राममंदिर भूमि पूजन से पहले श्रीकृष्ण जन्मभूमि निर्माण न्यास का गठन, 14 राज्यों के 80 संत जुड़े
- अयोध्या के बाद अब मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मभूमि को मुक्त कराने के लिए आंदोलन की रणनीति पर चर्चा
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जहां एक तरफ अयोध्या में भगवान श्रीराम की जन्मभूमि पर मंदिर निर्माण की तैयारियां चल रही हैं। वहीं दूसरी तरफ मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मभूमि को भी मुक्त कराने के लिए श्रीकृष्ण जन्मभूमि निर्माण न्यास का गठन किया गया है। इस न्यास से देश के 14 राज्यों के 80 संतों को जोड़ा गया है।
शुक्रवार को आनंद वाटिका कॉलोनी स्थित रामा आश्रम गेस्ट हाउस में आयोजित श्रीकृष्ण जन्मभूमि निर्माण न्यास की बैठक में नवगठित न्यास के राष्ट्रीय अध्यक्ष आचार्य देवमुरारी बापू ने बताया कि ट्रस्ट 23 जुलाई हरियाली तीज को रजिस्टर्ड कराया गया है।
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ट्रस्ट में वृंदावन के 11 पदाधिकारी नियुक्त किए गए हैं। इसके अलावा 14 राज्यों के 80 संत, महामंडलेश्वर को जोड़ा गया है। राष्ट्रीय कार्यकारिणी की घोषणा कर दी गई है, जिसमें निर्णय लिया गया है कि ट्रस्ट में वृंदावन के संत और महंतों को जोड़ने के लिए हस्ताक्षर अभियान चलाया जाएगा।
ट्रस्ट से इन संतों को जोड़ा जाएगा
देवमुरारी बापू ने बताया कि इस ट्रस्ट में बैरागी, सन्यासी, उदासी आदि संतों को जोड़ा जाएगा और राष्ट्रीय स्तर पर आंदोलन चलाया जाएगा। इसका उद्देश्य श्रीकृष्ण जन्मभूमि को भी श्रीराम जन्मभूमि की तरह मुक्त कराना है।
उन्होंने बताया कि ट्रस्ट की पहली बैठक बीते एक फरवरी को वृंदावन में संतों के साथ की गई थी, जिसमें इसके विस्तार का निर्णय लिया गया था। उसी के अनुरूप कार्रवाई को आगे बढ़ाया गया है।
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बैठक में श्रीकृष्ण जन्मभूमि निर्माण न्यास के उपाध्यक्ष अनुराग तिवारी, संगठन महामंत्री उपदेश दास, महामंत्री नवल बिहारी शरण, मंत्री संत बालक दास, कोषाध्यक्ष कृष्णदास प्रेमियोगी, संगठन महामंत्री संत बृजभूषण बापू, प्रचार मंत्री संत गोपाल दास, महामंत्री बाल कृष्ण दास उपस्थित रहे।
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