फ्लाइंग लेफ्टिनेंट की जमानत स्वीकृत: डेढ़ साल तक रिलेशनशिप, फिर शादी से मुकरने का आरोप, जानें पूरा मामला
वादिनी का कहना है कि डेढ़ साल तक रिलेशनशिप में रहने के बाद भी आरोपी फ्लाइंग लेफ्टिनेंट ने उससे शादी नहीं की। इन आरोपों पर न्यायालय में आरोपी के अधिवक्ता के तर्कों पर जमानत स्वीकृत हो गई।
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आगरा में दुष्कर्म के आरोपी राजस्थान के फ्लाइंग लेफ्टिनेंट रूपेश कुमार यादव ने कोर्ट में जमानत के लिए प्रार्थनापत्र प्रस्तुत किया। जिला जज विवेक संगल ने इसे स्वीकृत कर रिहाई के आदेश दे दिए।
ये है मामला
वादनी ने पुलिस कमिश्नर को शिकायती पत्र प्रेषित किया। आरोप लगाया कि सोशल साइट टिंडर से उसकी दोस्ती रूपेश कुमार से हुई थी। इसके बाद दोनों रिलेशनशिप में रहने लगे। करीब डेढ़ साल तक रिलेशनशिप में रहने के बाद उसने शादी करने से मना कर दिया। उसके दूसरी लड़कियों के साथ रहने पर वादनी ने इसका विरोध किया। इस आरोपी ने पीटकर जान से मारने की धमकी दी।
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अधिवक्ता ने दिए ये तर्क
जमानत प्रार्थना पत्र की सुनवाई के दौरान आरोपी के अधिवक्ता शिशुपाल सिंह सिंह कंसाना ने तर्क दिए कि वादनी की सहमति से दोनों में संबंध बने। आरोपी ने युवती से कभी शादी का वादा नहीं किया। वादनी ने मेडिकल कराने से भी मना कर दिया। वह बालिग है। विवेचक ने युवती से मुकदमे से संबंधित सबूत उपलब्ध कराने के लिए कहा मगर विवेचक को सबूत उपलब्ध नहीं कराए। मुकदमे में सुनवाई के बाद जिला जज ने आरोपी के अधिवक्ता शिशुपाल सिंह कंसाना के तर्क पर आरोपी की जमानत स्वीकृत कर एक-एक लाख रुपये की दो जमानत व इसी राशि के व्यक्तिगत बंध पत्र प्रस्तुत करने पर रिहाई के आदेश दे दिए।
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