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आगरा: केमिकल गोदाम में लगी भीषण आग, छह दमकलों ने चार घंटे की मेहनत के बाद पाया काबू
Wed, 13 Oct 2021 09:38 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Wed, 13 Oct 2021 09:38 AM IST
सार
थाना हरीपर्वत के प्रभारी निरीक्षक अरविंद कुमार ने बताया कि ड्रम फटने से धमाके हो रहे थे। जूता फैक्टरी से सामान निकलवा दिया गया। आग की लपटें तकरीबन 40 से 50 फुट जा रही थीं। यह हाईवे से भी नजर आ रही थीं। इससे लोग दहशत में आ गए। डर था कि दूसरी फैक्टरी तक आग नहीं पहुंच जाए। छह दमकल आग बुझाने में लगीं।
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केमिकल गोदाम में आग
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
आगरा में वाटर वर्क्स चौराहा के पास तकिया लाल मस्जिद इलाके में बुधवार तड़के तकरीबन साढ़े चार बजे दिनेश अग्रवाल के केमिकल के गोदाम में भीषण आग लग गई। गोदाम में केमिकल के ड्रम फटने से धमाके हुए। इससे दहशत फैल गई। छह दमकलों ने तकरीबन चार घंटे की कवायद के बाद आग पर काबू पाया। अग्निकांड से गोदाम की छत ढह गई। अग्निशमन विभाग के मुताबिक संभवत: आग शार्ट सर्किट से लगी। हालांकि जांच के बाद ही स्थिति साफ होगी।
दिनेश अग्रवाल के केमिकल के गोदाम में जूते बनाने में प्रयोग होने वाला केमिकल बनाया जाता है। ड्रमों में केमिकल रखा जाता है। इन्हें छोटे डब्बों में भरकर बेचते हैं। जिस जगह पर गोदाम है, उसके बगल में जूता फैक्टरी है। इसके अलावा इलाके में कुकर और जिम के उपकरण बनाने की फैक्टरी संचालित होती है।
केमिकल गोदाम के बगल में श्याम कुमार का परिवार रहता है। बुधवार सुबह उनकी पत्नी कमरे से बाहर आई थीं। उन्होंने आग लगता देखकर पड़ोसियों को जानकारी दी। परिवार के लोगों को बाहर निकाला। सूचना पर थाना हरीपर्वत पुलिस और दमकल पहुंच गईं।
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थाना हरीपर्वत के प्रभारी निरीक्षक अरविंद कुमार ने बताया कि ड्रम फटने से धमाके हो रहे थे। जूता फैक्टरी से सामान निकलवा दिया गया। आग की लपटें तकरीबन 40 से 50 फुट जा रही थीं। यह हाईवे से भी नजर आ रही थीं। इससे लोग दहशत में आ गए। डर था कि दूसरी फैक्टरी तक आग नहीं पहुंच जाए। छह दमकल आग बुझाने में लगीं। इसके लिए गोदाम के पिछले हिस्से की दीवार भी तोड़नी पड़ी। सुबह साढ़े आठ बजे आग बुझ सकी। आग की वजह से गोदाम की छत भी ढह गई।
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दिनेश अग्रवाल के केमिकल के गोदाम में जूते बनाने में प्रयोग होने वाला केमिकल बनाया जाता है। ड्रमों में केमिकल रखा जाता है। इन्हें छोटे डब्बों में भरकर बेचते हैं। जिस जगह पर गोदाम है, उसके बगल में जूता फैक्टरी है। इसके अलावा इलाके में कुकर और जिम के उपकरण बनाने की फैक्टरी संचालित होती है।
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केमिकल गोदाम के बगल में श्याम कुमार का परिवार रहता है। बुधवार सुबह उनकी पत्नी कमरे से बाहर आई थीं। उन्होंने आग लगता देखकर पड़ोसियों को जानकारी दी। परिवार के लोगों को बाहर निकाला। सूचना पर थाना हरीपर्वत पुलिस और दमकल पहुंच गईं।
