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Mahakumbh 2025: राखी को 13 वर्ष की उम्र में बनाया साध्वी, फिर जूना अखाड़े का ये फैसला; दादा-दादी का आया बयान
Mon, 13 Jan 2025 10:29 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Mon, 13 Jan 2025 10:29 AM IST
सार
जूना अखाड़े ने 13 साल की लड़की का साध्वी बनाया जाना स्वीकार नहीं किया। दीक्षा दिलाने वाले महंत कौशल गिरि को सात साल के लिए अखाड़े से निष्कासित कर दिया गया है। इस मामले में साध्वी बनने की जिद पर अड़ी राखी के दादा-दादी का बयान आया है।
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राखी के दादा-दादी
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
उत्तर प्रदेश के आगरा जिले के गांव टरकपुरा की राखी जूना अखाड़े की दीक्षा लेकर साध्वी बन गई है। वहीं 13 वर्ष की नाबालिग को साध्वी बनाकर दान के रूप में प्राप्त करने वाले जूना अखाड़े के महंत कौशल गिरि को सात साल के लिए अखाड़े से निष्कासित कर दिया गया है। अब राखी के साध्वी बनने के मामले में उसके दादा-दादी का पहली बार बयान सामने आया है।
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साध्वी बनने की अभी नहीं है उम्र
राखी के 65 वर्षीय दादा रोहतान सिंह धाकरे ने कहा कि हम तो खुश इसलिए हैं क्योंकि अभी इसकी उम्र नहीं है, इस काम के लिए। अखाड़े में शामिल होने की हमें कोई जानकारी नहीं थी। जब मीडिया वाले घर आए तब हमें इसकी जानकारी हुई। दादी राधा देवी ने बताया वह हमारे पास नहीं रहती।
राखी के 65 वर्षीय दादा रोहतान सिंह धाकरे ने कहा कि हम तो खुश इसलिए हैं क्योंकि अभी इसकी उम्र नहीं है, इस काम के लिए। अखाड़े में शामिल होने की हमें कोई जानकारी नहीं थी। जब मीडिया वाले घर आए तब हमें इसकी जानकारी हुई। दादी राधा देवी ने बताया वह हमारे पास नहीं रहती।
जूना अखाड़े का निर्णय सही
दादा से जब पूछा गया कि परिवार का राखी को साध्वी बनाने का निर्णय सही था या फिर जूना अखाड़े का, तो उनका कहना था कि जूना अखाड़ा ने जो निर्णय किया है, वह सही है। कम से कम उम्र तो देखनी चाहिए।
ये भी पढ़ें - Mahakumbh 2025: कौन हैं 13 वर्षीय राखी को दीक्षा दिलाने वाले महंत कौशल गिरी उर्फ लटूरी बाबा, भाई ने खोले राज
दादा से जब पूछा गया कि परिवार का राखी को साध्वी बनाने का निर्णय सही था या फिर जूना अखाड़े का, तो उनका कहना था कि जूना अखाड़ा ने जो निर्णय किया है, वह सही है। कम से कम उम्र तो देखनी चाहिए।
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वापस घर भेजा गया
13 वर्ष की नाबालिग को साध्वी बनाकर दान के रूप में प्राप्त करने वाले जूना अखाड़े के महंत कौशल गिरि को सात साल के लिए अखाड़े से निष्कासित कर दिया गया है। इसके साथ ही राखी को वापस घर भेज दिया गया। वहां राखी को नया नाम गौरी गिरी महारानी दिया गया। वे परिजनों के साथ मथुरा के गोकुल आ गईं। राखी परिवार की सबसे बड़ी बेटी हैं। दूसरी बेटी निक्की सात साल की है।
ये भी पढ़ें - आरिफ से प्यार की सजा: धर्म छोड़कर बिल्डर की बेटी ने जिससे किया निकाह, वो बना हैवान...इस तरह बर्बाद कर दी जिंदगी
13 वर्ष की नाबालिग को साध्वी बनाकर दान के रूप में प्राप्त करने वाले जूना अखाड़े के महंत कौशल गिरि को सात साल के लिए अखाड़े से निष्कासित कर दिया गया है। इसके साथ ही राखी को वापस घर भेज दिया गया। वहां राखी को नया नाम गौरी गिरी महारानी दिया गया। वे परिजनों के साथ मथुरा के गोकुल आ गईं। राखी परिवार की सबसे बड़ी बेटी हैं। दूसरी बेटी निक्की सात साल की है।
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