कासगंज। जिले के पांच गांव में मंगलवार को आग की चिंगारी ने तांडव मचाया। पटियाली के गांव रानी डामर में आग से सर्वाधिक क्षति हुई है। यहां 39 कच्चे मकान, झोंपड़ियां, पशुओं के घेर आग की चपेट में आ गए। वहीं पहलोई और नमैनी, मंडनपुर में खलियानों में आग से गेहूं की फसलें जल गईं। पचास बीघा से अधिक गेहूं की फसलों के जलने का आंकलन किया गया है। आग की सूचना पर दमकल की गाड़ियां आग बुझाने की कोशिशों में जुटी रहीं लेकिन एक साथ कई गांव में आग की घटना होने के कारण दमकल समय से नहीं पहुंच सकीं। आग की क्षति का राजस्व टीमें आकलन कर रही हैं।
रानीडामर गांव में मंगलवार दोपहर लगभग 2 बजे अग्निकांड की घटना हुई। यहां गांव के उदयवीर सिंह की झोपड़ी में अज्ञात कारणों से आग लगी । तेज हवाओं के कारण चिंगारी अन्य झोंपड़ियों तक पहुंच गई। सूचना दमकल विभाग को दी। आरोप है कि दमकल वाहन मौके पर नहीं पहुंचा। ग्रामीणों ने निजी नलकूपों व अन्य संसाधनों से लगभग 4 घंटों तक आग पर काबू पाने के लिए मशक्कत की। तीन पशु भी आग से जलकर झुलस गए। वहीं नगला पहलोई में गेहूं की फसल में आग लग गई। नौ किसानों की करीब लगभग 40 बीघा से अधिक गेहूं फसल जल गई। इसके अलावा तीसरी घटना सहावर क्षेत्र के गांव मंडनपुर में हुई। यहां हाईटेंशन लाइन की चिंगारी से ग्रामीण गोपाल की 15 बीघा गेहूं की फसल जल गई। वहीं गांव नमैनी में अज्ञात कारणों से बुर्जी बिटौरों में आग लगी। वहीं मल्लाह नगर में पांच झोंपड़ियां जल गईं और लहसुन की फसल जल गई। डीएम सीपी सिंह के निर्देश पर सभी तहसीलों के अधिकारी व राजस्व टीमें मौके पर पहुंची।