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पाकिस्तानी महिला पर दर्ज होगी एफआईआर, चुनाव के दौरान छिपाई नागरिकता और अभिलेख
Tue, 29 Dec 2020 05:22 PM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, एटा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, एटा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Tue, 29 Dec 2020 05:22 PM IST
सार
चुनाव के दौरान बानो ने अपनी नागरिकता के तथ्य व अभिलेख को छिपाया
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
एटा में ग्राम पंचायत गुदाऊ के समिति अध्यक्ष का पद संभालने वाली पाकिस्तानी महिला ने पिछले सप्ताह ही अपने पद से इस्तीफा दिया है। उन्होंने चुनाव के समय अपनी नागरिकता के तथ्य व अभिलेख छिपाए थे। अब महिला पर एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। इसके लिए डीपीआरओ ने ग्राम पंचायत सचिव को निर्देश दिए हैं।
ग्राम पंचायत गुदाऊ में समिति अध्यक्ष का पद संभाल रही पाकिस्तानी महिला बानो पत्नी अख्तर अली ने पिछले सप्ताह ही अपने पद से इस्तीफा जिला पंचायत अध्यक्ष को सौंप दिया है। इसके बाद खुफिया एजेंसी की पड़ताल में पाकिस्तानी महिला की स्थिति खुलकर सामने आई है। जिला पंचायत राज अधिकारी आलोक कुमार प्रियदर्शी ने बताया कि तत्कालीन ग्राम सचिव ध्यानपाल को बानो के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। वहीं तत्कालीन सचिव को चेतावनी दी है कि अगर इस काम में विलंब होता है तो उनके खिलाफ भी एफआईआर दर्ज कराई जाएगी, जिसके जिम्मेदार सचिव स्वयं होंगे।
1968 में हुआ बानो का जन्म
खुफिया एजेंसी की जांच आख्या के मुताबिक बानो का परिवार पाकिस्तान में रहता था। बानो के जन्म के समय इनका परिवार आगरा आ गाया। यहां अछनेरा, आगरा में वर्ष 1968 में बानो का जन्म हुआ था, लेकिन कुछ साल बाद इनका परिवार फिर पाकिस्तान चला गया। बाद में वीजा के अनुसार 1979 में परिवार दोबारा भारत आया और 1980 में जलेसर निवासी अख्तर अली के साथ बानो का निकाह कर दिया गया। उसके बाद पिता वापस पाकिस्तान चले गए। यहां उनका इंतकाल हो गया।
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ये भी पढ़ें- उम्मीद का उजियारा: लॉकडाउन से कारोबार में हुआ नुकसान, मेहनत से फिर पाया मुकाम
2015 के पंचायती चुनाव में बानो ने लिया भाग
पाक महिला बानो ने 2015 का पंचायती चुनाव अपनी नागरिकता के तथ्य व अभिलेख को छिपाकर लड़ा और सदस्य ग्राम पंचायत घोषित हुईं। इसके साथ ग्राम प्रधान पद के रिक्त के समय भी कार्यवाहक ग्राम प्रधान के रूप में चुना गया लेकिन उस दौरान भी इन्होंने अपने तथ्यों को छिपाया।
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ग्राम पंचायत गुदाऊ में समिति अध्यक्ष का पद संभाल रही पाकिस्तानी महिला बानो पत्नी अख्तर अली ने पिछले सप्ताह ही अपने पद से इस्तीफा जिला पंचायत अध्यक्ष को सौंप दिया है। इसके बाद खुफिया एजेंसी की पड़ताल में पाकिस्तानी महिला की स्थिति खुलकर सामने आई है। जिला पंचायत राज अधिकारी आलोक कुमार प्रियदर्शी ने बताया कि तत्कालीन ग्राम सचिव ध्यानपाल को बानो के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। वहीं तत्कालीन सचिव को चेतावनी दी है कि अगर इस काम में विलंब होता है तो उनके खिलाफ भी एफआईआर दर्ज कराई जाएगी, जिसके जिम्मेदार सचिव स्वयं होंगे।
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1968 में हुआ बानो का जन्म
खुफिया एजेंसी की जांच आख्या के मुताबिक बानो का परिवार पाकिस्तान में रहता था। बानो के जन्म के समय इनका परिवार आगरा आ गाया। यहां अछनेरा, आगरा में वर्ष 1968 में बानो का जन्म हुआ था, लेकिन कुछ साल बाद इनका परिवार फिर पाकिस्तान चला गया। बाद में वीजा के अनुसार 1979 में परिवार दोबारा भारत आया और 1980 में जलेसर निवासी अख्तर अली के साथ बानो का निकाह कर दिया गया। उसके बाद पिता वापस पाकिस्तान चले गए। यहां उनका इंतकाल हो गया।
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2015 के पंचायती चुनाव में बानो ने लिया भाग
पाक महिला बानो ने 2015 का पंचायती चुनाव अपनी नागरिकता के तथ्य व अभिलेख को छिपाकर लड़ा और सदस्य ग्राम पंचायत घोषित हुईं। इसके साथ ग्राम प्रधान पद के रिक्त के समय भी कार्यवाहक ग्राम प्रधान के रूप में चुना गया लेकिन उस दौरान भी इन्होंने अपने तथ्यों को छिपाया।