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यहां आग लग गई तो खुदा ही खैर करेगा
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08एमएनपी-25-मोहल्ला छपट्टी की संकरी गली
- फोटो : MAINPURI
मैनपुरी। दिल्ली में लगी आग ने आधा सैकड़ा जिंदगियों को मौत के मुंह में धकेल दिया। व्यवस्थाओं के अभाव में ही इतना बड़ा हादसा हुआ। जिले में भी ऐसे घने बाजार और बस्तियां हैं जहां अग्निकांड से बचने के कोई इंतजाम नहीं है। यहां अगर आग लगे तो भगवान ही मालिक है।
शहर का बाजाजा बाजार शहर का सबसे व्यस्ततम बाजार है। यहां रोजाना हजारों लोग आते जाते हैं। मुख्य गली में तो पर्याप्त जगह है, लेकिन दुकानों के चलते ये रोड भी संकरी हो गई है। इसके अलावा बजाजा बाजार की 12 से अधिक गलियां में बाइक के अलावा कुछ भी जाना संभव नहीं है। अगर यहां आग लगे तो इसे बुझाना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन होगा। इतना ही नहीं दुकानों में न तो आग बुझाने के उपकरण लगाए गए हैं और न ही हाइड्रेंट प्वाइंट हैं। ऐसे में आग बुझाने के लिए पानी भी उपलब्ध नहीं होगा।
इसके अलावा शहर में कई बस्तियां भी ऐसी हैं, जिनमें आग बुझाना नामुमकिन होगा। शहर के छपट्टी की ही अगर बात करें तो यहां अधिकांश गलियां संकरी हैं। घनी बस्ती होने के चलते अगर आग लगती है तो इस पर काबू पाना भी नामुमकिन होगा। लेकिन इसकी किसी को कोई चिंता नहीं है। जब भी दिल्ली जैसे बड़े अग्निकांड होते हैं तो अग्रिशमन विभाग भी थोड़ी बहुत कसरत करता है, बाद में सब कुछ ठंडे बस्ते में चला जाता है।
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ये हैं शहर के संकरे इलाका
शहर में बड़ी संख्या में ऐसे क्षेत्र हैं जहां आवागमन में परेशानी होती है, लेकिन इनमें बाजार से लेकर घनी बस्ती है। इसमें बाटा वाली गली, लोहा मंडी, सुनार गली, कुम्हार मंडी, बांस वाली गली के अलावा बस्ती वाले इलाकों में कटरा मुहल्ला, सौतियाना, मिश्राना, किला बजरिया आदि में संकरी गलियां होने के चलते वाहन जाने की व्यवस्था नहीं है।
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शहर का बाजाजा बाजार शहर का सबसे व्यस्ततम बाजार है। यहां रोजाना हजारों लोग आते जाते हैं। मुख्य गली में तो पर्याप्त जगह है, लेकिन दुकानों के चलते ये रोड भी संकरी हो गई है। इसके अलावा बजाजा बाजार की 12 से अधिक गलियां में बाइक के अलावा कुछ भी जाना संभव नहीं है। अगर यहां आग लगे तो इसे बुझाना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन होगा। इतना ही नहीं दुकानों में न तो आग बुझाने के उपकरण लगाए गए हैं और न ही हाइड्रेंट प्वाइंट हैं। ऐसे में आग बुझाने के लिए पानी भी उपलब्ध नहीं होगा।
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इसके अलावा शहर में कई बस्तियां भी ऐसी हैं, जिनमें आग बुझाना नामुमकिन होगा। शहर के छपट्टी की ही अगर बात करें तो यहां अधिकांश गलियां संकरी हैं। घनी बस्ती होने के चलते अगर आग लगती है तो इस पर काबू पाना भी नामुमकिन होगा। लेकिन इसकी किसी को कोई चिंता नहीं है। जब भी दिल्ली जैसे बड़े अग्निकांड होते हैं तो अग्रिशमन विभाग भी थोड़ी बहुत कसरत करता है, बाद में सब कुछ ठंडे बस्ते में चला जाता है।
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ये हैं शहर के संकरे इलाका
शहर में बड़ी संख्या में ऐसे क्षेत्र हैं जहां आवागमन में परेशानी होती है, लेकिन इनमें बाजार से लेकर घनी बस्ती है। इसमें बाटा वाली गली, लोहा मंडी, सुनार गली, कुम्हार मंडी, बांस वाली गली के अलावा बस्ती वाले इलाकों में कटरा मुहल्ला, सौतियाना, मिश्राना, किला बजरिया आदि में संकरी गलियां होने के चलते वाहन जाने की व्यवस्था नहीं है।