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ग्रामीण बने मददगार, अब प्रशासन से सरकारी छत की दरकार
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कासगंज। पटियाली क्षेत्र के गांव धनसिंहपुर में सोमवार को हुए अग्निकांड में दो वर्ष की मासूम की मौत के साथ ही घरेलू सामान भी जल गया। इससे परिवार के पास सिर ढकने को छत भी नहीं रही। ग्रामीणों ने परिवार के खाने पीने का इंतजाम तो कर दिया, लेकिन अब लोग प्रशासन से सरकारी छत की मांग कर रहे हैं। तहसील प्रशासन ने दावा किया है कि झोंपड़ी के लिए इस परिवार को सरकारी योजना के तहत धनराशि दी जाएगी।
धनसिंहपुर निवासी संजय बाल्मिकी के घर में आग लगने से दो वर्ष की मासूम बेटी के साथ सारा सामान भी जल गया। इस दोहरे दर्द से उसका परिवार परेशान है। सोमवार रात को ग्रामीणों ने खाने पीने की तो व्यवस्था कर दी। लेनिक सिर ढकने के लिए छत नहीं थी। रात उसने खुले आसमान के नीचे बिता ली।
मंगलवार को जली झोंपड़ी के पास खड़े पेड़ के नीचे इस परिवार ने दिन गुजारा। तहसीलदार ने लेखपाल से तत्काल रिपोर्ट मांगी और आश्वासन दिया कि संजय का बैंक खाता खुलते ही झोपड़ी के लिए सरकारी योजना के तहत 3800 रुपये की धनराशि दी जाएगी।
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बैंक में खुलवाया गया संजय का खाता
तहसील प्रशासन ने दैवीय आपदा के तहत इस परिवार को 4 लाख रुपये मुआवजे का आश्वासन दिया। प्रशासन ने पत्रावली तैयार की। धनराशि भेजने के लिए संजय के बैंक खाते की डिटेल मांगी गई, लेकिन किसी बैंक में उसका कोई खाता नहीं था। ऐसे में तहसीलदार ने हलका लेखपाल को संजय के साथ बैंक भेजा और तत्काल खाता खुलवाया। तहसीलीदार ने आश्वासन दिया है कि चार लाख रुपये की धनराशि जल्द ही संजय के खाते में भेज दी जाएगी।
- दैवीय आपदा की मुआवजा राशि के अलावा पीड़ित परिवार को झोंपड़ी के लिए सरकारी नियमों के तहत धनराशि दी जाएगी। जल्द ही बैंक खाते में रुपये भेज दिए जाएंगे।- तिमराज सिंह, तहसीलदार।
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धनसिंहपुर निवासी संजय बाल्मिकी के घर में आग लगने से दो वर्ष की मासूम बेटी के साथ सारा सामान भी जल गया। इस दोहरे दर्द से उसका परिवार परेशान है। सोमवार रात को ग्रामीणों ने खाने पीने की तो व्यवस्था कर दी। लेनिक सिर ढकने के लिए छत नहीं थी। रात उसने खुले आसमान के नीचे बिता ली।
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मंगलवार को जली झोंपड़ी के पास खड़े पेड़ के नीचे इस परिवार ने दिन गुजारा। तहसीलदार ने लेखपाल से तत्काल रिपोर्ट मांगी और आश्वासन दिया कि संजय का बैंक खाता खुलते ही झोपड़ी के लिए सरकारी योजना के तहत 3800 रुपये की धनराशि दी जाएगी।
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बैंक में खुलवाया गया संजय का खाता
तहसील प्रशासन ने दैवीय आपदा के तहत इस परिवार को 4 लाख रुपये मुआवजे का आश्वासन दिया। प्रशासन ने पत्रावली तैयार की। धनराशि भेजने के लिए संजय के बैंक खाते की डिटेल मांगी गई, लेकिन किसी बैंक में उसका कोई खाता नहीं था। ऐसे में तहसीलदार ने हलका लेखपाल को संजय के साथ बैंक भेजा और तत्काल खाता खुलवाया। तहसीलीदार ने आश्वासन दिया है कि चार लाख रुपये की धनराशि जल्द ही संजय के खाते में भेज दी जाएगी।
- दैवीय आपदा की मुआवजा राशि के अलावा पीड़ित परिवार को झोंपड़ी के लिए सरकारी नियमों के तहत धनराशि दी जाएगी। जल्द ही बैंक खाते में रुपये भेज दिए जाएंगे।- तिमराज सिंह, तहसीलदार।