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थाना हरीपर्वत के प्रभारी निरीक्षक अरविंद कुमार ने बताया कि ड्रम फटने से धमाके हो रहे थे। जूता फैक्टरी से सामान निकलवा दिया गया। आग की लपटें तकरीबन 40 से 50 फुट जा रही थीं। यह हाईवे से भी नजर आ रही थीं। इससे लोग दहशत में आ गए। डर था कि दूसरी फैक्टरी तक आग नहीं पहुंच जाए। छह दमकल आग बुझाने में लगीं। इसके लिए गोदाम के पिछले हिस्से की दीवार भी तोड़नी पड़ी। सुबह साढ़े आठ बजे आग बुझ सकी। आग की वजह से गोदाम की छत भी ढह गई।
बिना फायर एनओसी बनाया था गोदाम
मुख्य अग्निशमन अधिकारी अक्षय रंजन शर्मा ने बताया कि केमिकल गोदाम की जानकारी विभाग को नहीं है। इसके लिए फायर एनओसी नहीं ली गई थी। इसके साथ ही मालिक मौके पर गोदाम का लाइसेंस भी नहीं दिखा सके। जिस समय हादसा हुआ, उस समय कोई मौजूद नहीं था। केमिकल के ड्रम फटने से धमाके हुए। आग लगने का कारण संभवत: शार्ट सर्किट है। हालांकि जांच के लिए एफएसओ को निर्देशित किया गया है। आग बुझाने के प्रर्याप्त इंतजाम थे या नहीं? यह पता किया जाएगा। मालिक से लाइसेंस के कागजात भी दिखाने के लिए कहा गया है। इलाका इंडस्ट्रियल है।
फोम से काबू हो सकी आग
दमकल कर्मियों ने बताया कि जूते के केमिकल में आग बुझाना आसान नहीं होता है। इसको बुझाने के लिए फोम का प्रयोग करना होता है। पहले पांच दमकल भेजी गई थीं। बाद में फोम टेंडर भी भेजा गया। तब कहीं आग काबू में आ सकी। गोदाम की छत भी ढह गई।
सिकंदरा में केमिकल फैक्टरी में लगी थी आग
सात सितंबर 2020 को सिकंदरा स्थित केमिकल फैक्टरी में भीषण आग लगी थी। आग की लपटें कई किलोमीटर दूर से नजर आ रही थी। पुलिस ने हाईवे पर ट्रैफिक रोका था। आग से आसपास के लोग भी दहशत में आ गए थे। फैक्टरी पर प्रशासन ने भी कार्रवाई की थी। आग बुझाने के इंतजाम नहीं थे।
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मुख्य अग्निशमन अधिकारी अक्षय रंजन शर्मा ने बताया कि केमिकल गोदाम की जानकारी विभाग को नहीं है। इसके लिए फायर एनओसी नहीं ली गई थी। इसके साथ ही मालिक मौके पर गोदाम का लाइसेंस भी नहीं दिखा सके। जिस समय हादसा हुआ, उस समय कोई मौजूद नहीं था। केमिकल के ड्रम फटने से धमाके हुए। आग लगने का कारण संभवत: शार्ट सर्किट है। हालांकि जांच के लिए एफएसओ को निर्देशित किया गया है। आग बुझाने के प्रर्याप्त इंतजाम थे या नहीं? यह पता किया जाएगा। मालिक से लाइसेंस के कागजात भी दिखाने के लिए कहा गया है। इलाका इंडस्ट्रियल है।
फोम से काबू हो सकी आग
दमकल कर्मियों ने बताया कि जूते के केमिकल में आग बुझाना आसान नहीं होता है। इसको बुझाने के लिए फोम का प्रयोग करना होता है। पहले पांच दमकल भेजी गई थीं। बाद में फोम टेंडर भी भेजा गया। तब कहीं आग काबू में आ सकी। गोदाम की छत भी ढह गई।
सिकंदरा में केमिकल फैक्टरी में लगी थी आग
सात सितंबर 2020 को सिकंदरा स्थित केमिकल फैक्टरी में भीषण आग लगी थी। आग की लपटें कई किलोमीटर दूर से नजर आ रही थी। पुलिस ने हाईवे पर ट्रैफिक रोका था। आग से आसपास के लोग भी दहशत में आ गए थे। फैक्टरी पर प्रशासन ने भी कार्रवाई की थी। आग बुझाने के इंतजाम नहीं थे।
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