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असरः सुषमा स्वराज ने सुनी 'सुदेवी दासी' की गुहार, वीजा अवधि मामले में अफसरों से मांगी रिपोर्ट

Sun, 26 May 2019 03:36 PM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा Published by: मुकेश कुमार Updated Sun, 26 May 2019 03:36 PM IST
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Foreign Minister Sushma Swaraj asks report over Sudevi Dasi visa
सुषमा स्वराज
मथुरा के राधाकुंड में 40 वर्षों से गोवंश की सेवा करने वाली जर्मनी की फ्रेडरिक इरिना ब्रूनिंग 'सुदेवी दासी' की गुहार को विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने सुना है। सुषमा स्वराज ने सुदेवी दासी के वीजा की अवधि न बढ़ाए जाने पर अफसरों से रिपोर्ट मांगी है।
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'जर्मन माई' के नाम से प्रसिद्धि पा चुकीं सुदेवी दासी को राष्ट्रपति द्वारा गो सेवा के लिए पदमश्री से सम्मानित किया जा चुका है। सुदेवी के वीजा की अवधि 25 जून को समाप्त हो रही है। उन्होंने वीजा अवधि बढ़वाने के लिए प्रार्थना पत्र भेजा था, जिसे स्वीकार नहीं किया गया। 
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इस पर सुदेवी दासी ने कहा था कि जब गायों की सेवा ही छूट जाएगी और जर्मनी वापस चली जाऊंगी तो पद्मश्री सम्मान का क्या करूंगी। इस खबर को अमर उजाला ने प्रमुखता के साथ प्रकाशित किया। अब सुदेवी दासी की गुहार सुषमा स्वराज तक पहुंच गई है। 
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सुषमा से मिलेंगी सुदेवी दासी

Foreign Minister Sushma Swaraj asks report over Sudevi Dasi visa
गोवंश के साथ सुदेवी दासी (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
विदेश मंत्री ने वीजा अवधि मामले में अफसरों से रिपोर्ट मांगी है। उधर, सुदेवी दासी ने कहा कि वो यहां रहकर गोवंश की सेवा करना चाहती हैं। जल्द सुषमा स्वराज से मिलने दिल्ली जाएंगी और लंबी वीजा अवधि या फिर भारत की नागरिकता की मांग करेंगी। 

सुदेवी दासी का वास्तविक नाम फ्रेडरिक इरिना ब्रूनिंग है। वो वर्ष 1978 में जर्मनी से ब्रज दर्शन के लिए आई थीं। इस पावन भूमि आकर इरिना इतनी प्रभावित हुईं कि उन्होंने गुरु दीक्षा के बाद अपना नाम सुदेवी दासी रख लिया। इसके बाद यहां की होकर रह गईं। 

सुदेवी दासी ने कौनहाई गांव में जमीन खरीद कर राधा सुरभि गोशाला का निर्माण करवाया। इसमें 1800 से अधिक गोवंश है। इनमें से करीब 800 गोवंश घायल एवं बीमार हैं, जिनका गोशाला में उपचार किया जा रहा है। सुदेवी दासी 40 वर्षों से यहां गोसेवा कर रही हैं। 
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