{"_id":"5fef4d0f76334a1e9c7f65c0","slug":"fir-against-pakistani-woaman-bano-in-etah-crime-news","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"पाकिस्तानी महिला के खिलाफ मुकदमा दर्ज, तथ्य छिपाकर चुनी गईं थीं प्रधान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पाकिस्तानी महिला के खिलाफ मुकदमा दर्ज, तथ्य छिपाकर चुनी गईं थीं प्रधान
Sat, 02 Jan 2021 12:12 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, एटा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, एटा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Sat, 02 Jan 2021 12:12 AM IST
सार
गौरतलब है कि गांव पंचायत गुदाऊ में प्रधान के निधन के बाद ग्राम पंचायत सदस्य बानो को ग्राम पंचायत समिति का अध्यक्ष बनाया गया था। यह समाचार अमर उजाला ने प्रकाशित किया, इसके बाद खुफिया एजेंसियां सक्रिय हुई और जांच में तथ्य निकलकर आया कि बानो ने चुनाव के समय जो शपथ पत्र दिया था, उसमें अपने पाकिस्तानी मूल का होने के तथ्य को छिपाया।
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
एटा जनपद के थाना जलेसर की ग्राम पंचायत गुदाऊ में दस्तावेजों में तथ्य छिपाकर ग्राम पंचायत सदस्य पद का चुनाव लड़ने और प्रधान के निधन के बाद ग्राम पंचायत समिति का अध्यक्ष बनने वाली पाकिस्तानी महिला बानो के खिलाफ शुक्रवार की देर शाम डीपीआरओ के आदेश पर पूर्व ग्राम पंचायत सचिव ने मुकदमा दर्ज कराया है।
गौरतलब है कि गांव पंचायत गुदाऊ में प्रधान के निधन के बाद ग्राम पंचायत सदस्य बानो को ग्राम पंचायत समिति का अध्यक्ष बनाया गया था। यह समाचार अमर उजाला ने प्रकाशित किया, इसके बाद खुफिया एजेंसियां सक्रिय हुई और जांच में तथ्य निकलकर आया कि बानो ने चुनाव के समय जो शपथ पत्र दिया था, उसमें अपने पाकिस्तानी मूल का होने के तथ्य को छिपाया।
ये भी पढ़ें- पाकिस्तानी महिला पर दर्ज होगी एफआईआर, चुनाव के दौरान छिपाई नागरिकता और अभिलेख
विज्ञापन
इस पर जिला पंचायत राज अधिकारी आलोक प्रियदर्शी ने तत्कालीन ग्राम पंचायत सचिव को बानो के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के आदेश दिए, वहीं डीएम के आदेश पर महिला का वोटर लिस्ट से नाम भी काट दिया गया। वहीं बानो ने खबर प्रकाशित होने के दूसरे दिन ही जिला पंचायत अध्यक्ष को अपना इस्तीफा सौंप दिया था।
विज्ञापन
गौरतलब है कि गांव पंचायत गुदाऊ में प्रधान के निधन के बाद ग्राम पंचायत सदस्य बानो को ग्राम पंचायत समिति का अध्यक्ष बनाया गया था। यह समाचार अमर उजाला ने प्रकाशित किया, इसके बाद खुफिया एजेंसियां सक्रिय हुई और जांच में तथ्य निकलकर आया कि बानो ने चुनाव के समय जो शपथ पत्र दिया था, उसमें अपने पाकिस्तानी मूल का होने के तथ्य को छिपाया।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें- पाकिस्तानी महिला पर दर्ज होगी एफआईआर, चुनाव के दौरान छिपाई नागरिकता और अभिलेख
विज्ञापन
इस पर जिला पंचायत राज अधिकारी आलोक प्रियदर्शी ने तत्कालीन ग्राम पंचायत सचिव को बानो के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के आदेश दिए, वहीं डीएम के आदेश पर महिला का वोटर लिस्ट से नाम भी काट दिया गया। वहीं बानो ने खबर प्रकाशित होने के दूसरे दिन ही जिला पंचायत अध्यक्ष को अपना इस्तीफा सौंप दिया था।
पूर्व सचिव ध्यानपाल सिंह की ओर से नामित प्रधान बानो पत्नी अख्तर अली के खिलाफ शुक्रवार की देरशाम मुकदमा दर्ज कराया है। पंचायत सचिव का आरोप है कि वर्ष 2015 में हुए ग्राम पंचायत चुनाव के दौरान बानो पत्नी अख्तर ने गलत सूचनाएं दीं और ग्राम पंचायत समिति की सदस्य चुनी गईं।
इसके बाद ग्राम प्रधान की मौत होने पर ग्राम प्रधान नामित हो गईं। तथ्यों को छिपाकर देश में रहने वाली बानो वर्ष 1979 में पाकिस्तान से परिजनों के साथ आई थी और उसके बाद आगरा के अछनेरा स्थित गांव अरूआ में रहीं।
इनके पिता ने वर्ष 1975 में अख्तर अली निवासी गुदाऊ के साथ बानो का निकाह कर दिया और परिजन पाकिस्तान चले गए। वहीं बानो दीर्घकालीन बीजा पर यहां रहने लगीं। पुलिस ने तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
इसके बाद ग्राम प्रधान की मौत होने पर ग्राम प्रधान नामित हो गईं। तथ्यों को छिपाकर देश में रहने वाली बानो वर्ष 1979 में पाकिस्तान से परिजनों के साथ आई थी और उसके बाद आगरा के अछनेरा स्थित गांव अरूआ में रहीं।
इनके पिता ने वर्ष 1975 में अख्तर अली निवासी गुदाऊ के साथ बानो का निकाह कर दिया और परिजन पाकिस्तान चले गए। वहीं बानो दीर्घकालीन बीजा पर यहां रहने लगीं। पुलिस ने तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।