपरटेक लिमिटेड, हेमकुंड चैंबर्स, नई दिल्ली के निदेशक हैंऔर सभी कार्यों के लिए उत्तरदायी हैं। आरोप है कि जनवरी 2010 में कंपनी के निदेशक आरके आनंद संजीव के घर आए।
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उन्होंने नोएडा में एक्सप्रेस वे पर बनी सुपरटेक एमरॉल्ड फोर्ट आवासीय योजना की जानकारी दी। इस पर संजीव ने अपार्टमेंट की 21वीं मंजिल पर एक फ्लैट के लिए 27.26 लाख रुपये में बुकिंग करा ली।
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इसके लिए रकम का भुगतान 12 जनवरी 2010 से 31 मार्च 2010 के बीच कर दिया। 36 महीने में फ्लैट तैयार करके बैनामा करने का वादा किया। 100 माह तक 25287 प्रतिमाह के हिसाब से पोस्टडेटेड चेक के माध्यम से प्रतिपूर्ति देने का वादा किया।
29 जुलाई 2018 तक तय अवधि पूरी हो गई। कंपनी ने न तो फ्लैट का बैनामा किया न ही रकम का भुगतान किया। बाद में पता चला कि नोएडा अथॉरिटी ने उक्त अपार्टमेंट को ध्वस्त करने के आदेश किए हैं। धोखाधड़ी का पता चलने पर पुलिस से शिकायत की। मगर, मुकदमा दर्ज नहीं हुआ। बाद में कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया। इंस्पेक्टर थाना हरीपर्वत ने बताया कि विवेचना की जा रही है।
29 जुलाई 2018 तक तय अवधि पूरी हो गई। कंपनी ने न तो फ्लैट का बैनामा किया न ही रकम का भुगतान किया। बाद में पता चला कि नोएडा अथॉरिटी ने उक्त अपार्टमेंट को ध्वस्त करने के आदेश किए हैं। धोखाधड़ी का पता चलने पर पुलिस से शिकायत की। मगर, मुकदमा दर्ज नहीं हुआ। बाद में कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया। इंस्पेक्टर थाना हरीपर्वत ने बताया कि विवेचना की जा रही है।