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UP: वेस्टर्न जोन में 250 करोड़ की लागत से बिछाई गईं सीवर लाइन में खामियां, पार्षदों ने शुरू किया विरोध

Wed, 14 May 2025 09:43 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा Published by: धीरेन्द्र सिंह Updated Wed, 14 May 2025 09:43 AM IST
सार

आगरा के वेस्टर्न जोन में 250 करोड़ की लागत से बिछी सीवर लाइन प्रोजेक्ट में खामियां हैं। इस आरोप के साथ मनीषा कंस्ट्रक्शन का कार्य पूर्ण होने पर जलकल विभाग को हस्तांतरण करने का पार्षदों ने विरोध शुरू कर दिया है। 

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Flaws in sewer line laid at a cost of Rs 250 crore in Western Zone councillors started protesting
सीवर लाइन - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

आगरा के वेस्टर्न जोन में 250 करोड़ की लागत से बिछाई गईं सीवर लाइन के कार्य में खामियों के आरोप लग रहे हैं। कहीं सड़कों पर सीवर बह रहा है तो कहीं मैनहोल ठीक से नहीं बनाए गए हैं। अपार्टमेंट में कनेक्शन देने के नाम पर भी धन का बंदरबाट किया गया है। अब कार्य पूर्ण होने पर हस्तांतरण की प्रक्रिया का पार्षदों ने विरोध शुरू कर दिया है।
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जल निगम की ओर से अमृत योजना-2 के अंतर्गत वेस्टर्न जोन में सीवर लाइन डालने का कार्य कराया गया है। इसकी अवधि वर्ष 2019 से 2023 तक रही। 353 किलोमीटर मीटर लंबी लाइन डाली गई। इसका ठेका मनीषा कंस्ट्रक्शन कंपनी को दिया गया। पूरे प्रोजेक्ट पर 250 करोड़ रुपये खर्च हुए।
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अब इन लाइनों को जलकल विभाग को हैंडओवर करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। 8 अक्तूबर 2024 को नगर निगम सदन के आठवें अधिवेशन में पार्षद रवि बिहारी माथुर, राकेश जैन, शरद चाैहान, हेमलता चाैहान, कप्तान सिंह आदि ने कंपनी के काम पर सवाल उठाए थे।

 
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पार्षद रवि बिहारी माथुर का आरोप है कि कई इलाकों में सीवर लाइन की स्थिति खराब है। बारिश में लाइन चोक हो जाती हैं। इससे घरों में पानी भर जाता है। जगदीशपुरा, लोहामंडी क्षेत्र के कई इलाकों में सीवर सड़क पर बहता दिखता है। कंपनी को 38 इंच का पाइप डालना था। मगर, पाइप 35 इंच का डाला गया है। मैनहोल की दशा भी खराब है।

इस कार्य में करोड़ों की हेराफेरी की गई है। सीवर लाइन डालने का कार्य मनीषा कंस्ट्रक्शन पर था। मगर, जलकल अधिकारियों ने 100 करोड़ का काम ईएमएस कंपनी से कराया। यह नियम के खिलाफ है। पार्षद राकेश जैन ने भी जल निगम के अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठाया था। उन्होंने कहा था कि अपार्टमेंट में बिल्डर पूरा कार्य कराते हैं। इसके बावजूद कंपनी ने नाममात्र के कनेक्शन कर पूरा कार्य दर्शाया।

 

कई इलाकों में लाइन बिछाने के बाद कनेक्शन नहीं दिए गए। अब सीवर प्रोजेक्ट के हस्तांतरण की प्रक्रिया शुरू होने के बाद पार्षद विरोध करने लगे हैं। उनका कहना है कि पहले पूरे प्रोजेक्ट की स्थिति की जांच हो। कंपनी की खामियों पर जुर्माना लगाया जाए। जहां पर दिक्कत है उसे सही कराया जाना चाहिए। इसके बाद ही हस्तांतरण होना चाहिए।

 

पार्षद समस्या बताएंगे तो देखेंगे
जल निगम के अधिशासी अभियंता स्वतंत्र सिंह ने बताया कि वेस्टर्न जोन के शास्त्रीपुरम, आवास विकास, जगदीशपुरा, रूई की मंडी, पश्चिम पुरी आदि इलाकों में सीवर लाइन डालने का कार्य हुआ है। यह कार्य वर्ष 2023 में पूरा हो चुका है। प्रोजेक्ट जलकल विभाग को हस्तांतरित होना है। मगर, अभी फिलहाल हस्तांतरण नहीं किया गया है। अगर, पार्षद किसी क्षेत्र की समस्याएं बताएंगे तो उसे देखा जाएगा।
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